घुमंतू जातियों को आरक्षण का लाभ देने के लिए अलग श्रेणी बनाने पर सरकार कर रही विचार: अठावले
- केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री बोले- ओबीसी आयोग को संवैधानिक दर्जा दिलाने के लिए लाएंगे बिल
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास अठावले ने रविवार को मैना पर्यटन केंद्र में प्रेसवार्ता के दौरान कहा कि घुमंतू जाति के लोगों को आरक्षण का अधिक लाभ दिलाने के लिए सरकार एक अलग श्रेणी बनाने पर विचार कर रही है। उन्होंने कहा कि घुमंतू जाति के लोगों की स्थिति बेहद खराब है। उन्हें इससे उबारने की दिशा में सरकार कदम उठा रही है। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि ओबीसी आयोग को संवैधानिक दर्जा दिलाने के लिए आगामी संसद सत्र में बिल लाया जाएगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि ओबीसी आयोग को संवैधानिक दर्जा दिलाने के लिए लोकसभा में बिल पारित कर दिया गया था लेकिन कांग्रेस ने इसे राज्यसभा में पारित नहीं होने दिया। सामाजिक एकता को मजबूती देने के लिए दूसरी जाति के आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को भी 25 प्रतिशत आरक्षण मिलना चाहिए। इस आरक्षण से उन जातियों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ना चाहिए जो पहले से ही आरक्षण का लाभ ले रहीं हैं। इसके लिए संबंधित परिवार की 8 लाख रुपये तक की आय की शर्त लगनी चाहिए। इस संबंध में एनडीए की बैठक में भी प्रस्ताव रखा गया है। पदोन्नति में आरक्षण का भी स्थायी समाधान लाया जाएगा। अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निरोधक) अधिनियम पर उन्होंने बताया कि इस पर कोर्ट से स्टे है। इस पर अध्यादेश लाने पर विचार किया जा रहा है। दिव्यांगों के कल्याण के लिए बजट में बढ़ोतरी की है। नौकरियों में दिव्यांगों का आरक्षण तीन प्रतिशत से बढ़ाकर चार प्रतिशत कर दिया गया है और शिक्षा में पांच प्रतिशत किया गया है। दिव्यागों के लिए अलग सचिवालय बनाया गया है।
इस अवसर पर डीसी डॉ. यश गर्ग, पुलिस अधीक्षक जशनदीप सिंह रंधावा, एसडीएम रोहतक राकेश कुमार, तहसीलदार गुलाब सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी महाबीर गोदारा, जिला कल्याण अधिकारी रेणु सिसोदिया के अलावा भाजपा के जिला अध्यक्ष अजय बंसल, रमेश भाटिया, विकास रोहिल्ला, रणबीर चोपड़ा, मीनाक्षी नांदल, बीरसिंह हुड्डा, कुलविंद्र सिंह सिक्का व जसवंत बलियाना आदि उपस्थित थे। बाद में उन्होंने अधिकारियों की बैठक को भी संबोधित किया।