फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

30 लाख में आंसर-की का सौदा करने वाला काबू, 7 साल से एक ही क्लास में

Sat, 25 Jul 2015 02:08 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
विज्ञापन
विज्ञापन
री-एआईपीएमटी से ठीक एक दिन पहले रोहतक पुलिस ने परचा लीक मामले के एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है।
विज्ञापन


30 लाख रुपये में एआइपीएमटी आंसर-की का सौदा करने वाला आदमपुर का पुरसानी कॉलोनी का राजेश बिश्नोई बृहस्पतिवार आधी रात को आईजी की टीम के हत्थे चढ़ा।

आरोपी को सेक्टर 14 से गिरफ्तार किया गया है।

बिश्नोई पीजीआई में एमबीबीएस तृतीय वर्ष का छात्र है और 7 साल से एमबीबीएस थर्ड ईयर में ही है। कोर्ट ने आरोपी को जेल भेज दिया। बिश्नोई के पिता रेवाड़ी में अस्सिटेंट एक्साइज टैक्सेशन ऑफिसर हैं।  
30 लाख रुपये में बनी थी बात
पुलिस को राजेश की दो महीने से तलाश थी। कई बार आदमपुर में उसके घर पर भी छापेमारी की गई, लेकिन राजेश नहीं मिला। इंस्पेक्टर वीरेंद्र सिंह ने बताया कि राजेश ने अनिल नाम के युवक को एआईपीएमटी की आंसर-की देने का सौदा 30 लाख रुपये में तय किया था। लेकिन मामला खुलने के बाद अनिल तक आंसर-की नहीं आ सकी।
विज्ञापन

राजेश को डॉ भूपेंद्र ने भेजी थी आंसर की
एआईपीएमटी पेपर लीक से जुड़े अधिकतर आरोपियों ने अपने-अपने ग्राहक तैयार कर रखे थे। इनमें से कुछ आरोपियों ने सीरीज भी बना रखी थी। पहले गिरफ्तार किए जा चुके डा भूपेंद्र सिंह ने राजेश तक आंसर-की पहुंचाई थी। यही की अनिल को भेजी जानी थी। इसी तरीके से राजेश ने कई प्रतिभागियों तक आंसर-की पहुंचाई।
एक सप्ताह पहले लगाई थी अग्रिम जमानत याचिका
मामले में आरोपी बनने के बाद राजेश कई महीनों से अग्रिम जमानत के  प्रयास में था। एक सप्ताह पहले उसने कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका भी दाखिल की थी। लेकिन कोर्ट ने याचिका को खारिज कर दिया।  
9 साल में भी पूरी नहीं की एमबीबीएस की पढ़ाई
मुफ्त का पैसा मुंह लगने के बाद राजेश ने कभी भी पढ़ाई को गंभीरता से नहीं लिया। इंस्पेक्टर वीरेंद्र का कहना है कि आरोपी ने 2006 के सत्र में दाखिला लिया था। इसके बाद तृतीय वर्ष के बाद वह लगातार फेल हो रहा था। ताकि इस गोरखधंधे  में लिप्त रह सके।
ऐसे आया पकड़ में
पुलिस ने मामले में जब डॉ भूपेंद्र को गिरफ्तार किया तो उसने राजेश सहित कई अन्य छात्रों के नाम उजागर किए थे। पुलिस ने 3 मई 2015 को राजेश के दोस्त रवि को गिरफ्तार किया। फिर रवि और डॉ भूपेंद्र से राजेश के बारे में जानकारी जुटाई। लगातार छापेमारी के बाद आरोपी पकड़ में आ गया।
सेक्टर 14 में ही रह रहा था आरोपी, फिर भी नहीं पहुंच पाई पुलिस
इतने बड़े गिरोह का भंडाफोड़ होने के बाद भी आरोपियों में पुलिस का खौफ नहीं है। आरोपी राजेश पिछले कई महीनों से शहर के सेक्टर 14 में रह रहा था।
मास्टर माइंड दांगी अभी भी फरार
एआईपीएमटी पेपर लीक का मुख्य आरोपी मदीना निवासी रूप सिंह दांगी पुलिस के लिए सिरदर्द बन गया है। पुलिस उसके बारे में कोई भी सटीक जानकारी नहीं जुटा पा रही है। पुलिस का कहना है कि दांगी लगातार अपने ठिकाने बदल रहा है। छापामारी से पहले ही वह रवाना हो जाता है।
विज्ञापन

अभी तक 27 गिरफ्तारी
परचा लीक मामले में पुलिस अभी तक 27 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें छात्रों से लेकर डॉक्टर तक शामिल हैं। सुप्रीम कोर्ट ने 3 मई 2015 को हुई परीक्षा को रद कर दिया था। अब 25 जुलाई को दोबारा से परीक्षा होनी है। मास्टर माइंड रोहतक से होेने और यहीं पर गिरोह का भंडाफोड़ होने के कारण सीबीएसई ने रोहतक को ब्लैक लिस्टेड कर दिया है। इस परीक्षा में रोहतक में एक भी सेंटर नहीं बनाया है। वहीं, सीबीएसई ने उन छात्रों को भी ब्लैक लिस्टेड कर दिया है, जिनके पास आंसर-की पहुंचाई गईं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें