नो पावर कट शेड्यूल में भी जारी ‘बिजली कट’
चरखी दादरी।
शहर को पावर कटों से मुक्त करने के लिए सूबे के मुख्यमंत्री मनोहर लाल द्वारा दिए गए आदेशों पर अब तक पूर्णतया अमल होता नजर नहीं आ रहा। इन आदेशों के कुछ दिन बाद तक बिजली व्यवस्था पटरी पर रही लेकिन अब पिछले दस दिनों से अनिश्चित समय तक लगने वाले बिजली कटों का खेल फिर से शुरू हो गया है। दिनभर में छह से अधिक बिजली कट इस समय शहर में लग रहे हैं और इसका सीधे तौर पर इलेक्ट्रानिक्स, मोबाइल, सर्राफा मार्केट पर पड़ रहा है। मोबाइल व सर्राफा बाजार का काम जहां 20 प्रतिशत तक प्रभावित हो रहा है तो वहीं टेलर मार्केट पर इसका असर ज्यादा नजर आ रहा है। वहीं, निगम अधिकारियों का तर्क है कि पुरानी तारों व जंफरों को बदलने के लिए बिजली कट लगाए जा रहे हैं। शहरवासियों की मानें तो दिन में एक बिजली कट तो दो से तीन घंटे का लग रहा है और इसमें दिनचर्या काफी हद तक प्रभावित हो रही है। वहीं, अगर शहर के मौजूदा लाइन लॉस की बात करें तो पिछले डेढ़ माह में करीब दो प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ यह 34 फीसदी पर जा पहुंचा है। गत डेढ़ माह में बिजली निगम की टीमों ने करीब 40 बिजली चोरियां पकड़ी हैं जबकि बंद या खराब पड़े 45 मीटरों को भी बदला गया है। निगम अधिकारियों का कहना है कि पुरानी तारों को बदलने का कार्य पूरा होने के बाद शहर में फॉल्ट आने व बिजली पावर कट की संभावना बेहद कम रहेगी। वहीं, शहरवासियों ने निगम अधिकारियों से बिजली कटों के खेल को बंद करने की मांग की है।
14 अक्तूबर को मुख्यमंत्री मनोहर लाल दो दिन के प्रवास पर चरखी दादरी जिले में आए थे। इस दौरान उन्होंने करीब 390 समस्याएं सुनी थीं और इनमें से 45 शिकायतें बिजली विभाग से संबंधित थी। अकेले शहर की बात करें तो बिजली किल्लत संबंधी सीएम मनोहर लाल के सामने 30 समस्याएं पहुंची थी। इन समस्याओं पर संज्ञान लेते हुए सीएम ने दादरी शहर को पावर कटों से मुक्त करने के आदेश दे दिए थे। सीएम के आदेशों पर अमल करते हुए निगम अधिकारियों ने भी शहर को पावर कटों से मुक्त करने की घोषणा की थी। अमर उजाला ने गत 16 अक्तूबर को ‘सीएम के आदेश: नो मोर पावर कट इन द सिटी’ नामक शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इसमें निगम अधिकारियों ने शहर में एक भी पावर कट न लगाने के दावें किए थे। शहरवासियों का कहना है कि ये दावे करीब एक सप्ताह तक धरातल पर सच नजर आए लेकिन इसके बाद हालात दोबारा से पहले जैसे बन गए। हालांकि मौजूदा समय में जो बिजली कट लग रहे हैं उनका समय निश्चित नहीं है। अनशेड्यूल बिजली कट पिछले करीब दो सप्ताह से लग रहे हैं और कई दफा तो सुबह बाधित हुई बिजली सप्लाई शाम तक बहाल होती है। हालांकि निगम अधिकारी सौर ऊर्जा मित्र एप्लीकेशन के जरिए उपभोक्ताओं के मोबाइल नंबरों पर बिजली कट का मैसेज भेजते हैं लेकिन सभी उपभोक्ताओं के इस एप्लीकेशन से जुड़े न होने के चलते बिजली कटों की जानकारी नहीं मिल पा रही है।
दो फीसदी लाइन लॉस बढ़ा, तीन टीमों ने पकड़ी 40 बिजली चोरियां
शहर को पावर कटों से मुक्त हुई करीब डेढ़ माह का समय बीत चुका है और इस समयावधि में लाइन लॉस में दो प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। फिलहाल शहर का लाइन लॉस भी 32 प्रतिशत से बढ़कर 34 प्रतिशत पर पहुंच चुका है। स्ट्रीट लाइटों के जरिए बिजली चोरी के मामले पकड़ में आने से कुछ हद तक बिजली चोरी पर अंकुश भी लगा है। अगर बीते डेढ़ माह की बात करें तो निगम की तीन टीमों ने करीब 40 बिजली चोरियां शहर के विभिन्न क्षेत्रों में पकड़ी हैं। इनके अलावा करीब 45 जले या बंद पड़े बिजली मीटरों को भी निगम की टीमों ने बदला है।
किस फीडर पर कितना लाइन लॉस
फीडर लाइन लॉस
वाटर वर्क्स 5.0
चिड़िया रोड इंडस्ट्रीज 6.1
हीरा चौक फीडर 32.2
महेंद्रगढ़ रोड फीडर 28.0
घिकाड़ा रोड फीडर 29.0
बस स्टैंड फीडर 34.2
दादरी सिटी फीडर 32.0
दादरी अर्बन फीडर 33.0
चिड़िया रोड-एक 27.0
(ये आंकड़ा प्रतिशत में हैं और फीडरों की यह स्थिति अक्तूबर माह की है )
बाक्स: सर्दी में 30 हजार यूनिट तक बढ़ती है बिजली खपत
निगम सूत्रों की मानें तो सामान्य शहर में तीन लाख यूनिट प्रतिदिन बिजली की खपत होती है। सर्दियों में यह आंकड़ा थोड़ा सा बढ़ जाता है। निगम सूत्रों की कहना है कि शहर में सर्दियों के मौसम में सवा तीन से 3.30 लाख यूनिट बिजली की खपत होती है। निगम अधिकारियों की मानें तो सर्दियों के मौसम में बिजली लोड बढ़ने से फॉल्ट न आए इसके लिए तारों व पुराने जंफरों को बदलने का काम चल रहा है।
लोग बोले: निगम अधिकारी मनमर्जी से किसी भी समय लगा रहे बिजली कट
--बिजली के कटों के कारण काफी परेशानी हो रही है। बिजली विभाग मनमर्जी से कट लगा रहा है। दिन के समय एक से तीन घंटे के कट लगने से दुकानदारी पर ज्यादा असर पड़ता है। विभाग को दिन के समय बिजली कट नहीं लगानी चाहिए।
जितेंद्र, पूर्ण मार्केट दुकानदार
--दिन व रात के समय अधिक कट लगने के कारण ज्यादा दिक्कतें होती है। सीएम ने शहर को पावर कटों से मुक्त करने के आदेश दिए थे लेकिन ये आदेश धरातल पर पूरे होते नजर नहीं आ रहे। प्लानिंग बनाकर लोगों को बिजली कट से निजात दिलाना चाहिए।
विक्रम, घिकाड़ा रोड निवासी
--बिजली कटों के कारण दुकानदारी पर गहरा असर पड़ा है। काम के समय दिन में बिजली कट लग जाते हैं और काम अधर में लटक जाता है। काम कराने आए ग्राहक को भी काफी लंबा इंतजार करना पड़ता है। दिनभर में आठ से दस पावर कट लग रहे हैं।
सोमबीर कलकल, वार्ड 20
-- बिजली विभाग के अधिकारी मनमर्जी से कट लगा रहे है। बिजली के कट लगाने व बहाली तक का समय निर्धारित नहीं है। कई दफा तो सुबह गुल हुई बिजली सप्लाई शाम को जाकर बहाल होती है और इससे दिनचर्या रूक जाती है। चेतन कौशिक, एमसी कॉलोनी
पावर कट नहीं, मेंटनेंस वर्क के चलते काट रही हैं बिजली सप्लाई: एसडीओ
बिजली निगम के एसडीओ विक्रम परमार ने बताया कि शहर में पावर कट नहीं लग रहे हैं बल्कि कुछ कंडम बिजली तारों व जंफरों को बदलने का काम चल रहा है। इस मेंटनेंस कार्य के चलते ही बिजली कट लगाए जाते हैं। कुछ कालोनियों के ट्रांसफार्मर ओवरलोड चल रहे हैं और इस कारण फाल्ट आने से बिजली गुल हो रही है। मेंटनेंस वर्क पूरा होते ही शहरवासियों को बिजली कटों से हम पूर्णतया राहत दिला देंगे। हम ज्यादा से ज्यादा उपभोक्ताओं तक बिजली कटों की सूचनाएं मैसेज के जरिए पहुंचा रहे हैं।