सांघी मंडी में बिजली के लिए पोल पर चढ़कर कनेक्शन करता कर्मचारी। 10 आरओएच 104
सांघी मंडी में ऑटो में रखा बिजली का सामान। 10 आरओएच 104
सांघी मंडी में ट्रैक्टर से मिट्टी हटाकर की जा रही सफाई। 10 आरओएच 106
सांघी मंडी में लगे गेहूं के बीच से चलता बाइक सवार। 10 आरओएच 107 और 108
सांघी गांव में मंडी में जगह की कमी की वजह से किसान सड़क पर गेहूं रखने को मजबूर। 10 आरओएच 109
बलवान सिंह। 10 आरओएच 117
सतवीर। 10 आरओएच 118
किशन। 10 आरओएच 119
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10 दिन बाद याद आया मंडी में बिजली और पानी भी चाहिए
सांघी मंडी में बीते छह दिन से अंधेरे में पड़ा है गेहूं, अब शुरू कराई गई सफाई
मंडी में बारदाना तक नहीं आया, किसान और आढ़ती बदइंतजामी में परेशान
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
गेहूं की सरकारी खरीद शुरू होने के 10 दिन बाद मार्केट कमेटी के अधिकारियों को आखिर याद आ ही गया कि मंडियों में बिजली, पानी, सफाई समेत अन्य इंतजाम की भी जरूरत होती है। भले ही सरकारी खरीद एक अप्रैल से शुरू कर दी गई हो, लेकिन रोहतक के आसपास के गांवों में गेहूं की सरकारी खरीद को लेकर व्यवस्था नहीं की गई है। अमर उजाला टीम ने मंगलवार को गांव सांघी की मंडी का निरीक्षण किया। जहां गेहूं की रखने की जगह कम है, सफाई है नहीं। छह दिन से गेहूं अंधेरे में पड़ा है, बिजली का इंतजाम नहीं है। अनाज की रखवाली के लिए चौकीदार तक नहीं है। सबसे बड़ी बात है कि अभी तक यहां कोई अधिकारी झांकने तक नहीं आया है।
सीन:1
अब रोशनी का इंतजाम करने पहुंचे
मंडी में रोशनी का इंतजाम करने के लिए मंगलवार को मार्केट कमेटी की ओर से कर्मचारियों को भेजा गया। हाईमास्ट लाइट लगाकर तारों को जोड़ा जा रहा था। इसके साथ ही हाइलोजन भी लगाने के लिए लाए गए। आढ़तियों और किसानों का कहना था कि मंडी में गेहूं आने के लिए पहले ही रोशनी का इंतजाम कर देना चाहिए था, छह दिन से गेहूं अंधेरे में पड़ा था।
सीन:2
रखने के लिए नहीं है जगह, सड़क पर पड़ा है गेहूं
सांघी मंडी से पिछले वर्ष करीब करीब सवा दो लाख क्विंटल गेहूं खरीदा गया था, इतना गेहूं रखने के लिए मंडी में जगह कम है। गेहूं खेतों में पड़ा है या सड़क पर पड़ा है। किसानों और आढ़तियों ने बताया कि विभागों की जिम्मेदारी है कि गेहूं को सुरक्षित रखने के लिए जगह उपलब्ध कराए, लेकिन ऐसा हो नहीं रहा है। मंडी में मिट्टी हटाकर जगह बनाई जा रही है, जिससे गेहूं गंदा हो रहा है।
सीन:3
मंडी में पीने के पानी तक का इंतजाम विभाग की ओर से नहीं किया गया है। जिससे मंडी के करीब 20 आढ़तियों, किसान, जमींदार, मजदूरों के लिए बड़ी समस्या है। अपने स्तर पर लोगों के लिए पानी का इंतजाम करना पड़ता है, लेकिन मार्केट कमेटी की ओर से मंडी में पानी का कोई इंतजाम नहीं किया गया है।
बोले किसान और आढ़ती
अभी तक बारदाना तक नहीं आया है। जब बारदाना आएगा तो तौल शुरू होगी। तब तक गेहूं खुले में ही रखना पड़ेगा, इसे बारिश से बचाने का भी इंतजाम नहीं है।
-सतवीर, आढ़ती
मंडी में परेशानी ही परेशानी है। यहां न तो पानी की व्यवस्था की गई और न ही सफाई की दिशा में अभी तक कोई कदम उठाया गया है। मंडी में चौकीदार तक नहीं है।
-बलवान सिंह हुड्डा, किसान
अंधेरा होने से गेहूं चोरी होने का भय बना रहता है, शेड तक का इंतजाम नहीं है, जिससे गेहूं को बारिश के दौरान सुरक्षित रखा जा सके, मंडी में काफी परेशानी है।
-किशन, आढ़ती
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एडीसी ने किया फसल कटाई प्रयोगों का निरीक्षण
लाखनमाजरा।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत अतिरिक्त उपायुक्त अजय कुमार ने मंगलवार को लाखनमाजरा ब्लाक के गांव सिसरोली में गेहूं फसल की कटाई का निरीक्षण किया। जिससे औसत पैदावार का सही आंकलन किया जा सके। किसान से फसल के बारे में जानकारी लेने के साथ अधिकारियों को सही आंकलन करने का आदेश दिया। इसके साथ ही जिले में गेहूं, चना, जौ और सरसों फसल में किए जा रहे चार-चार फसल कटाई प्रयोगों के बारे में भी आदेश दिए।
किसानों को योजनाओं के बारे में भी जागरूक किया गया। गांव के कई किसानों ने बायो-गैस संयंत्र लगवाने में रुचि दिखाई। जिस पर कृषि विभाग को औपचारिकताएं पूरी करने निर्देश दिए गए। अतिरिक्त उपायुक्त ने इस दौरान गांव में विकास कार्यों का ब्योरा भी लिया। इस मौके पर उपकृषि निदेशक रोहताश सिंह, सहायक सांख्यिकी अधिकारी विनोद हुड्डा, बजाज आलियांज प्रतिनिधि दिव्येश चंद्र, खंड तकनीकी प्रबंधक जयभगवान, सांख्यिकी सहायक विकास कुमार मौजूद रहे।