बगैर उपचार मरीज लौटी घर
- आपात विभाग और वार्ड दस से मिली निराशा
फोटो सहित
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
रेवाड़ी से खून की उल्टी का उपचार कराने आई महिला मरीज सोमवार को बगैर उपचार ही अपने घर लौट गई। मरीज की बेटी शालू यादव ने बताया कि न तो आपात विभाग में किसी ने सुनी और न ही वार्ड दस में। उपचार न मिलने की सूरत में वह घर ही वापस लौट गए हैं।
पीड़ित शालू ने बताया कि रात को आपातकालीन विभाग के डॉक्टरों ने एक दूसरे डॉक्टर पर उपचार करने की बात कह कर टालमटोल कर दी। मजबूरी में उसने संस्थान के अधिकारी को फोन किया तो उन्होंने भी झाड़ पिला दी। सोमवार को वह जब दस वार्ड में एंडोस्कोपी कराने गई तो वहां भी डॉक्टर ने मना कर दिया और ओपीडी में जाने को कहा। जब वह अपनी मां को लेकर आपात विभाग में पहुंची तो डॉक्टरों ने कहा कि वह कुछ नहीं कर सकते, यदि उनको नये सिरे से जांच करानी है तो वह नया कार्ड बनवा कर आ जाएं। शालू ने बताया कि उसकी मां राजकुमारी की हालत खराब है, उसके पास अब घर जाने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा था।