अमर उजाला लाइव :
‘ग्राहक सिक्का लेता ही नहीं, हम भी मना कर देते हैं’
- सड़क से लेकर मॉल तक के दुकानदार 10 का सिक्का लेने से कर देते हैं इंकार
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
आपकी जेब में 10 रुपये का सिक्का है तो हरियाणा आने से पहले ही खर्च कर दें। रोहतक रेलवे स्टेशन से बाहर कदम रखते ही 10 रुपये के सिक्के का भाव कौड़ी भर का भी नहीं रहेगा। इसे हर कोई लेने से इंकार कर दिया। इस सिक्के को आप तब ही खर्च कर पाएंगे, जब हरियाणा की सीमा से बाहर कदम रखेंगे। रोहतक समेत हरियाणा के कई जिलों में 10 रुपये का सिक्का मारा-मारा फिर रहा है। सिक्का मुसीबत बन गया है, लेकिन इससे निजात दिलाने वाला भी कोई नहीं। सड़क से लेकर शॉपिंग मॉल तक कभी भी 10 का सिक्का आप चला नहीं सकते हैं। अमर उजाला की टीम ने लोगों की इस दिक्कत की मंगलवार को पड़ताल की, हकीकत चौंकाने वाली निकली। जिले में कोई भी चाहता कि 10 के सिक्के की मुसीबत उनके सिर आए। लोगोें का कहना था कि उसने कोई सिक्का लेता ही नहीं तो वह भी बना कर देते हैं।
सीन-1
समय: सुबह 12 बजे
स्थान: जिला विकास भवन के पास
दुकानदार नन्हे यहां पर बेर का ठेला लगाते हैं। उनके पास जाकर 10 रुपये का सिक्का देते हुए बेर देने के लिए कहा गया, लेकिन नन्हे ने सिक्का लेने से इंकार कर दिया। उन्होंने कहा कि यहां 10 रुपये का सिक्का चलता ही नहीं है। टीम बगैर बेर लिए ही आगे बढ़ गई।
सीन-2
समय: दोपहर 12:10 बजे
स्थान: जिला विकास भवन के पास
टीम कुछ आगे बढ़ी, जहां पर दुकानदार गणेश ने अमरूद का ठेला लगाया था, उन्होंने बताया कि रोहतक मंडी से ताजा अमरूद लेकर आए हैं और 70 रुपये प्रति किलो का भाव है। इन्होंने भी 10 रुपये का सिक्का लेने से मना कर दिया।
सीन-3
समय: सुबह 12:23 बजे
स्थान: करनाल रेस्ट हाउस के पास
रेस्ट हाउस के पास दुकानदार रामकुमार ने किन्नू बेच रहे थे, इन्होंने भी 10 रुपये का सिक्का लेने से मना कर दिया। उनका कहना था कि यहां पर ग्राहक सिक्का लेने से मना कर देता है, उनके पास सिक्का नहीं लेने की मजबूरी है।
सीन-4
समय: सुबह 12 बजे
स्थान: करनाल रेस्ट हाउस के पास
ऑटो चालक ने बताया कि सवारियों से 10 का सिक्का नहीं लेते हैं, क्योंकि जब वह सवारियों को 10 का सिक्का लेते हैं तो लेने से मना कर दिया जाता है। ऐसे में दिक्कत का सामना करना पड़ता है। फुटकर की बहुत समस्या आती है, लेकिन 10 का सिक्का चलता ही नहीं है।
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इंसेट:
10 का सिक्का क्यों नहीं ले रहे, इसकी जानकारी किसी को नहीं
जिले में 10 का सिक्का नहीं लिया जाता है, लेकिन यह किसी को जानकारी नहीं है कि आखिर ऐसा है क्यों। यहां तक कि बैंक भी हैरान है कि लोग 10 का सिक्का क्यों नहीं ले रहे हैं। दरअसल, कुछ समय पहले अफवाह उड़ी कि बाजार में 10 के नकली सिक्के मौजूद है। कहा गया कि जिन 10 के सिक्कों में 15 लाइनें बनी हैं, वह नकली है जबकि 10 लाइनों वाला सिक्का असली है। यह पूरी तरह से गलत है। 15 लाइनों वाले सिक्के की ढलाई 2008-09 में की गई थी और रुपये का सिंबल आने के बाद से वर्ष 2011 में इन सिक्कों को नई डिजाइन के साथ ढाला गया। नई डिजाइन के तहत 15 लाइनों को कम करके 10 कर दिया गया। बैंक अधिकारियों के मुताबिक दोनों ही सिक्के असली हैं। इसके साथ ही यह भी अफवाह उड़ी कि भारत सरकार 10 के सिक्कों का बंद करने वाली है। देश के कई शहरों में 10 के सिक्के नहीं चलने की दिक्कत आई और फिर ठीक भी हो गई, लेकिन हरियाणा के करीब नौ जिलों में यह अफवाह कायम है।
इंसेट:
कोई भी बैंक 10 रुपये का सिक्का लेने से मना नहीं कर सकता: एलडीएम
लीड डिस्ट्रिक्ट मैनेजर मुकेश कुमार जैन ने बताया कि आठ दिसंबर 2017 को रोहतक में नियुक्ति के बाद से उनके पास अभी तक 10 के सिक्के स्वीकार नहीं किए जाने की कोई शिकायत नहीं आई है। उन्होंने बताया कि बक्सर में तैनाती के दौरान उन्होंने इस समस्या का समाधान किया था। अगर कोई बैंक 10 का सिक्का लेने से मना करता है तो उसने शिकायत की जाए, तुरंत कार्रवाई की जाएगी। कोई भी बैंक 10 का सिक्का लेने से इंकार नहीं कर सकता है।
इंसेट:
अपराध है राष्ट्रीय मुद्रा को स्वीकार नहीं करना: उपायुक्त
उपायुक्त रोहतक डा. यश गर्ग ने बताया कि राष्ट्रीय मुद्रा को स्वीकार नहीं करना अपराध है। उन्होंने कहा कि अभी तक इसकी कोई शिकायत नहीं आई है, लोगों से अपील है कि 10 रुपये का सिक्का लें, इसे लेने से मना नहीं किया जा सकता है।
- बोले लोग
दिल्ली में तो 10 रुपये के सिक्के चलते हैं, लेकिन रोहतक में कोई भी इस सिक्के को नहीं लेता है। इससे बहुत परेशानी होती है। - करण
कोई भी 10 रुपये का सिक्का नहीं लेता है। इन सिक्कों को चलवाया जाना बेहद जरूरी है, जिससे फुटकर की दिक्कत दूर हो। - रजनी
जिले में 10 के सिक्के लेने से लोग इंकार कर देते हैं, लोगों को परेशानी भी हो रही है। ठोस कदम उठाने की जरूरत है। - मदन लाल अरोड़ा, पार्षद
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