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मूलभूत सुविधाओं को तरसे पांच हजार मकान मालिक

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मूलभूत सुविधाओं को तरसे पांच हजार मकान मालिक
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चरखी दादरी।
शहर में करीब 20 साल से करीब पांच हजार मकान मालिक सीवरेज, सड़क, स्ट्रीट लाइट व पेयजल जैसी शहरी सुविधाओं को तरस रहे हैं। यह लोग इन मकानों को वैध एरिया में शामिल करने का लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं। इसमें कुछ एरिया है जो नगर परिषद की सीमा में है लेकिन वैधता न मिलने से विकास शून्य है। इसके अलावा कुछ बस्तियां ऐसी हैं जिनकी जमीन को लेकर पेच फंसा हुआ है। ये जमीन नगर परिषद की है या फिर ग्राम पंचायत की इस पर भी स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है। ऐसे में न तो यहां नगर परिषद विकास करवा पा रही है और न ही ग्राम पंचायत।
जानकारी के अनुसार शहर के ढाणी रोड पर प्रेमनगर कालोनी में करीब 400 मकान ऐसे हैं जो करीब तीन दशक से बने हैं। शहर से पूरी तरह से सटा हुआ ये एरिया गांव ढाणी फौगाट की जमीन में पड़ता है। यहां न तो पंचायत की ओर से विकास कार्य हो रहे हैं और न ही नगर परिषद की ओर से विकास कार्य कराए जा रहे हैं। इसी प्रकार लोहारू रोड पर भी गांव भैरवी की जमीन लगती है। रावलधी बाईपास पर भी सैकड़ों मकान है लेकिन यह रावलधी गांव की सीमा में हैं।
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चरखी दादरी के जिला बनने के बाद शहर में करीब पांच हजार ऐसे मकान हैं जो नगर परिषद की सीमा में नहीं आते। ऐसे में नगर परिषद की सीमा बढ़ जाने पर ही इन बाहरी कॉलोनियों में विकास का रास्ता खुलने की उम्मीद बन सकती है। कांग्रेस सरकार के शासनकाल में चरखी दादरी नगर पालिका का दर्जा बढ़ाकर इसे नगर परिषद बना दिया गया था। तब से ही शहरवासियों में नगर परिषद की सीमा बढ़ाए जाने पर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया था। नगर पालिका के समय शहर में 19 वार्ड थे बाद में यह वार्ड भी बढ़ाकर 21 कर दिए गए। पिछले करीब डेढ़ दशक में शहर की आबादी एवं आवासीय एरिया तेजी से बढ़ा है।
शहर के चारों ओर बढ़ा आबाद एरिया
शहर के चारो ओर आबाद एरिया बढ़ा है। महेेंद्रगढ़ रोड, भिवानी रोड,ढाणी रोड,घिकाड़ा रोड़, लोहारू रोड, रावलधी बाइपास व दिल्ली बाइपास एरिया में आवासीय बस्तियां बढ़ी हैं। इस एरिया में अधिकतर भाग इस समय अवैध ही माना जा रहा है। लोग इस एरिया में मकानों का निर्माण लगातार करते रहे। अब यह एरिया करीब 60 प्रतिशत से ज्यादा आबाद हो चुका है लेकिन शहरी उपभोक्ताओं की तर्ज पर इस एरिया में सीवरेज, स्ट्रीट लाइटें, पेयजल व सड़क जैसी मूलभूत सुविधाएं लोगों को नहीं मिल पा रही हैं। इस एरिया को वैध करने की लंबे समय से आवाज भी उठती रही है। नगर परिषद की सीमा बढ़ाए जाए पर ही इस एरिया में विकास के समान अवसर पैदा हो सकते हैं। शहर में सर्वे करवाकर इस आबाद एरिया के बारे में जानकारी जुटाई जाकर प्लान तैयार करने की जरूरत है ताकि इस एरिया को वैध करवाने के लिए सरकार को प्रस्ताव भेजा जा सके। सर्वेे में खासकर उस एरिया को शामिल किया जाए जो आबाद है लेकिन वहां न साथ लगती पंचायत विकास करवा रही हैं और न ही नगर परिषद इन लोगों को सुविधाएं मुहैया करवा पा रही है। इस एरिया का पूरी तरह से नक्शा भी तैयार करवाया जाए ताकि मकानों की स्थिति का आकलन हो सके। जिन कालोनियों में 50 प्रतिशत आबादी है उस एरिया को वैध किया जाएगा लेकिन इसके लिए कालोनी वासियों से प्रति वर्ग गज के हिसाब से चार्ज लिए जाने की भी बात भी सामने आ रही है।
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= वर्सन-
इसी माह होने वाली हाउस की मीटिंग में इसका एक प्रस्ताव तैयार कर सरकार को भेजा जाएगा। सरकार से मंजूरी मिलते ही नगर परिषद की सीमा को बढ़ा दिया जाएगा तथा इस एरिया का विकास किया जाएगा।
चेयरमैन संजय छपारिया, नगर परिषद, चरखी दादरी
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