शहर में भी बनेगी नंदीशाला, जिले को कैटल फ्री करने की डेडलाइन हुई 25
चरखी दादरी।
डीसी विजय सिद्प्पा ने बुधवार को जिले को कैटल फ्री बनाने के अभियान की समीक्षा के लिए पशु पालन और पंचायत विभाग और नगर परिषद के अधिकारियों की बैठक ली। डीसी ने इन विभागों के अधिकारियों को लावारिस पशुओं से निजात दिलाने के लिए 20 सितंबर की डेडलाइन रखी थी, लेकिन अधिकारी समय पर काम पूरा नहीं कर सके। जिले में अब भी करीब 1500 लावारिस पशु सड़कों पर घूम रहे हैं। वहीं, कलियाणा नंदीशाला की ओर से शहरी गोवंश को लेने से इंकार करने पर डीसी ने अब नगर परिषद को शहर में भी एक नंदीशाला खोलने के आदेश दिए है। डीसी ने जिले को लावारिस पशु मुक्त बनाने के लिए नई डेडलाइन 26 सितंबर दी है। डीसी ने कहा है कि इस बार अगर कोई कोताही बरती गई तो संबंधित अधिकारी पर कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि शहर की नंदीशाला में पशुओं के लिए पानी व जगह का प्रबंध नगर परिषद को करना होगा। प्रशासन ने जिले के सामाजिक संगठनों से भी इसमें सहयोग देने की अपील की है। बैठक में अभियान में बरती जा रही कोताही पर एसडीएम ओमप्रकाश देवराला का भी दर्द झलका। एसडीएम ने विभागीय अधिकारियों पर उनके निर्देशों को गंभीरता से न लेने के आरोप लगाए हैं। यह मामला सामने आने पर डीसी ने एसडीएम को ऐसा करने वाले अधिकारियों के खिलाफ तुरंत प्रभाव से कार्रवाई करने के निर्देश भी जारी कर दिए।
प्रशासन के आंकड़ों के अनुसार दादरी शहर व ग्रामीण क्षेत्रों में लावारिस पशुओं की संख्या करीब 4106 है। पिछले करीब डेढ़ माह से जारी अभियान की दो दफा डेडलाइन निर्धारित की चुकी है। इस बार डीसी ने 20 सितंबर तक जिले तक लावारिस पशुओं से निजात दिलाने का दावा किया था जोकि सिरे नहीं चढ़ पाया। इस पर उन्होंने बुधवार सुबह करीब साढ़े दस बजे अपने कार्यालय में विभागीय अधिकारियों की बैठक बुुलाई। इसमें एसडीएम ओमप्रकाश देवराला भी मौजूद रहे। बैठक में शहर को कैटल फ्री शहर बनाने के संबंध में प्रशासन के निर्देशों पर चलाए जा रहे अभियान की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि जिले में अब भी करीब 1550 लावारिस पशु सड़कों पर खुले घूम रहे हैं। वहीं, दादरी शहर में भी करीब 550 पशु अभी पकड़ने बाकी है। अधिकारिक लापरवाही पर डीसी ने काम में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को जमकर लताड़ लगाई। डीसी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि हर हाल में जिला 26 सितंबर तक कैटल फ्री होना चाहिए। वहीं, डीसी ने कलियाणा नंदीशाला में अव्यवस्थाओं को भी दूर करने के निर्देश पंचायत विभाग के अधिकारियों को दिए। शहर में अभी भी लावारिस पशुओं की तादाद अधिक होने और गांवों की नंदीशालाओं में इन्हें रखने से इंकार करने पर डीसी ने नगर परिषद सचिव संजय यादव व एमई हरिकिशन शर्मा को नगर परिषद की जमीन पर तुरंत प्रभाव से नंदीशाला बनाने के निर्देश दे दिए। नगर परिषद अधिकारियों ने शाम के समय लावारिस पशु पकड़ने का अभियान चलाने की अनुमति डीसी से मांग ली। नप सचिव का तर्क था कि दिन के समय शहर में अभियान चलाने में परेशानियां आती हैं, इसलिए शाम का समय अभियान चलाने के लिए उपयुक्त रहेगा। डीसी सर, मेरी सुनते ही नहीं है अधिकारी
एसडीएम ओमप्रकाश देवराला विभागीय अधिकारियों की लापरवाही से काफी खफा नजर आए। उन्होंने अब तक जिले के कैटल फ्री न होने का कारण अधिकारियों की मनमानी बताया। एसडीएम ने कहा कि डीसी सर अधिकारी मेरी बात नहीं मानते और जो निर्देश देता हूं उन पर अमल नहीं किया जाता। इस पर डीसी ने अधिकारियों को फटकार लगाई और कहा कि अभियान के संबंध में जो एसडीएम निर्देश देते हैं वो उनके नहीं मेरे हैं। अगर इस बार ऐसी शिकायत सुनने में आई तो ऐसा करने वाले अधिकारियों को सबक सिखा दिया जाएगा।
तो क्या अधिकारी भड़का रहे हैं पंचायतों को!
बैठक में डीसी विजय सिद्प्पा ने अधिकारियों से पंचायतों का शहरी पशुओं को नंदीशालाओं में रखने के विरोध करने का कारण भी पूछा। डीसी ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि अगर कोई अधिकारी पंचायतों को भड़का रहा है तो उसकी खैर नहीं। उन्होंने बीडीपीओ सहित अन्य विभागीय अधिकारियों को आदेश दिए कि वो गांवों में जाकर पंचायत प्रतिनिधियों व मौजिज ग्रामीणों से तालमेल कर नंदीशालाओं में व्यवस्थाएं कायम रखने के लिए मदद मांगें। डीसी ने कहा अब कटाई का समय है और किसान पशुचारा के प्रबंध में जिला प्रशासन का सहयोग कर सकते हैं।
दो दिन बाद बंद होगी नहरें, नंदीशालाओं में नहीं पानी का प्रबंध
डीसी ने बैठक के दौरान सिंचाई विभाग के अधिकारियों से बातचीत कर नहरी पानी का ब्यौरा मांगा। इस दौरान डीसी ने कहा कि दो दिन में जिले की नहरों में पानी बंद हो जाएगा और जल्द से जल्द नंदीशालाओं में पीने के पानी का प्रबंध कर दें। डीसी ने बताया कि नंदीशाला के लिए बधवाना डिस्ट्रीब्यूटरी से पानी सिंचाई विभाग मुहैया करवाएगा। डीसी ने निर्देश देते हुए कहा कि एक दिन का समय ही बचा है इसलिए तुरंत प्रभाव से नंदीशालाओं में पानी का प्रबंध किया जाए।
अगर अब मौका दोगे तो बख्शूंगा नहीं मैं
बैठक खत्म होने से पहले डीसी ने पंचायत विभाग के सभी अधिकारियों से मामले में ढिलाई न बरतने की हिदायतें दीं। इस दौरान डीसी ने कहा कि इस बार अगर एसडीएम के आदेश न मानने, पंचायतों को भड़काने और काम में लापरवाही बरतने का मामले सामने आया तो उक्त अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा। डीसी ने कहा कि इस मेरी पहली और अंतिम चेतावनी समझे। इस बार अगर उन्हें शिकायत का मौका मिला तो वो अधिकारी को चूक सुधारने का मौका तक नहीं देंगे।
सीएम विंडो की शिकायतों में पंचायत विभाग टॉप पर
कैटल फ्री जिला बनाने को लेकर आयोजित बैठक में सीएम विंडो की शिकायतों का मामला भी उठा। डीसी ने पंचायत विभाग के अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि इस मामले में भी पंचायत विभाग अधिकारियों की लापरवाही काफी सामने आ रही हैं। डीसी ने कहा कि इस संबंध में जल्द ही एडीसी पंचायत विभाग के अधिकारियों की बैठक लेंगे।
वर्जन:
मैंने नगर परिषद को एक एकड़ जमीन पर नंदीशाला खोलने के निर्देश दे दिए हैं। अगली डेडलाइन 26 सितंबर दी गई है। अधिकारियों ने अगर इस बार लापरवाही बरती तो उन पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। शहर व जिले के सामाजिक संगठनों, व्यापारियों व आढ़तियों से अपील है कि नंदीशालाओं में पशु चारा का प्रबंध करने में प्रशासन का सहयोग करने के लिए आगे आए। नंदीशालाओं में भी तुरंत प्रभाव से पानी का प्रबंध करने के निर्देश दे दिए हैं।
विजय कुमार सिद्प्पा, डीसी
वर्जन:
नगर परिषद की एक एकड़ जमीन की चारदीवारी हो रखी है और वहां हम नंदीशाला खालेंगे। यहां पानी का प्रबंध भी कर दिया जाएगा। नंदीशाला खोलने के लिए हमने तैयारियां शुरू कर दी हैं। शहर में करीब 450 से 550 लावारिस पशु बचे हैं और शहरी नंदीशाला में करीब 600 पशुओं को रखने की व्यवस्था हो जाएगी।
संजय यादव, सचिव नगर परिषद