‘रणबीर सिंह की जयंती और पुण्य तिथि पर ही खुलते हैं पार्क के महिला शौचालय’
-पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के पिता के नाम पर आईएमटी में बना है रणबीर सिंह पार्क
-शौचालय की ओर जाने पर सुरक्षा गार्ड टोककर कहते हैं ‘पानी तो कोन्या, ताले लागरे हैं’
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। हुड्डा सरकार के दौरान उनके पिता के नाम पर बने रणबीर सिंह पार्क में अगर किसी महिला को शौचालय जाना है तो उसे वहां मौजूद सुरक्षा गार्डों से ‘पानी तो कोन्या, ताले लागरे हैं’ सुनने को मिलेगा। यहां दो महिला शौचालय हैं और दोनों पर ही हुडा होर्टीकल्चर विभाग में काम करने वाले श्रमिकों का कब्जा है। इसश्रमिकों के परिवार यहां रह रहे हैं। पार्क में आने वाली महिलाएं शौचालय का इस्तेमाल नहीं कर सकती हैं। पार्क में टहलने आए लोगों का कहना था कि महिला शौचालय तो सिर्फ रणधीर सिंह की जयंती और पुण्यतिथि पर वर्ष में दो बार ही खुलते हैं।
पार्क में आठ साल से तैनात सिक्योरिटी गार्ड विजय ने बताया कि महिला शौचालय बंद हैं, क्योंकि उनमें पानी की सप्लाई नहीं है। उसने बताया कि पुरुष शौचालय खुले हैं, वहीं पर जा सकते हैं। जबकि हकीकत यह है कि महिला शौचालयों पर श्रमिकों का कब्जा है। दोनों महिला शौचालयों को ठेकेदारों ने श्रमिकों के ठहरने के लिए खोल दिया है। ये श्रमिकों के अस्थाई निवास बन गए हैं। इस ओर विभाग और अधिकारियों का कोई ध्यान नहीं है। सरकार सफाई और स्वच्छता की बात करती है, लोगों को शौचालय का प्रयोग करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है और सरकार के पार्क में ही महिला शौचालयों पर कब्जा है।
जयंती और पुण्यतिथि के कार्यक्रम के बाद बंद कर दिए जाते हैं शौचालय
स्थानीय लोगों ने बताया कि जयंती और पुण्यतिथि के कार्यक्रम संपन्न होने के बाद शौचालयों को फिर से बंद कर दिया जाता है। कहने को शौचालय में पानी नहीं आ रहा है, लेकिन कार्यक्रमों के दौरान पानी आने लगता है।
बोले अधिकारी
हुडा के होर्टीकल्चर विभाग के एक्सईएन महेंद्र सिंह ने बताया कि वह हुडा के श्रमिक हैं। शौचालय में श्रमिक नहीं रह सकते हैं। महिला शौचालयों को खुलवाया जाएगा और पानी की आपूर्ति भी सुचारु की जाएगी।