टीकरी बॉर्डर : डेढ़ हजार वालंटियर संभालेंगे परेड, आठ लेयर बेरिकेडिंग के बीच 20 फुट गलियारे के बीच से दिल्ली में प्रवेश करेंगे 40 हजार से ज्यादा ट्रैक्टर
- परेड में ऑनलाइन जुड़े रहेंगे वालंटियर, आपात स्थिति से निपटने के लिए टीमें गठित
- बॉर्डर पर बढ़ी किसानों की संख्या, भोजन की कमी महसूस कर रही प्रबंधन समिति
- पंजाब व हरियाणा के किसान एक रंग में आए नजर, कहीं हुक्का गुड़गुड़ाया जा रहा तो कहीं बैनर व होर्डिंग से भरा गया जोश
विजेंद्र कौशिक
टीकरी बॉर्डर। गणतंत्र दिवस पर मंगलवार सुबह करीब 40 हजार से ज्यादा ट्रैक्टर टीकरी बॉर्डर से दिल्ली में प्रवेश करेंगे। इसके लिए दिल्ली पुलिस ने आठ लेयर बेरिकेडिंग के बीच 20 फुट का गलियारा छोड़ा है। संयुक्त किसान मोर्च का अनुमान है कि सुबह 10 बजे के बाद नेशनल परेड पूरी होते ही किसानों की ट्रैक्टर परेड चालू हो जाएगी। ट्रैक्टर परेड को संभालने के लिए किसान मोर्चा की तरफ से डेढ़ हजार वालंटियर की ड्यूटी लगाई गई है, जो ऑनलाइन एक -दूसरे से जुड़े रहेंगे। वैसे ट्रैक्टर परेड में भाग लेने आए किसानों में युवाओं की संख्या है, जिनको संभावना किसान मोर्चा प्रबंधन समिति के लिए चुनौती रहेगा।
सोमवार को रोहतक से लेकर टीकरी बॉर्डर पर ट्रैक्टरों के काफिले बॉर्डर की तरफ कूच करते नजर आए। खास बात यह रही कि रोहतक से टीकरी बॉर्डर तक 50 किलोमीटर के रास्ते में पंजाब से ज्यादा हरियाणा के किसान नजर आए। किसानों का कहना है कि पंजाब का किसान पहले बॉर्डर पर जा चुका है। जबकि हरियाणा का किसान ट्रैक्टर परेड को लेकर ज्यादा उत्साहित है। खासकर हिसार, भिवानी, फतेहाबाद व जींद के ट्रैक्टर टीकरी बॉर्डर पर पहुंच गए हैं, जबकि रोहतक व आसपास के गांवों से किसान मंगलवार सुबह परेड में शामिल होने के लिए काफिले से जुड़ेंगे।
ट्रैक्टर परेड में युवाओं की संख्या, मोर्चा के लिए अनुशासन बनाए रखना चुनौती
गणतंत्र दिवस पर होने वाली किसानों की ट्रैक्टर परेड में युवा किसानों की संख्या ज्यादा है। ट्रैक्टर व दूसरे वाहनों पर तिरंगा व किसान यूनियन के झंडे नजर आए। वाहनों पर डीजे पर तेज आवाज में बज रहे संगीत ने किसानों में जोश भरा। संयुक्त किसान मोर्चा की तरफ से ट्रैक्टर परेड में अनुशासन व व्यवस्था बनाए रखने के लिए डेढ़ हजार से ज्यादा वालंटियर की ड्यूटी लगाई है।
सुबह 10 बजे के बाद ही ट्रैक्टर परेड, राष्ट्रीय परेड पूरी होने का करेंगे किसान इंतजार
टीकरी बॉर्डर से गणतंत्र दिवस पर 40 हजार के करीब ट्रैक्टर नांगलोई, नजफगढ़ होते हुए झाड़ौदा कलां बॉर्डर से आसौदा टोल पर पहुंचेंगे। कहा जा रहा है कि किसान राष्ट्रीय परेड के पूरे होने का इंतजार करेंगे, लेकिन हजारों की संख्या में ट्रैक्टर परेड में भाग ले रहे युवा किसान समय को लेकर जल्दबाजी कर सकते हैं। इतना ही नहीं, कुछ किसान नेताओं का कहना है कि सुबह ही ट्रैक्टर परेड शुरू होने का समय तय हो पाएगा। इतना ही नहीं, संयुक्त किसान मोर्चा ने साफ किया है कि अगर सरकार ने तीन कृषि कानून वापस नहीं लिए तो ट्रैक्टर परेड में आए किसान वापस नहीं लौटेंगे।
पंजाब व हरियाणा के किसान बॉर्डर पर एक रंग में आए नजर
टीकरी बार्डर पर सोमवार को डटे पंजाब व हरियाणा के किसान एक रंग में नजर आए। कहीं हरियाणा के किसान हुक्का गुड़गड़ाते नजर आए। दूसरी तरफ पंजाब के किसान होर्डिंग व बैनर के माध्यम से आवाज बुलंद करते नजर आए। हालांकि भोजन को लेकर प्रबंधन समिति चिंतित है। क्योंकि तीन दिन से बॉर्डर पर किसानों की संख्या बढ़ गई है। दूसरा, पीछे से ट्रैक्टरों के साथ ट्रॉली न लेकर आने के कारण खाद्य सामग्री कम आ रही है। हालांकि समिति को भरोसा है कि ट्रैक्टर परेड के बाद भोजन की स्थिति व्यवस्थित हो जाएगी।
संदिग्ध युवक के पकड़े जाने से किसान सतर्क, रात को सर्च अभियान चला बॉर्डर पर
उधर, टीकरी बॉर्डर पर एक दिन पहले एक युवक के संदिग्ध हालात में किसानों द्वारा पकड़े जाने पर सोमवार को किसान सतर्क नजर आए। वालंटियर की मीटिंग में संयुक्त मोर्चा प्रबंधन समिति के सदस्य मीत मान ने संबोधित करते हुए कहा कि, एक-एक चीज पर वालंटियर नजर रखें। रात को सर्च अभियान चलाया गया था। सोमवार रात को भी सर्च अभियान चला।