ओलावृष्टि से बिगोवा गांव में सबसे अधिक फसलें हुईं खराब
चरखी दादरी।
जिले में करीब तीन हजार एकड़ एरिया में गेहूं की फसलों को बारिश व ओलावृष्टि से नुकसान होने का अनुमान है। जिले में ओलावृष्टि से 30 से 70 तक नुकसान का अंदेशा राजस्व विभाग के अधिकारी जता रहे हैं। डीआरओ व तहसीलदार ओलावृष्टि से सबसे ज्यादा प्रभावित गांव बिगोवा का दौरा कर चुके हैं। अब गिरदावरी के मौखिक तौर पर आदेश जारी हो गए है लिखित में आदेश मिलते ही एक-दो रोज में गिरदावरी शुरू होने की उम्मीद है। जिले में गेहूं का कुल रकबा 57 हजार एकड़ है जिले में इस बार करीब साढ़े नौ लाख कुंतल गेहूं की पैदावार होने का अनुमान है।
जिले में पिछले सप्ताह से बारिश व ओलावृष्टि से काफी एरिया प्रभावित हुआ है। जिले में शुक्रवार को 36 एमएम बारिश हुई थी। इसके अलावा जहां ओलावृष्टि हुई है वहां बारिश का आंकड़ा 50 एमएम तक माना जा रहा है। शुक्र वार को काफी बारिश हुई थी। इससे गेहूं की फसल कई भागों में बिछ गई थी। सोमवार को गांव बिगोवा, इमलोटा व आसपास के एरिया में भारी ओलावृष्टि हुई थी। ओलावृष्टि से करीब दो हजार एकड़ गेहूं की फसल में नुकसान का आकलन है। गांव बिगोवा में ओलावृष्टि से सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। गांव के सरपंच राजपाल सिंह ने बताया कि गांव कुल रकबा करीब 2500 एकड़ है जिनमें से करीब दो हजार एकड़ में गेहूं की फसल है। उन्होंने बताया कि सरसों की फसल कट चुकी थी। गेहूं की कटाई का कार्य शुरू नहीं हुआ था। सरपंच ने बताया कि गांव के चारों ओर की सीमा में गेहूं की फसल में नुकसान है। जिले में तेज हवा के साथ हुई बारिश से भी करीब तीन हजार एकड़ फसल में नुकसान है। इस क्षेत्र में 15- 20 प्रतिशत तक नुकसान होने का अनुमान है। खेतों में गेहूं की फसल बिछ जाने पर किसान की लेबर भी बढ़ गई है तथा प्रति एकड़ औसत पैदावार पर भी प्रतिकूल असर पड़ने की संभावना है।
:: राजस्व अधिकारियों ने किया दौरा
राजस्व विभाग अधिकारियों ने गांव बिगोवा का दौरा नुकसान जायजा लिया है। जिला राजस्व अधिकारी राजकुमार व तहसीलदार नवनीत कुमार ने गांव बिगोवा का दौरा कर किसानों से बातचीत की। अब प्रभावित एरिया की गिरदावरी शुरू करवाने के लिए राजस्व विभाग लिखित आदेशों के इंतजार मेें है। अधिकारियों का कहना है कि गिरदावरी शुरू करने के मौखिक आदेश मिल चुके हैं।
:: साढे नौ लाख कुंतल से ज्यादा पैदावार की उम्मीद
जिले में इस बार गेहूं की पैदावार करीब साढ़े नौ लाख कुंतल तक पहुंचने की उम्मीद है। इस बार गेहूं का रकबा 57 हजार एकड़ है जबकि पिछले यह करीब 48 हजार एकड़ था। अनाज मंडी में इस समय करीब 12 हजार कुंतल से ज्यादा गेहूं व सरसों खुले में पड़ा है। शुक्रवार को आई तेज बारिश से मंडी में खुले में पड़ा करीब तीन हजार कुंतल गेहूं भीग गया था जिससे इस गेहूं की गुणवत्ता में 50 प्रतिशत तक गिरावट आई है हालांकि जेसीबी मशीन से सूखाकर गेहूं का रखरखाव जरूर किया जा रहा है।
वर्जन::
बिगोवा गांव में बर्बाद हुई गेहूं की फसल का हमने निरीक्षण किया है। जल्द ही जहां ज्यादा खराब है वहां गिरदावरी कार्य पटवारियों की मार्फत शुरू करा देंगे। इसके बाद अपनी रिपोर्ट सरकार को भेज देंगे।
राजकुमार अरोड़ा, जिला राजस्व अधिकारी