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ईव-टीजिंग रोकने के लिए कॉलेजों के बाहर तैनात पीसीआर गायब

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अमर उजाला लाइव
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फोटो :
ईव-टीजिंग रोकने के लिए कॉलेजों के बाहर तैनात पीसीआर गायब
- छेड़छाड़ से आहत दो बेटियों के जान देने के बाद पुलिस ने बनाया था सुरक्षा प्लान
- छात्राओं की सुरक्षा के लिहाज से छुट्टी के दौरान पीसीआर को करनी होती है गश्त
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। ईव-टीजिंग रोकने को लेकर भले ही पुख्ता प्रबंध किए जाने के दावे किए जा रहे हों, मगर बेटियां सुरक्षित नहीं हैं। ईव-टीजिंग से आहत दो बेटियों के जान देने के बावजूद न मनचले बाज आ रहे हैं न छेड़छाड़ रुक रही है। इस घटना के बाद पुलिस ने अपना सुरक्षा प्लान बनाया था। सख्ती बरतते हुए मनचलों की धड़ाधड़ गिरफ्तारियां भी हुईं। अब पिछले काफी समय से व्यवस्था फिर बेपटरी हो चली है। बेलगाम लाडलों पर नकेल कसने वाली पुलिस शिक्षण संस्थानों के बाहर से नदारद है। महिला महाविद्यालयों व स्कूलों के बाहर तैनात रहने वाली महिला पीसीआर भी अब कभी कभार ही चक्कर लगाती है। ऐसे में बेटियों को मनचलों के कमेंट सुनने पड़ रहे हैं। बुधवार को अमर उजाला ने सुरक्षा इंतजाम जांचने के लिए विभिन्न कॉलेजों व शिक्षण संस्थनों का जायजा लिया तो यह सच सामने आया। महिला महाविद्यालय व एमकेजेके कॉलेज के बाद दिन भर कोई पीसीआर या राइडर नजर नहीं आई। नेकीराम कॉलेज के बाहर गेट पर एक पीसीआर तैनात रही।

नेपाली युवती कांड के बाद बनाई थी व्यवस्था
दिल्ली के निर्भया कांड के बाद रोहतक में हुए नेपाली युवती कांड ने पूरे समाज को झकझोर दिया था। इस भयावह हत्याकांड के बाद पुलिस विभाग ने बेटियों की सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करने के इंतजाम किए थे। थानों में महिला अपराध को लेकर तुरंत प्रभाव से कार्रवाई करने के निर्देश जारी हुए। बेटियों की सुरक्षा को लेकर भी व्यवस्था बनाई गई।
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छेड़छाड़ से आहत दो बेटियां दे चुकी हैं जान
बड़ा बाजार स्थित एक कोचिंग सेंटर की दो छात्राओं ने छेड़छाड़ से परेशान होकर जान दे दी थी। इसके बाद लोगों का हुजूम सड़कों पर उतरा। विरोध प्रदर्शन हुए। इसके चलते पुलिस विभाग ने सुरक्षा का प्लान तैयार किया। इस प्लान के तहत शिक्षण संस्थानों पर सुरक्षा के लिए पुलिस कर्मचारियों को तैनात किया गया। पीसीआर की ड्यूटी लगाई गई। छुट्टी के समय पुलिस गश्त भी सुनिश्चित की गई। शाम को पार्कों के आसपास महिला पुलिस की टीम ने विशेष अभियान चलाए।

कॉलेज के सामने से पकड़े मनचले
महिला पुलिस व स्वैट टीम ने पिछले दिनों साझा प्रयास किए। इसके तहत राजकीय महिला महाविद्यालय व एमकेजेके कॉलेज के बाहर पुलिस तैनात रही। महिला पुलिस ने स्वैट टीम के साथ मिलकर कॉलेज छात्राओं से छेड़छाड़ करने वाले अनेक मनचलों को दबोचा। अब पिछले काफी समय से यह प्रयास बंद है। यह अभियान फिर से शुरू करने की जरूरत है।

दाखिले के बहाने गर्ल्स कॉलेज में घुसे मनचले
बुधवार को कुछ मनचले गर्ल्स कॉलेज में घुस गए। आदत से लाचार इन मनचलों में कॉलेज परिसर में बेटियों से अभद्रता की तो मामला प्राचार्य तक पहुंचा। इसके बाद तुरंत दो कर्मचारियों को कॉलेज में घुसे मनचलों को निकालने के लिए लगाया गया। बाद में पता लगा कि ये दाखिले के बहाने कॉलेज में घुसे थे। प्राचार्य ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए ऐसे मामले में सख्ती बरतने के निर्देश जारी कर दिए हैं।

कालेज में दाखिला प्रक्रिया चल रही है। इस कारण कुछ बाहरी लोग भी अंदर घुस आए। शिकायत मिलते ही कार्रवाई करते हुए उन्हें बाहर किया गया। कालेज के बाहर पीसीआर लगातर रहती है। शायद कुछ समय से पीसीआर कभी कभार ही आती है। इस बारे में महिला थाने में पत्र भेज कर सुरक्षा की मांग की जाएगी। इसके अलावा कैंपस में सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं।
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डॉ. आशा अहलावत, प्राचार्य, राजकीय स्नातकोत्तर महिला महाविद्यालय।

पीसीआर है। गश्त भी की जा रही है। पहले स्वैट टीम साथ थी। इससे काम आसान रहता था। अब दोनों टीमें अलग-अलग काम कर रही हैं। बेटियों की सुरक्षा को लेकर पुलिस हर समय तत्पर है। व्यवस्था को और बेहतर बनाया जाएगा।
- इंस्पेक्टर गरीमा, प्रभारी, महिला थाना।
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