चार घंटे की सावधानी बचा सकता है डेंगू से
अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
सूरज उगने से दो घंटे पहले और अस्त होने के दो घंटे बाद तक यदि सावधानी बरती जाए तो डेंगू के डंक से बचा जा सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार संक्रमित मच्छर अर्थात डेंगू की बाइट का समय यही चार घंटे होते हैं। एडीज मच्छरों का अंडे देने का समय भी यही रहता है। अंडे देने से पहले मच्छरों को खून की आवश्यकता होती है। इसलिए मच्छर सुबह और शाम के समय काटकर अपनी जरूरत पूरी कर व्यक्ति को संक्रमित कर देते हैं। जिले में इस वर्ष एक भी डेंगू का केस नहीं आया है। जिस तरह से एनसीआर में डेंगू का डंक फैल रहा है। उसको देखकर लगता है कि रेवाड़ी में भी डेंगू की चपेट में लोग आ सकते हैं। उल्लेखनीय है कि इससे पहले रेवाड़ी में पांच मलेरिया और एक चिकनगुनिया का पॉजिटिव केस आ चुका है। स्वास्थ्य विभाग ने भी मामले की गंभीरता को भांपकर ग्रामीण क्षेत्र के साथ शहरों में फॉगिंग करना शुरू कर दिया है। इस वर्ष सरकार के निर्देशानुसार ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत और शहरी क्षेत्रों में नगर निकाय की तरफ से फॉगिंग कराई जानी है।
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स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से अलर्ट
शहर के ट्रॉमा सेंटर में स्पेशल मलेरिया वार्ड बनाने के साथ स्वास्थ्य विभाग डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया के रोगियों को तुरंत उपचार उपलब्ध कराने के लिए विशेष टीम का गठन किया। शहर के किसी भी निजी अस्पताल में इस तरह के केस आने पर स्वास्थ्य विभाग को सूचित करना आवश्यक है। इसी के साथ डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया की जांच के लिए निर्धारित फीस से ज्यादा लेन पर कार्रवाई की जाएगी। डेंगू की जांच करने के लिए एनएस-1 जांच के लिए 600 रुपये और अन्य के लिए 1100 रुपये फीस निर्धारित है।
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सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों के साथ सभी निजी अस्पतालों को भी डेंगू एवं अन्य बुखारों की सूचना सिविल सर्जन कार्यालय में देने के लिए निर्देश जारी कर दिए गए हैं। डेंगू के डंक से बचने के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से अलर्ट हैं। टेस्ट की निर्धारित फीस से ज्यादा फीस लेने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. कमल मेहरा, डिप्टी सिविल सर्जन, रेवाड़ी