रोहतक। नगर निगम हाउस की आखिरी बैठक में पास किए शहर के विकास से जुड़े 250 प्रस्ताव अटक गए हैं। क्योंकि तत्कालीन मेयर मनमोहन गोयल के हस्ताक्षर न होने से 17 दिन बाद भी बैठक की प्रोसिडिंग तैयार नहीं हो सकी है। निगम के अधिकारियों का कहना है कि तत्कालीन मेयर के पास प्रोसिडिंग तैयार करके हस्ताक्षर के लिए भेजी जा चुकी है, जबकि तत्कालीन मेयर का कहना है कि प्रोसिडिंग को पढ़कर ही वह हस्ताक्षर करेंगे। हाउस में पास प्रस्तावों की प्रोसिडिंग फाइनल न होने के कारण न तो विकास कार्यों को लेकर टेंडर लग पा रहे हैं और न ही प्रशासनिक अनुमति की फाइल आगे बढ़ रही है।
नगर निगम के मौजूदा हाउस का 9 जनवरी को कार्यकाल पूरा हुआ था, जिससे पहले तीन जनवरी को हाउस की आखिरी बैठक हुई थी। बैठक में हाउस ने मुख्यमंत्री दिव्य नगर योजना के तहत शहर में छह पार्क विकसित करने, तीन पावर हाउस के लिए बिजली निगम को जमीन देने, मुख्यमंत्री स्वामित्व योजना के तहत कन्या स्कूल के पास 41 दुकानों व सड़क चौड़ी करने के लिए जमीन देने, गढ़ी बोहर, खेड़ी साध व बोहर में आंबेडकर भवन बनाने के लिए डॉक्टर भीमराव आंबेडकर समिति को जमीन देने, नामकरण के प्रस्ताव सब कमेटी की ओर से मंजूरी देने, जींद रोड चौक, दिल्ली बाईपास चौक का नाम गुरु तेगबहादुर रोड व गुरु तेगबहादुर चौंक रखने व खटीक समाज के संत गुरु श्रीश्री 1008 दुर्बलनाथ के नाम पर मार्ग बनाने का प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। वहीं, निगम का कार्यालय मैना पर्यटन केंद्र के पास पर्यटन विभाग से जमीन लेकर बनाने का प्रस्ताव पास हुआ था। साथ ही अधिकारी व कर्मचारियों के लिए आवास स्थल बनाने व दिल्ली रोड पर विजय द्वार बनाने का प्रस्ताव भी मंजूर किया गया था।
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आगे नहीं बढ़ रही कागजी कार्रवाई
हाउस में रखे गए प्रस्ताव तभी पास माने जाएंगे, तब प्रोसिडिंग पर मेयर के अलावा आयुक्त व दूसरे अधिकारियों व पार्षदों के हस्ताक्षर होंगे। इसके बाद ही आधिकारिक तौर पर कामकाज शुरू हो सकता है। सामान्य तौर पर प्रोसिडिंग हाउस की मीटिंग के एक सप्ताह के अंदर तय हो जाती थी, लेकिन इस बार 17 दिन बाद भी प्रोसिडिंग फाइनल नहीं हो सकी है।
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वार्ड वाइज यह प्रस्ताव पास हुए
वार्ड प्रस्ताव की संख्या
1 23
2 09
4 04
5 01
6 04
7 17
9 05
11 19
12 10
13 05
14 02
15 19
16 01
17 29
18 31
19 12
21 21
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इनके प्रस्ताव भी हुए थे पास
मेयर 05
राजेश सैनी 29
आदेश सक्सेना 06
नगर निगम की प्रोसिडिंग को हस्ताक्षर कर जल्द निगम के पास भेजा जाएगा। निगम के अधिकारियों से बात करेंगे। शहर के विकास कार्य रुकने नहीं चाहिए। जल्द ही इस पर सकारात्मक कार्यवाही होगी।
मनमोहन गोयल, तत्कालीन मेयर नगर निगम