300 couples tied in marriage on Devoutni Ekadashi
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देवउठनी एकादशी पर बुधवार को शहर में 300 के करीब जोड़े शादी के बंधन में बंधे। ठंड के बीच शहर के हर कोने के रेस्टोरेंट व होटल में शादी की शहनाई बजती नजर आई। 90 प्रतिशत मैरिज हॉल बुक रहे। सजावट से लेकर बैंड बाजे वाले दिन-रात व्यस्त रहे। हालांकि बूंदाबांदी से बढ़ी ठंड के बीच शादियों में थोड़ा व्यवधान जरूर पड़ता नजर आया। होटल एवं रेस्टोंरेंट एसोसिएशन के महासचिव राकेश गुगनानी ने बताया कि कोरोना के चलते गर्मियों में नाममात्र की शादियां हुई। अब सर्दी के मौसम में देवउठनी एकादशी से शादियों के मुहूर्त शुरू हुए हैं। देवउठनी को अबुझ मुहूर्त माना जाता है। ऐसे में बुधवार को ज्यादातर बैंक्वेट हॉलल, रेस्टोंरेंट, होटल से लेकर मैरिज पैलेस तक बुक रहे। कई होटलों में तो अलग-अलग फ्लोर पर चार-चार शादियां हुई। कोरोना को लेकर जारी हिदायतों के चलते शादियों में कम ही मेहमान नजर आए। वहीं, गांवों में भी जमकर शादियां हुई।
अब 27 व 30 को शादियां
ज्योतिषाचार्य मनोज मिश्र ने बताया कि देवउठनी एकादशी पर तुलसी पूजा के साथ तुलसी और सालिग्राम का विवाह कराने के बाद शुभ संस्कारों की शुरुआत हो गई है। इसके बाद 15 दिसंबर से 14 जनवरी तक मलमास रहेगा। नए साल 2021 में 7 जनवरी से 15 फरवरी के बीच देव गुरु अस्त रहेंगे, इसके बाद होलाष्टक और फिर 14 मार्च से 14 अप्रैल तक फिर मीन मलमास रहेगा। इसलिए अप्रैल के पहले पखवाड़े तक कोई मुहूर्त नहीं है। ऐसे में 25 नवंबर के बाद अब 27 व 30 नवंबर और दिसंबर माह में 1, 6, 7, 9, 10 दिसंबर को शुभ मुहूर्त है।