मुख्यमंत्री के सामने गौड़ संस्था ने रखी नौ मांगें, सब पर मिला जल्द काम होने का आश्वासन
- संस्था के वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह में सीएम ने की 1.5 करोड़ रुपये देने की घोषणा
- संस्था में एमडी आयुर्वेदिक कोर्स और अन्य सीटें बढ़ाने की भी उठी मांग
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक
गौड़ ब्राह्मण शिक्षण संस्था का रविवार को पारितोषिक समारोह आयोजित किया गया। गौड़ ब्राह्मण डिग्री कॉलेज में आयोजित समारोह में संस्था की ओर से सीएम मनोहर लाल के समक्ष नौ मांगें रखीं। सीएम ने बीडीएस, एमडीएस और एमएस आयुर्वेद की सीटें बढ़ाने समेत सभी मांगों को शीघ्र पूरा करने का आश्वासन दिया। यही नहीं संस्था को सरकार की ओर से 1.5 करोड़ की राशि देने की भी घोषणा की। इसमें 51 लाख रुपये सीएम अपने कोटे से देंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार को साढ़े तीन साल हो गए हैं। वर्ष 1966 के बाद से अब तक रही सरकारों की कार्य पद्धति और अपना साढ़े तीन साल का काम देखा है। जागरूक नागरिक निश्चित रूप से इन दोनों का मिलान करेंगे। इस दौरान भाजपा ने अपनी सोच, कार्य पद्धति और नीतियों के जरिये किए गए कार्य और उपलब्धियां मंथन के लिए समाज पर छोड़ता हूं। इस बीच आपने कोई बदलाव देखा या नहीं। सरकारों से अपेक्षाएं तो बहुत होती हैं, मगर सरकारें खुद को सीमित रखती हैं। अधूरा काम करती हैं। इसके जरिये भी अपना ही स्वार्थ साधने का काम करते हैं। वर्तमान सरकार नि:स्वार्थ भाव से कार्य कर रही है।
सीएम ने कहा कि विकास के चार पहलू हैं। पार्टी इन चारों पर काम रही है। इसमें पहला दिखाई देने वाला विकास है। इसे भौतिक विकास कहते हैं। सड़कें, स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, भवन, उद्योग स्थापित करना इसमें आता है। इसके लिए बजट की जरूरत होती है। इस क्षेत्र में भाजपा पिछली सरकारों से डबल से ज्यादा आगे है। पिछली सरकार का बजट 61 हजार करोड़ था। भाजपा का इस बार का बजट एक लाख 15 करोड़ रुपये है। विकास कार्यों के लिए हमने तीन साल में डबल बजट बनाया है। भाजपा ने दो वर्षों में ही साढ़े तीन हजार घोषणाएं की। इसमें वर्ष 2017 जोड़ने पर यह साढ़े चार हजार है। वर्ष 2019 में चुनाव तक का समय देखें तो यह करीब साढ़े छह हजार घोषणाएं होती हैं, जबकि पिछली सरकार ने 10 वर्षों में इतनी घोषणाएं की थीं।
दूसरे प्रकार का विकास हर वर्ग का ध्यान रखना है। यह हमारा काम है। उसके प्राकृतिक नुकसान या जोखिम को दूर करना सरकार का काम है। सरकार ने किसानों, दुकानदारों व जनता के स्वास्थ्य के लिए योजनाएं बनाई हैं। हर वर्ग को रोजगार देने का प्रयास है। पिछली सरकार का छोड़ा गया 50 हजार नौकरियों बैक लोग हम पूरा कर रहे हैं। इसके अलावा बगैर किसी साक्षात्कार के ही 38 हजार नौकरियां परीक्षा के आधार पर देंगे। व्यवस्थाओं को ठीक करना तीसरी प्रकार का विकास है। नियम, कानून, सरकार के बनाए सिस्टम इसमें शामिल हैं। सरकार ने पुराने गले सड़े सिस्टम बदल कर नई ऑन लाइन सुविधा लागू की। अब 350 सेवाएं ऑन लाइन हैं। लोग घर बैठे इनका लाभ उठा सकते हैं। ई-रजिस्ट्री के जरिये भ्रष्टाचार पर लगाम कसी है। जहां भ्रष्टाचार हुआ है, लोग सलाखों के पीछे जाएंगे। किसी को नहीं छोड़ेंगे। व्यवस्था परिवर्तन के लिए हम हर महीने एक सुधार कर रहे हैं। इसमें तालाब सुधार, श्मशान घाट में शेड और पेयजल मुहैया कराने के अलावा किसान कल्याण के लिए सभी सेवाएं एक छत के नीचे मुहैया कराने का प्रयास है। अब 14 अप्रैल से अंत्योदय योेजना के तहत हर जिले व खंड स्तर पर ऐसा भवन बनाया जाएगा, जहां सभी सुविधाएं लोगाें को मुहैया होंगी। चौथी तरह का विकास है संस्कार। यह सबसे जरूरी है। यह शिक्षा, नैतिक शिक्षा व संस्कार से जुड़ा है। व्यक्ति को ईमानदार बनना है। देश के लिए जीना है। यह इसी विकास से संभव है।
सीएम ने अपने कोष से दिए 51 लाख रुपये
समारोह में मुख्यमंत्री ने अपने कोष से 51 लाख रुपये, शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा ने इक्कीस लाख, राज्यसभा सांसद डीपी वत्स ने ग्यारह लाख, परिवहन मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने ग्यारह लाख, सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर ने 11 लाख रुपये देने की घोषणा की। इस मौके पर सोनीपत सांसद नरेश शर्मा, बहादुरगढ़ विधायक नरेश कौशिक, लतिका शर्मा, मूलचंद शर्मा, टेकचंद शर्मा, सुरेश भट्ट, जीएल शर्मा, गौड़ संस्था प्रशासक सतपाल शर्मा, पहलवान हरीश मुद्गिल, रमेश हरियाणा, पूर्व डीएसपी महेंद्र शर्मा, श्यामनाथ शर्मा, जितेंद्र कंसाला, हर्ष वशिष्ठ, सतीश कौशिक बोहर, रमेश बोहर, कपिल कौशिक, सुरेश शास्त्री समेत अनेक लोग मौजूद रहे।
50 युवाओं ने किया रक्तदान
कॉलेज में यूथ रेडक्रास की ओर से स्वैच्छिक रक्तदान शिविर लगाया गया। यहां 50 युवाओं ने रक्तदान के लिए पंजीकरण कराया। शिविर में युवाओं ने बढ़ चढ़कर सहयोग दिया। कॉलेज प्राचार्य डॉ. जेएन शर्मा ने मुख्यमंत्री को प्रशंसा पत्र दिया। कार्यक्रम संयोजक पंडित सुरेश शर्मा ने मुख्यमंत्री का समाज की तरफ से पगड़ी पहनाकर स्वागत किया। मंच संचालन आजाद अत्री ने किया।
ये हैं संस्था की मांगें
- डिग्री कॉलेज में पीजी ब्लॉक भव निर्माण के लिए एक करोड़ रुपये देना।
- डिग्री कॉलेज के ऑडिटोरियम के लिए 1.25 लाख करोड़ रुपये देना।
- संस्कृत कॉलेज की जर्जर इमारत के पुनर्निर्माण के लिए दो करोड़ रुपये।
- आयुर्वेदिक कॉले में छात्राओ की कैंटीन निर्माण के लिए 50 लाख रुपये।
- आयुर्वेदिक कॉलेज में बने नाले को ढकने के लिए 50 लाख रुपये।
- पहरावर की भूमि के पट्टे की बहाली कराने।
- ईबीपीजीसी के कोटे की बहाली व डोहडी भूमि की रजिस्ट्री कराने।
- आयुर्वेदिक कॉलेज में बीडीएस की सौ और एमडीएस व एमएस आयुर्वेद की 50 सीटें देना।
समारोह में रहा अव्यवस्था का आलम
समारोह में अव्यवस्था का आलम रहा। सीएम से मिलने और उन्हें सम्मानित करने वालाें की मंच पर भीड़ बनी रही। हालात ये बने कि लोग मंच से गिर तक गए। यही नहीं एक ही मंच पर अलग-अलग लोग अतिथियों को सम्मानित करते दिखाई दिए।
पानी की बोतल दिखाई तो उठा ले गई पुलिस
खेड़ीसाध के सौठ पाना में पिछले काफी समय से पेयजल किल्लत बनी हुई है। नल में आने वाला पानी भी दूषित होता है। इससे लोगों में नाराजगी है। यही वजह रही कि रविवार को समारोह में सीएम से मिलकर समस्या के समाधान की अपील करने गांव का अनिल वहां पहुुंचा। उसने समारोह में मंच पर बैठे सीएम को पानी की बोतल दिखाई तो तुरंत ही वहां खड़े पुलिस अधिकारी ने उसे पकड़ लिया और समारोह स्थल से बाहर ले गया। इसके बाद सीएम के वहां रहने तक उसे पुलिस पहरे में रखा। बाद में उसे छोड़ दिया। अनिल का कहना है कि दूषित पेयजल को लेकर एक्सईएन और अन्य अधिकारियों से शिकायत कर चुके हैं। इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो रहा है।