सोनीपत। पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय की न्यायाधीश लिसा गिल के निर्देश पर सोनीपत, गोहाना, गन्नौर व खरखौदा के न्यायालय परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत लगाई गई। जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण के अध्यक्ष प्रमोद गोयल व मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एवं जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण के सचिव प्रचेता सिंह ने राष्ट्रीय लोक अदालत का नेतृत्व किया।
राष्ट्रीय लोक अदालत में मोटर दुर्घटना क्लेम मामलों के 33 केसों का निपटारा किया गया। इनमें वादियों का 2,65,00,500 रुपये की समझौता राशि का निपटारा किया गया। इसके अलावा मोटर व्हीकल से संबंधी 11837 चालानों का निपटारा किया गया। इनमें 1,33,18,500 रुपये की राशि वसूली गई। इसके अलावा फौजदारी के 224 केसों का निपटान के साथ 282 सिविल केस, 25 वैवाहिक विवाद संबंधी, 113 चेक बाउंस संबंधित केस का निपटान किया गया। इनमें 18,67,500 रुपये की राशि का निस्तारण किया गया। जिला एडीआर सेंटर में स्थायी लोक अदालत के माध्यम से विभिन्न बैंकों के बैंक रिकवरी से संबंधित 112 केसों का निपटान किया गया।
मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी प्रचेता सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुभाष चंद्र सरोए, प्रिंसिपल जज (फेमिली कोर्ट) कुलदीप सिंह, अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अशोक कुमार मान, सिविल जज (सीनियर डिवीजन) नेहा गोयल, न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी आजाद सिंह, न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी आकांशा सैनी, न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी साक्षी गुप्ता व उपमंडल स्तर पर गोहाना में एसडीजेएम ज्योति, गन्नौर में न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी वर्षा शर्मा, खरखौदा में न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी विक्रांत की बेंचो ने केसों का निपटारा किया।
इसके अलावा पुलिस विभाग (कमिश्नर कार्यालय) व जिला राजस्व अधिकारी, तहसीलदार, सोनीपत, गोहाना, गन्नौर, खरखौदा, खानपुर व राई की बेंचों ने राजस्व व अन्य सहायक मामलों संबंधी मामलों का निपटान किया। इसके अतिरिक्त जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने भी उपभोक्ता मामलों का निपटान किया।
12 साल बाद एक हुआ परिवार
न्यायालय परिसर में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत ने 12 साल बाद परिवार को एक बार फिर एक कर दिया है। परिवार न्यायालय (फैमिली कोर्ट सोनीपत के प्रधान न्यायाधीश कुलदीप सिंह की अदालत में सुनवाई के बाद परिवार एक हो गया। दंपती 12 साल से अलग रहा था। महिला अपने बेटा-बेटी का पालन-पोषण कर रही थी। दोनों बच्चे भी अब बड़े हो चुके हैं। महिला ने दहेज प्रताडऩा, तलाक व खर्च के मुकदमे डाल रखे थे। जिसमें लोक अदालत में दंपती को समझाया गया। जिस पर दोनों साथ रहने को राजी हो गए। परिवार हंसी-खुशी चला गया।
फोटो 21- सोनीपत के गोहाना रोड स्थित न्यायालय परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान मामलों का न