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10 रुपये के लिए कौन जाए पुलिस स्टेशन

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फॉलोअप : ‘10 रुपये के लिए कौन जाए पुलिस स्टेशन’
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- हरियाणा में डेढ़ साल से नहीं चल रहा सिक्का, लेकिन किसी ने अब तक नहीं कराई एफआईआर

- अमर उजाला टीम के सामने एक व्यक्ति सामने आया, जिसने प्रयास किया, लेकिन हुआ कुछ नहीं
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
दिल्ली में 2016 और 2017 में 10 रुपये का नकली सिक्के बनाने की फैक्ट्री पकड़े जाने के बाद रोहतक समेत हरियाणा के कई जिलों में यह सिक्का कोई लेना नहीं चाहता है, लेकिन कोई इसके खिलाफ ठोस कदम भी उठाना नहीं चाहता है। प्रशासन, बैंकों के एलडीएम और पुलिस शिकायत का इंतजार करने की बात करती है तो आम लोगों का कहना है कि 10 रुपये के लिए कौन पुलिस स्टेशन जाए। मुकदमेबाजी के चक्कर में फंसे। अगर कोई 10 रुपये का सिक्का नहीं लेता तो हम भी नहीं लेंगे। नतीजा सिक्का चलना ही बंद हो गया। जो गैरकानूनी और देशद्रोह है। अमर उजाला के सामने सिर्फ एक व्यक्ति सामने आया, जिसने कहा कि वह पुलिस के पास गया था, लेकिन हुआ कुछ नहीं।
अमर उजाला की टीम ने बृहस्पतिवार को रोहतक की जनता से यह जानना चाहा कि जब जिले में 10 रुपये का सिक्का नहीं चलने से उन्हें परेशानी होती है, तो उन्होंने राष्ट्रीय मुद्रा को लेने से मना करने वाले के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज क्यों नहीं कराई। या कभी उनके मन में कार्रवाई कराने का ख्याल भी आया। उनका जवाब चौंकाने वाला था। लोगों का कहना था कि 10 रुपये के लिए पुलिस स्टेशन जाकर परेशानी मोल क्यों ली जाए। यह ताज्जुब की बात है कि हरियाणा में करीब डेढ़ साल से 10 रुपये का सिक्का नहीं चल रहा है, लेकिन न तो किसी व्यापारी, न उद्योगपति, न सामाजिक कार्यकर्ता और न ही किसी आम इंसान ने एफआईआर दर्ज कराई है। इस दौरान एक निजी कंपनी में फाइनेंस मैनेजर सुरेश सेतिया ने बताया कि 10 का सिक्का लेने से मना करने पर उन्होंने एक बाद पुलिस से शिकायत की थी, लेकिन पुलिस ने कुछ किया नहीं। उन्होंने कहा कि इस मामले में लोगों को जागरूक करने की आवश्यकता है, जिससे उनकी रिपोर्ट दर्ज हो और कोई भी 10 का सिक्का लेने से मना नहीं कर सके।
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बोले लोग
रोहतक में 10 रुपये का सिक्का नहीं चलने से बहुत दिक्कत है। हरियाणा के और भी जिलों में सिक्का नहीं चलता है। काफी वक्त से यह परेशानी है, लेकिन कभी पुलिस स्टेशन जाकर इसकी शिकायत नहीं की।
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- परमजीत सिंह, ट्रांसपोर्टर

रोहतक से लगे बहादुरगढ़ तक में 10 रुपये का सिक्का चल रहा है, लेकिन रोहतक आते ही 10 रुपये का सिक्का चलना बंद हो जाता है। रोज ही इस परेशानी का सामना करना पड़ता है, लेकिन कभी पुलिस से शिकायत नहीं की।
- नितिन, व्यापारी
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