रोहतक। मोटा अनाज सेहत के लिए जितना फायदेमंद है उतना ही इसका कारोबार भी चोखा है। शहर में मोटे अनाज का हर महीने एक दो नहीं बल्कि 25 लाख रुपये का कारोबार होने का अनुमान है। कारोबारी मान रहे हैं कि लोगों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ने के चलते इस कारोबार में आए दिन वृद्धि हो रही है। शहर में मोटे अनाज की करीब 400 दुकानें हैं।
जीवनयापन के लिए पैसा कमाने के साथ ही लोग अपनी सेहत को लेकर भी जागरूक हैं। हालांकि, गांव-देहात में लोग पहले से मोटा अनाज खाने में इस्तेमाल कर रहे हैं मगर अब शहरी क्षेत्रों के लोग भी इसको तवज्जो दे रहे हैं जिसकी वजह से इसका कारोबार तेजी से बढ़ रहा है। कई स्वयं सहायता समूह की ओर से मोटे अनाज से बिस्किट, लड्डू, दलिया व नूडल्स भी तैयार किए जा रहे हैं।
मोट अनाज की बढ़ती मांग के मद्देनजर इसके लिए बड़ा बाजार भी तैयार है। वहीं, सरकार की ओर से भी मोट अनाज के प्रयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके लिए कई तरह की योजनाएं भी चलाई जा रही हैं ताकि इनका उत्पादन करने वाले किसानों की आय भी बढ़ सके।
मोटे अनाज में है भरपूर पोषण
रागी, बाजरा, ज्वार, चना, जौ, जई, मक्का, कुट्टू व कुटकी आदि में प्रोटीन के साथ ही बिटामिन, फाइबर व अन्य खनिज पदार्थ पाए जाते हैं। यह मधुमेह जैसी कई तरह की बीमारियों से बचाव में भी सहायक होते हैंं। -पूनम कथूरिया, सीनियर डाइटीशियन, पीजीआई।
सेहत के लिए फायदेमंद
पुरानी अनाज मंडी में मोटा अनाज खरीदने आए सुखपुरा चौक निवासी सुरेंद्र व एकता कॉलोनी निवासी सूरजमल का कहना है कि सर्दी में बाजरा सेहत के लिए फायदेमंद रहता है। इसके अलावा चना व अन्य मोटा अनाज भी समय-समय पर खरीदते हैं।