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गो रक्षा के लिए सरकार के खिलाफ होगा बड़ा आंदोलन

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गो रक्षा के लिए सरकार के खिलाफ होगा बड़ा आंदोलन
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अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। गोचरान भूमि को खाली कराने की मांग को लेकर संत गोपालदास का आमरण अनशन बुधवार को 13वें दिन भी जारी रहा। संत के अनशन को समर्थन देने के लिए दिल्ली और हरियाणा की गोशालाओं और गो रक्षक दलों के प्रतिनिधियों के साथ विपक्षी पार्टियाें के कुछ नेता भी पहुंचे। बैठक में सरकार के खिलाफ आंदोलन करने का फैसला लिया गया। इसकी रणनीति 25 जून को तय होगी। इससे पहले प्रदेश के सभी गांवों से समर्थन जुटाने के लिए वीरवार से ही अभियान चलाया जाएगा।
गायों के संरक्षण और गोचरान भूमि की मांग पर बुधवार को मानसरोवर पार्क में प्रदेश स्तरीय बैठक हुई। इस बैठक में हरियाणा के अलावा दिल्ली से भी करीब 30 गोशालाओं और गो रक्षक दलों के प्रतिनिधि पहुंचे। बैठक करीब तीन घंटे तक चली। बैठक में संत गोपालदास ने कहा कि अगर गोचरान भूमि खाली कराने को लेकर सरकार ने जल्द ही फैसला नहीं लिया तो गायें चिड़ियाघर में देखने को मिलेंगी। उन्होंने कहा कि गो सेवा आयोग भ्रष्टाचार का अड्डा बन गया है। यहां पर केवल हितैषी लोगों को ही ग्रांट मिलती है और गो भक्तों को असामाजिक तत्व बताया जाता है। भाजपा सरकार केवल गुजरात को छोड़कर बाकी राज्यों में चारागाह भूमि को डकार रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चुनाव के दौरान की गई घोषणाओं के बारे में जनता को बताना चाहिए। संत ने कहा कि सत्ता में आने से पहले भाजपा ने देश में संपूर्ण गो हत्या बंदी और चारागाह भूमि मुक्त कराने के वादे किए थे। यह आज तक पूरे नहीं हुए हैं। इसी वजह से आज गायें सड़कों पर भूखी-प्यासी कूड़ा करकट और पॉलीथिन खाती हुई नजर आती हैं। उन्होंने कहा कि सरकार गायों को कम से कम चारागाह के रूप में फूड सिक्योरिटी बिल की सौगात तो दें। संत ने कहा कि जब संसद में जीएसटी, एफडीआई, भूमि अधिग्रहण के बिल छह-छह बार दोहराए जा सकते हैं तो कैटल फूड सिक्योरिटी बिल क्यों लागू नहीं हो सकता। वहीं हरियाणा गौशाला संघ के अध्यक्ष शमशेर आर्य ने कहा कि सरकार गाय के नाम पर सिर्फ राजनीति कर रही है। गो सेवा आयोग के लोग केवल कमीशनखोरी कर रहे हैं। आर्या ने कहा कि संत के आंदोलन को पूरे प्रदेश में पहुंचाया जाएगा। इसके लिए सभी प्रतिनिधियों के साथ लगातार विचार-विमर्श जारी है। संत को समर्थन देने पहुंचे अन्य प्रतिनिधियों ने कहा कि संत के आह्वान पर वे किसी भी स्तर पर आंदोलन के लिए तैयार हैं।
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आज आएंगी खाप पंचायतें और किसान यूनियन
संत के आमरण अनशन को समर्थन देने के लिए खाप पंचायतें और किसान यूनियनों के प्रतिनिधियाें की वीरवार को पहुंचने की संभावना है। बता दें कि किसानों को स्वामीनाथन रिपोर्ट के तहत लाभ मिले। इसके लिए संत ने अन्न ग्रहण नहीं करने का फैसला लिया है और उन्हें चार साल हो गए हैं।
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इन संस्थाओं के प्रतिनिधि पहुंचे
इस बैठक में हरियाणा गोशाला संघ के अध्यक्ष शमशेर आर्य के अलावा पहरावर गोशाला से भोलाराम कौशिक, बोहर गोशाला से कुलदीप नांदल और श्री कृष्ण धाम सेवा समिति रोहतक से श्रीकृष्ण भी पहुंचे। इसके साथ ही सिसरखास से नरेश सूबेदार, गोरक्षा दल दिल्ली से बीना राय, मोनू ताजपूर, जींद से चांदीराम भारद्वाज, धूम्मनहेड़ा गोशाला से हैप्पी, फरीदाबाद से प्रमोद योगी, कुलदीप सिंह आजाद, मंदीप क्रांतिकारी, बिहार से शिवजी जोगी, आम आदमी पार्टी के जिला अध्यक्ष महाराज सिंह, दिल्ली से हरीश गुप्ता, पानीपत से सुभाष, भगवतीपुर से मास्टर जगत सिंह, अखिल भारतीय गोशाला सदन से कर्मयोगी सत प्रकाश, हिसार से विकास, राहुल, नवीन दलाल, सिरसा से नामधारी कूका सिख के प्रतिनिधि भी समर्थन देने के लिए पहुंचे। वहीं, शाम के समय इनेलो के जिला अध्यक्ष सतीश नांदल ने भी अनशन पर पहुंचकर समर्थन दिया।
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