कोहरा से ट्रेनें चार घंटे लेट, रेंगकर चली बसें, शीतलहर से ठिठुरे लोग, जनजीवन प्रभावित
चरखी दादरी।
नए साल के पहले दिन कोहरे की अधिकता से जनजीवन प्रभावित रहा। कोहरे के कारण जहां चरखी दादरी रेलवे स्टेशन से होकर गुजरने वाली चार सवारियां गाड़ियां भी चार घंटे लेट रहीं। वहीं, सुबह कोहरा छाया रहने से लंबे रूटों की बसें भी निर्धारित समय से देरी से पहुंची। मौसम विभाग के अनुसार दृश्यता 20 मीटर से भी कम आंकी गई। सुबह 11 बजे सूर्यदेव के दर्शन से करीब एक घंटे बाद धुंध की चादर वातावरण से हटी। सोमवार को शहर का अधिकतम तापमान 20 डिग्री तो न्यूनतम तापमान पांच डिग्री दर्ज किया गया। अधिकतम तापमान में दो डिग्री तो न्यूनतम तापमान में एक डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। वहीं किसानों ने कोहरे को फसल के लिए फायदेमंद बताया है।
नववर्ष के पहले दिन जिले में घनी धुंध छायी रही। पिछले काफी दिनों से जिले में मौसम साफ बना हुआ था। दिन का तापमान भी अनुकूल बना रहा। ठंड का प्रकोप काफी कम हो गया था जिससे लोगों को सर्दी का एहसास भी नहीं हो पा रहा था। रात को ठंड पड़ रही थी लेकिन दिन के समय तापमान सामान्य बने रहने की वजह से सर्दी कम बनी रही। सोमवार को मौसम ने अचानक करवट ली। सुबह ही घनी धुंध छा गई जिससे मौसम अचानक बदल गया। धुंध की वजह से आम जनजीवन बेहद प्रभावित रहा। सड़कों पर वाहनों की गति पर विराम लग गया। लोगों को आवागमन में काफी परेशानी हुई। धुंध की वजह से ट्रेनें भी अपने गंतव्य पर देरी से पहुंची। चरखी दादरी रेलवे स्टेशन पर तकरीबन सभी सवारी गाड़ी आधा घंटा से चार घंटा तक देरी से पहुंची जिससे यात्रियों को काफी परेशानी हुई। धुंध की वजह से यातायात व्यवस्था बाधित हो जाने पर कर्मचारी अपने कार्यालयों में निर्धारित समय से देरी से पहुंचे। कर्मचारियों को काफी परेशानी हुई।
= ये ट्रेनें रही प्रभावित
धुंध की वजह से हिसार से चलकर रेवाड़ी को जाने वाली ट्रेन को सुबह 8:30 पर दादरी स्टेशन पर पहुंचना था लेकिन यह ट्रेन 9:30 बजे पहुंची। इसी प्रकार रेवाड़ी- बठिंडा को सुबह 10:26 बजे चरखी दादरी रेलवे स्टेशन पहुंचना था लेकिन यह 12:00 बजे पहुंची। जयपुर- हिसार रेलगाड़ी को दादरी रेलवे स्टेशन पर 11:45 बजे पहुंचना था लेकिन यह ट्रेन 3:40 बजे पहुंची। हिसार-जयपुर रेलगाड़ी को दोपहर बाद 3:45 बजे दादरी स्टेशन पर पहुंचना था लेकिन सांय सात बजे पहुंची। दोपहर बाद पौने तीन बजे गंगानगर को जाने वाली ट्रेन भी आधा घंटा देरी से दादरी स्टेशन पर पहुंची। इस ट्रेन का चरखी दादरी स्टेशन पर पहुंचने का समय 2:45 है जबकि यह टे्रन 3:15 बजे पहुंची जिससे यात्रियों में ट्रेनों को लेकर असमंजसता की स्थिति बनी रही।
:: = रोडवेज बसों का पहिया भी थमा
रोडवेज बसों की गति पर भी धुंध की वजह से ब्रेक लगा रहा। सुबह पांच बजे दिल्ली को जाने वाली बस धुंध की वजह से प्रभावित रही। इसी प्रकार सुबह छह से नौ बजे तक रोहतक, भिवानी, नारनौल, महेंद्रगढ़, सतनाली व दिल्ली को जाने वाली सभी बसें धुंध की वजह से प्रभावित रही। लंबे रूट की बसें निर्धारित समय से देरी से पहुंची जिससे दिनभर बसों का टाइमटेबल गड़बड़ाया रहा। धुंध की दृश्यता कम होने की वजह से बस चालकों को गंतव्य तक पहुंचने में काफी परेशानी हुई। हर गांवों में हर बस स्टॉप पर यात्रियों को बसों का लंबा इंतजार करना पड़ा। खासकर महिला, बुजुर्ग व बच्चों को सफर करने में काफी दिक्कतें बनी रही।
:: कार्यालयों में कर्मचारी देरी से पहुंचे
==खेती को फायदा
धुंध को रबी की फसलों के लिए काफी फायदेमंद माना जा रहा है। पिछले करीब एक सप्ताह से ठंड कम होने की वजह से किसान चिंतित नजर आने लगे थे। किसानों का मानना है कि गेहूं, सरसो व चना की फसलों के लिए ज्यादा ठंड की जरूरत होती है। पाला इन फसलों के लिए नुकसानदायक माना जाता है कि जबकि धुंध से फसलों में फायदा पहुंचता है।
वर्जन::
धुंध से आम जनजीवन जरूर प्रभावित होता है लेकिन इससे खेती को लाभ पहुंचता है। किसानों को फसलों की समय- समय सिंचाई जरूर कर देनी चाहिए। पाला पडने से फसलें खराब हो जाती हैं।
संदीप बूरा, खंड कृषि विकास अधिकारी
वर्जन::
सोमवार को चार सवारी ट्रेनें अपने निर्धारित समय से देरी पर स्टेशन प्लेटफार्म पर पहुंची। ट्रेनों के लेट होने का कारण कोहरे की अधिकता है। जयपुर से हिसार व हिसार से जयपुर जाने वाली सवारी ट्रेनें लेट हुई हें।
सत्यवान लांबा, स्टेशन अधीक्षक