स्टेट यूनिवर्सिटी में शुरू हुआ इंटीग्रेटिड फाउंडेशन प्रोग्राम
- पहले सत्र में यूनिवर्सिटी के सभी विद्यार्थियों को पढ़ाया जा रहा एक समान सिलेबस
- डिजाइन के साथ-साथ विद्यार्थी कर रहे एक्टिंग और फिल्म एंड टीवी का भी कोर्स
- रुचि नहीं होने पर दूसरे सत्र से विद्यार्थियों को मिला कोर्स बदलने का भी विकल्प
विनीत तोमर
रोहतक।
स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ परफार्मिंग एंड विजुअल आर्ट्स में पहली बार आईएफपी (इंटीग्रेटिड फाउंडेशन प्रोग्राम) लागू किया गया है। यानी कि सभी कोर्सों के विद्यार्थियों को पहले सत्र में एक समान सिलेबस पढ़ाया जा रहा है। दावा किया जा रहा है कि इस सिस्टम को लागू करने वाली स्टेट यूनिवर्सिटी देश की पहली यूनिवर्सिटी है। जिसमें विद्यार्थी दूसरे सत्र से अपना कोर्स भी बदल सकते हैं।
दरअसल, स्टेट यूनिवर्सिटी में फाइन आर्ट, डिजाइन, फिल्म एंड टीवी और प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर का कोर्स संचालित है। अभी तक यूनिवर्सिटी के किसी भी कोर्स में एडमीशन लेने वाले विद्यार्थी को उसी का कोर्स पढ़ाया जाता है, लेकिन मौजूदा सत्र में पहली बार यूनिवर्सिटी प्रशासन ने बड़ा बदलाव किया है। विद्यार्थी ने भले ही किसी भी कोर्स में एडमीशन लिया हो, उसे पहले सत्र में सभी कोर्स का थोड़ा-थोड़ा सिलेबस पढ़ाया जा रहा है। इसे आईएफपी (इंटीग्रेटिड फाउंडेशन प्रोग्राम) का नाम दिया गया है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि विद्यार्थी को सभी कोर्स की जानकारी होगी और यदि एडमीशन के बाद उसकी रुचि दूसरे कोर्स में हो जाती है तो वह उसे दूसरे सत्र में कोर्स बदलने का विकल्प भी दिया गया है। हालांकि विद्यार्थी दूसरे कोर्स में उसी स्थिति में जा सकता है जब उस कोर्स में सीट खाली हो। यूनिवर्सिटी अधिकारियों का दावा है कि अभी तक देश की किसी भी यूनिवर्सिटी में आईएफपी लागू नहीं था। स्टेट यूनिवर्सिटी पहली ऐसी यूनिवर्सिटी है जिसने यह कोर्स विद्यार्थियों के हितों को देखते हुए लागू किया है।
सभी कोर्स मिलाकर पढ़ाया जा रहा एक सिलेबस
यूनिवर्सिटी ने इसके लिए अलग ही सिलेबस तैयार किया है। सिलेबस में फाइन आर्ट, डिजाइन, फिल्म एंड टीवी और प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर कोर्स का थोड़ा-थोड़ा पार्ट शामिल किया गया है। पूरे सत्र में विद्यार्थियों को यह सिलेबस पढ़ाया जाएगा। अगले सत्र से उन्हीं वही कोर्स कराया जाएगा जिसमें उन्होंने एडमीशन लिया है। इसे ध्यान में रखते हुए पेपर भी उसी तरीके से बनाया जाएगा।
वर्जन
कई बार विद्यार्थी कोर्स में एडमीशन ले लेता है, लेकिन उसकी बाद में दूसरे कोर्स में रुचि हो जाती है। ऐसे विद्यार्थियों को देखते हुए
आईएफपी (इंटीग्रेटिड फाउंडेशन प्रोग्राम) के तहत पढ़ाया जा रहा है। इसके अलावा विद्यार्थियों को सभी कोर्सों की तकनीकी जानकारी भी होगी।
- प्रो. भारती शर्मा, रजिस्ट्रार स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ परफार्मिंग एंड विजुअल आर्ट्स