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अधिकारियों के बाद अब पार्षद जाएंगे हैदराबाद

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अधिकारियों के बाद निगम पार्षदों की लगेगी हैदराबाद में क्लास
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- सीवर और पेयजल व्यवस्था में पार्षद की भूमिका का दिया जाएगा प्रशिक्षण

- फरवरी में होगी अम्रुत योजना को लेकर ट्रेनिंग, प्रदेश सरकार के प्रस्ताव को केंद्र ने दी मंजूरी
- प्रदेश में 10 नगर निगम और 8 नगर परिषदों को ट्रेनिंग के लिए किया गया है सूची में शामिल
- चार साल पहले पार्षदों ने दक्षिण भारत में जाने का किया था प्रस्ताव पास
- अधिकारियों की टीम लौटी, दिनभर फाइल खंगालते रहे डीटीपी
विजेंद्र कौशिक।
रोहतक।
नगर निगम के अधिकारियों के बाद अब निगम पार्षदों की हैदराबाद में क्लास लगेगी। राज्य सरकार के आग्रह पर केंद्र सरकार की ओर से पार्षदों को अम्रुत योजना के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा। केंद्र सरकार ने इसकी अनुमति दे दी है।
प्रदेश सरकार ने केंद्र सरकार की अटल मिशन फॉर रेजुवेनेशन एंड अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन (अम्रुत) के तहत प्रदेश के नगर निगम रोहतक, सोनीपत, पानीपत, करनाल, अंबाला, यमुनानगर, पंचकूला, गुड़गांव, फरीदाबाद व हिसार के अलावा 9 नगर परिषदों का चयन किया है। साथ ही सरकार एक मार्च पब्लिक हेल्थ के सीवरेज और पेयजल ब्रांच को नगर निगम में समायोजित करना चाहती है। इसके लिए चंडीगढ़ में मंत्री स्तर पर प्रक्रिया चल रही है। यहीं कारण है कि हैदराबाद में केंद्रीय प्रशिक्षण संस्थान में पहले अधिकारियों को प्रशिक्षण दिलवाया गया। रोहतक नगर निगम के अधिकारियों की टीम दूसरे चरण की ट्रेनिंग करके गुरुवार तड़के तीन बजे ही रोहतक पहुंची। अब नगर निगम पार्षदों को फरवरी माह में हैदराबाद ट्रेनिंग पर भेजा जा सकता है।
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पार्षदों को सिखाई जाएगी पब्लिक डीलिंग
योजना के तहत हैदराबाद में पार्षदों को बताया जाएगा कि वे कैसे पब्लिक की तरफ से योजना में अहम भूमिका अदा कर सकते हैं। कैसे लोगों को सरकारी योजनाओं में भागीदारी के लिए पार्षद तैयार कर सकता है। विरोध के नाम पर अच्छे कार्य का भी विरोध करना कैसे वार्ड के लोगों के लिए गलत साबित हो सकता है। यह भी बताया जाएगा।

हाउस ने चार साल पहले किया था प्रस्ताव पास
नगर निगम हाउस ने चार साल पहले प्रस्ताव पास किया था कि वे दक्षिण भारत के निगमों की कार्यशैली जानने के लिए जाना चाहते हैं। दो बार प्रस्ताव अधिकारियों के माध्यम से सरकार के पास भेजा गया, लेकिन अब जाकर ट्रेनिंग के लिए बाहर जाने की योजना सिरे चढ़ती दिखाई दे रही है।
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वर्जन
राज्य सरकार के आग्रह पर केंद्र सरकार ने पार्षदों को अम्रुत योजना के तहत प्रशिक्षण को अनुमति दे दी है। चंडीगढ़ और दिल्ली के बीच प्रक्रिया चल रही है। संभवत: फरवरी माह में पार्षद प्रशिक्षण के लिए हैदराबाद जा सकते हैं। अधिकारियों की दो चरण की ट्रेनिंग हो चुकी है। तीसरे चरण की ट्रेनिंग होनी अभी बाकी है।
- कृष्ण कुमार वार्ष्णेय, डीटीपी नगर निगम

प्रदेश सरकार का कदम सराहनीय है। इस तरह का प्रशिक्षण पार्षदों के लिए भी फायदेमंद रहेगा। योजना को समझने के साथ-साथ पब्लिक डीलिंग में भी मदद मिलेगी।
- अशोक भाटी, डिप्टी मेयर नगर निगम

प्रशिक्षण के लिए वे तैयार हैं। शुक्रवार को इस संबंध में डीटीपी से भी बातचीत हुई है। सीखने की कोई उम्र नहीं होती।
- संजय सैनी, पार्षद नगर निगम वार्ड नंबर 13
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