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किसानों के समर्थन में इनेलो ने प्रदर्शन कर फूंका पुतला

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किसानों के समर्थन में इनेलो ने प्रदर्शन कर फूंका पुतला
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अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल।
मंदसौर में पुलिस की गोलियों से छह किसानों की मौत के विरोध में वीरवार को इनेलो कार्यकर्ताओं ने शहर में प्रदर्शन कर एमपी के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का पुतला फूंका। कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति के नाम डीआरओ मातूराम नेहरा को एक ज्ञापन सौंपकर शिवराज सिंह की सरकार को बर्खास्त करने की मांग की।
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इससे पूर्व कार्यकर्ता पीडब्ल्यूडी रेस्ट के नजदीक किसान प्रकोष्ठ के प्रदेशाध्यक्ष पूर्व विधायक पूर्ण सिंह डाबडा के नेतृत्व में एकत्रित हुए। यहां पार्टी के जिला प्रधान सत्यवीर यादव मौजूद थे। पूर्व विधायक पूर्ण सिंह डाबडा ने कहा कि 2014 में चुनावों से पूर्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों की सामाजिक और आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट की न्यूनतम समर्थन मूल्य की सिफारिशों को लागू करने का वायदा किया था। उन्होंने कहा कि बड़े खेद की बात है कि देश की जनता और विशेष रूप से किसानों के समर्थन से भाजपा ने सत्ता प्राप्त करने के बाद न केवल अपने वायदे को लागू करने में अपनी असमर्थता व्यक्त की बल्कि किसानों को यह कह कर लुभाने का प्रयास किया कि वर्ष 2022 तक उनकी आमदनी दुगनी कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि पांच वर्षों में हजारों किसान आत्महत्या कर चुके हैं। इसी समस्या से निपटने के लिए स्वामीनाथन की अध्यक्षता में कृषि आयोग स्थापित किया गया था। उसी आयोग की सिफारिशों को भाजपा ने लागू करने का वायदा किया गया था। मध्यप्रदेश के किसानों ने भी इन्हीं समस्याओं को लेकर सरकार से बार-बार अनुरोध किया, परंतु सरकार द्वारा कोई ध्यान न देने के कारण मजबूरन उन्हें सड़क पर आकर प्रदर्शन करना पड़ा। प्रदर्शनकारियों का दमन करने के लिए सरकार ने निहत्थे किसानों पर गोलियां चलवाई। अब तक छह किसानों की मृत्यु हो चुकी है। इसको लेकर इनेलो नेताओं ने राष्ट्रपति से मध्यप्रदेश सरकार को बर्खास्त करने की मांग की है। इस प्रदर्शन में पूर्व विधायक राव बहादुर सिंह, हलका अध्यक्ष सुरेश यादव, अध्यक्ष अमर सिंह ब्रह्मचारी, नरेश शेखावत, कर्मबीर यादव, निर्मला तंवर, सत्यनारायण गुप्ता, छोटे लाल गहली, रवींद्र गगडवास, जोगेेंद्र बडेसरा, अजय एडवोकेट, दाताराम जांगड़ा, भीम सेहरावत, संजय शर्मा, वीरेंद्र घाटाशेर, रामकुमार, रतिराम आर्य, धर्मपाल नंबरदार, तेजप्रकाश यादव, बीर सिंह, जय सिंह सैनी, सत्तू खटीक, सूरज ढिल्लो व कप्तान हरचंद सहित अनेक कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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