पीली सरसों फूट उठी, मेरे पिया न बन शहरी...
हरियाणवी आर्केस्ट्रा की धुन पर झूमा एमडीयू
- यूथ फेस्टिवल व यूनिफेस्ट 2017 के दूसरे दिन सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति
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अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
इंटर जोनल यूथ फेस्टिवल यूनिफेस्ट 2017 के दूसरे दिन महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय में रंगारंग कार्यक्रमों के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों की मनमोहक प्रस्तुति दी गई। हरियाणवी संस्कृति की विशिष्ट छटा बिखेर रहे आर्केस्ट्रा और समूह गीतों पर पूरा संस्थान झूम उठा। वहीं स्किट इवेंट्स में विद्यार्थियों ने अपनी दमदार कला से दर्शकों का मन मोह लिया।
मंच पर विद्यार्थियों ने पारंपरिक हरियाणवी वाद्य यंत्र चिमटा, घड़वा, नगाड़ा, बंजु, डफ, मटका आदि से उपजी स्वर लहरियों ने उपस्थित दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। हरियाणवी समूह गीत में ‘पीली सरसों फूट उठी, मेरे पिया न बन शहरी’, हरियाणे की पाव धरती, मैन्नै दूर तै लै पिछाण’ आदि गीतों में हरियाणा की धरती की सौंधी महक फूट उठी। वहीं हरियाणवी स्किट में वर्तमान समाज की विसंगतियों तथा विरोधात्मक भाषाओं पर व्यंग्यात्मक टिप्पणी की गई।
वाद विवाद प्रतियोगिता में उठा छात्र संघ चुनाव का मुद्दा
छात्र संघ चुनाव प्रक्रिया भविष्य की लीडरशिप तैयार करती है, विद्यार्थियों की आवाज बनती है। यही नहीं यह लोकतांत्रिक प्रणाली को भी सुदृढ़ करती है। यह तर्क शनिवार को महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के इंटर जोनल यूथ फेस्टिवल यूनिफेस्ट 2017 में वाद-विवाद प्रतियोगिता में विद्यार्थियों द्वारा रखा गया।
आयोजन के दौरान बताया गया कि छात्र संघ चुनाव छात्र हितों के लिए जरूरी है। इस विषय पर तर्कों के बीच वाद विवाद प्रतियोगिता हिंदी व अंग्रेजी में देखने व सुनने को मिली। हिंदी वाद विवाद प्रतियोगिता का आयोजन डीडीई कांफ्रेस हाल में तथा अंग्रेजी वाद विवाद प्रतियोगिता का आयोजन डॉ. अंबेडकर हाल में किया गया। छात्र संघ चुनाव का विरोध करने वाले प्रतिभागियों ने छात्र संघ चुनाव की वजह से बढ़ी हिंसा, झगड़ा, मनमुटाव, गुटबाजी, अनुशासनहीनता को इसका मुख्य कारण बताया और कहा कि इनकी वजह से चुनाव नहीं होने चाहिए। वक्ताओं ने कहा कि विद्यार्थी का काम अध्ययन करना तथा कैरियर बनाना है, न कि राजनीतिक मोहरा बनना। वक्ताओं ने बताया कि शैक्षणिक संस्थानों का माहौल छात्र संघ चुनाव की राजनीति की वजह से खराब होता है। वहीं हिंदी वाद विवाद प्रतियोगिता इवेंट का संयोजन हिंदी विभाग के प्रो. संजीव वर्मा तथा अंग्रेजी वाद विवाद प्रतियोगिता का संयोजन विधि विभाग के डॉ. सत्यपाल सिंह ने किया।
प्रतिभागियों ने दिखाया ललित कला का हुनर
फेस्टिवल में शिरकत कर रहे विद्यार्थियों ने अपना ललित कला का हुनर दिखाया। टैगोर सभागार के कला गगन में प्रतिभागियों ने समाचार पत्रों तथा पत्रिकाओं की कतरनें काटकर युवा शक्ति थीम पर कोलॉज बनाए। विभिन्न वेस्ट प्रोडक्ट्स से बेस्ट आउट ऑफ वेस्ट इवेंट में प्रगतिशील हरियाणा थीम को लेकर प्रतिभागियों ने इंस्टालेशन वर्कर्स बनाए। पोस्टर मेकिंग इवेंट्स में पुस्तक मेला तथा युवा महोत्सव के प्रचार संबंधित पोस्टर प्रतिभागियों ने बनाए। कला गगन में प्रो. संजू नंदा, डॉ. अंजु धीमान, डॉ. रितू गिल ने आयोजन सहयोग में भूमिका निभाई। ललित कला कर्मी पद्म चंद, शक्ति अहलावत, किशोर शंकर चावला ने निर्णायक का दायित्व निभाया।
नवीन ओहल्याण ने भरा युवाओं में जोश
बॉलीवुड का तड़का शनिवार को महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के इंटर जोनल यूथ फेस्टिवल में देखने को मिला। यहां टैगोर सभागार में सुल्तान फिल्म में सलमान खान के पिता का सशक्त किरदार निभाने वाले प्रतिष्ठित हरियाणवी आर्टिस्ट नवीन ओहल्याण ने अपने चिरपरिचित अंदाज में सदन को झूमा दिया। नवीन ने कहा कि सलमान के पिता का किरदार वे कर चुके हैं, अब उनकी तमन्ना है कि हरियाणा का यूथ आगे आए और सुल्तान के बेटे का किरदार निभाए।
रंगमंच के माध्यम से किया जीवंत मंचन
जीवन के रंगमंच के झंझावतों, संघर्षों, गम व खुशी तथा मानवीय जीवन की विसंगतियों का जीवंत मंचन महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के इंटर-जोनल यूथ फेस्टिवल के ड्रामा इवेंट में बखूबी देखने को मिला। यहां एकांकी इवेंट में सामाजिक कुरीतियों पर प्रहार किया गया। इसके अलावा नारी की दशा को नाटक के जरिये अभिव्यक्त किया गया। अभिनेताओं व अभिनेत्रियों ने अपने भाव व प्रवण अभिनय से मानव मन की विविध परतों को उजागर किया। जीवन का नाटक और नाटक में जीवन जारी है... का संदेश एकांकी इवेंट में मुखरित हुआ।