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मंडल आयोग के समय हुई तोड़फोड़ का गवाह पीपल का पेड़ गिरा, सोनीपत रोड एक घंटे जाम
बोहर गांव के पास हादसा, पेड़ पर था छत्ता, जाम खुलवाने आये पुलिसकर्मियों पर मधुमक्खियों ने किया हमला
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। मंडल आयोग की सिफारिश के बाद भड़के दंगों और तोड़फोड़ का गवाह पुराना पीपल का पेड़ सोमवार शाम को अचानक जड़ से उखड़कर गिर गया। दो नहरों के बीच सड़क पर इस पेड़ के गिर जाने से सोनीपत रोड पर जाम लग गया और एक घंटे तक ट्रेफिक बाधित रहा।
पेड़ पर मधुमक्खियों का छत्ता था। पेड़ के गिरते ही मधुमक्खियां मंडराने लगीं और जाम खुलवाने पहुंचे पुलिस कर्मियों और दोपहिया वाहन चालकों पर हमला कर दिया। किसी तरह राहगीरों की मदद से पेड़ को रास्ते से हटाकर जाम खुलवाया गया। पूरी प्रक्रिया में एक घंटे से ज्यादा का समय लग गया।
मंडल के जख्म झेले थे इस पेड़ ने
बोहर निवासी 55 वर्षीय समुंद्र सिंह ने बताया कि गांव के बाहर स्थित इस पेड़ के बारे में वह अपने पिता से भी सुनते थे। यह करीब सौ साल पुराना था। इसके पास मीठा पानी मिला तो नल लगा दिया गया। बाद में दो नहरें भालौठ ब्रांच और जेएनएल निकलीं तो भी पेड़ बचा रहा और नहरों के बीच आ गया। मगर 1990 में जब देश में मंडल आयोग की सिफारिशों के खिलाफ दंगे हुए तो इस पीपल के पेड़ पर भी कुल्हाड़ी चली। प्रदर्शनकारियों ने इस पुराने पेड़ की सबसे बड़ी शाखा को काटकर सोनीपत रोड पर जाम लगा दिया था। उस जख्म को गवाह बनाए 27 साल तक यह पेड़ फलता-फूलता रहा। कोई पेड़ को नुकसान न पहुंचाये इसलिए ग्रामीणों ने इसके पास भगवान शिव की मूर्ति भी रख दी थी।