बुढ़ापे को जल्दी आने से रोकेगी एमडीयू की हर्बल क्रीम
- फार्मेसी विभाग पिछले एक साल से कर रहा था पांच प्लांट पर रिसर्च
- एक साल बाद अब मिली बड़ी सफलता, दो प्लांट में मिले तत्व
- ‘एंटी एजिंग एंड एंटी रिंकल इफेक्ट ऑफ सिलेक्टेड हर्बल प्लांट’ नाम से मिला था प्रोजेक्ट
- कम उम्र में त्वचा का मुरझा जाना, झुर्रियां और काले धब्बे के लिए होगी रामबाण
विनीत तोमर
रोहतक।
चेहरे के कालेपन और झुर्रियों को लेकर चिंता में रहने वाले युवाओं के लिए अच्छी खबर है। युवाओं की इस समस्या को ध्यान में रखते हुए अब एमडीयू एक ऐसी हर्बल क्रीम तैयार करने जा रहा है जो बुढ़ापे को जल्दी आने से रोकेगी। फार्मेसी विभाग में करीब एक साल से चल रही रिसर्च में वैज्ञानिकों को अब बड़ी सफलता मिली है। रिसर्च में दो पौधों के अंदर ऐसे तत्व पाए गए जो न केवल इन समस्या से निजात दिलाएगी, बल्कि एक निर्धारित उम्र से पहले बुढ़ापा भी नहीं आने देगी।
दरअसल, एमडीयू के फार्मेसी विभाग को पिछले साल यूजीसी (यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन) की तरफ से ‘एंटी एजिंग एंड एंटी रिंकल इफेक्ट ऑफ सिलेक्टेड हर्बल प्लांट’ के नाम से पांच साल का प्रोजेक्ट दिया गया था। विभागाध्यक्ष प्रो. मुनीष गर्ग की देखरेख में इस प्रोजेक्ट के तहत आंवला, मुल्हेठी, तुलसी, कुकंबर और चीकू के पौधों पर रिसर्च शुरू हुई थी। एक साल की अवधि के बाद अब सामने आया है कि आंवला और मुल्हेठी में कई ऐसे तत्व पाए गए जो त्वचा पर रिंकल, काले धब्बे और झुर्रियों आदि को मिटाने के लिए रामबाण साबित हो सकते हैं। आंवला में विटामिन सी के साथ कई ऐसे तत्व मिले जो स्किन की ताजगी को बरकरार रख सकते हैं। अभी बाकी तीन और पौधों पर रिसर्च चल रही है, जिसके बाद इन सभी पौधों के तत्व मिलाकर हर्बल क्रीम बनाई जाएगी। हालांकि अभी रिसर्च पूरा होने में समय लगेगा, लेकिन वैज्ञानिकों का कहना है कि यह हर्बल क्रीम त्वचा को बनाए रखने के लिए बेहद कारगर सिद्ध होगी।
इन तीन कारणों से त्वचा होती है प्रभावित
प्रो. गर्ग के अनुसार, त्वचा में कोलाजीनेस, इलास्टेस और हयाल यूरोनीडेस नाम के तीन केमिकल है। इनका अनुपात बिगड़ने पर चेहरे पर काले धब्बे और झुर्रियां हो जाती है। अक्सर सूरज की किरण इन्हें प्रभावित करती हैं। इस हर्बल क्रीम में सभी ऐसे तत्व होंगे जो इन तीनों का अनुपात बनाए रखेंगे।
यह टीम कर रही है रिसर्च
इस रिसर्च में प्रो. गर्ग के अलावा डॉ. चंचल गर्ग, एम फार्मा की छात्रा प्रियंका, छात्र अमित और रविंद्र कुमार काम कर रहे हैं। प्रोजेक्ट को लेकर डॉ. चंचल गर्ग दो माह पहले दुबई में आयोजित अंतरराष्ट्रीय प्रेस कांफ्रेंस में भी पेपर प्रस्तुत कर चुकी है।
वर्जन
पिछले साल रिसर्च शुरू हुई थी। हाल ही में दो पौधों में काफी अच्छे तत्व मिले हैं, यह एक बड़ी सफलता है। बाकी पौधों पर भी रिसर्च चल रही है। यह एक ऐसी क्रीम होगी, जिसका कोई साइड इफेक्ट भी नहीं होगा।
- प्रो. मुनीष गर्ग, विभागाध्यक्ष फार्मेसी डिपार्टमेंट एममडीयू