रोहतक। स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (यूएचएस) में नकल के खेल मामले की जांच तेज हो गई है। इसी कड़ी में उत्तर पुस्तिकाओं से छेड़छाड़ व दोबारा उत्तर लिखवाने वाले 30 विद्यार्थियों को विवि में बुलाया गया। यहां पीजीआई के सह निदेशक कार्यालय में विशेषज्ञ की देखरेख में इनका हैंडराइटिंग (लिखावट) टेस्ट हुआ। इसके लिए विद्यार्थियों को एक-एक करके बुलाया गया।
हैंडराइटिंग टेस्ट के बाद विद्यार्थी सहमे नजर आए। विवि प्रशासन लिखावट का मिलान करने के बाद अगला कदम उठाएगा। इधर, पुलिस ने अपनी जांच पूरी करते हुए चार्जशीट भी अदालत में पेश कर दी है, जबकि इस मामले में अब तक 41 में केवल तीन ही लोग गिरफ्तार किए गए हैं। ये भी सामान्य कर्मचारी हैं। नकल के खेल में संलिप्त बड़े खिलाड़ी अभी तक पुलिस की पकड़ से बाहर हैं।
यूएचएस परिसर में शुक्रवार को नकल के खेल में शामिल विद्यार्थियों का हैंडराइटिंग टेस्ट का मुद्दा दिनभर गरमाया रहा। पीजीआई के सह निदेशक कार्यालय में विशेषज्ञों ने इन विद्यार्थियों का टेस्ट लिया। विद्यार्थियों से कागज पर सवाल लिखवाए जाने की बात सामने आई है। इनकी लिखावट उत्तर पुस्तिकाओं से मिलान की जाएगी। टेस्ट देने आए विद्यार्थियों से बात करने का प्रयास किया तो इन्होंने साफ इन्कार कर दिया। सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक टेस्ट प्रक्रिया चली। इसमें विवि की ओर से भी एक प्रोफेसर ने सहयोग किया।
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नकल के मामले में अब तक क्या-क्या हुआ
यूएचएस में नकल के मामले में एक निजी मेडिकल कॉलेज के विद्यार्थी ने आवाज उठाई थी। शुरू में उसके आरोपों को दरकिनार कर शिकायत कूड़ेदान में डाल दी गई। यह मुद्दा पुलिस, विजिलेंस तक भी पहुंचा। इस पर भी कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद विद्यार्थी ने मीडिया में जाने की तैयारी की तो विवि प्रशासन ने शिकायत पर कार्रवाई कर आरोपों की पुष्टि की और जनवरी में नकल का मामला उजागर हुआ।
जांच कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर यूएचएस प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए निजी कॉलेज के 24 एमबीबीएस विद्यार्थियों व विश्वविद्यालय के 17 कर्मचारियों समेत 41 लोगों के खिलाफ केस दर्ज कराया। विवि परीक्षा नियंत्रक बदलने के साथ परीक्षा शाखा में भी बड़ा उलटफेर किया गया। क्लर्क से लेकर उपाधीक्षक तक विश्वविद्यालय के छह नियमित कर्मचारी निलंबित व छह अनुबंधित कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त की गई हैं। नकल के मामले में पूरा गिरोह सक्रिय है।
एमबीबीएस पास कराने के लिए विद्यार्थियों से औसतन पांच लाख रुपये पेपर के हिसाब से वसूले गए। पुलिस ने नकद रुपये, उत्तर पुस्तिका सीलने वाली मशीन व अन्य जरूरी चीजें बरामद की हैं। तीन आरोपियों को जेल भेजने के बाद 17 संदिग्ध लोगों का रिकाॅर्ड खंगाला जा रहा है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
पुलिस ने भी जांच के लिए 200 उत्तर पुस्तिकाएं फॉरेंसिक लैब भेजीं
नकल के मामले में पुलिस की जांच भी जारी है। इसी कड़ी में पुलिस ने भी 200 उत्तर पुस्तिकाओं की लिखावट मिलाने के लिए फॉरेंसिक लैब भेजी हैं। फॉरेंसिक जांच का प्राथमिक उद्देश्य उत्तर पुस्तिकाओं की लिखावट एक समान होने व उत्तर मिटाने में इस्तेमाल की गई तकनीक का पता लगाना है। जांच से उत्तर पुस्तिकाओं में हुई छेड़छाड़ भी स्पष्ट हो जाएगी।
उत्तर पुस्तिकाओं की लिखावट का मिलान कराने के लिए विद्यार्थियों का हैंडराइटिंग टेस्ट लिया गया है। इसकी रिपोर्ट आने के बाद अगली कार्रवाई की जाएगी। कुछ विद्यार्थियों ने पिछले दिनों उत्तर पुस्तिकाओं में अपनी हैंडराइटिंग नहीं होने की बात कही थी। इसमें छेड़छाड़ का अंदेशा जताए जाने पर यह टेस्ट लिया गया है।
- डॉ. एसके सिंघल, निदेशक, पीजीआईएमएस।