प्रदेश की 5000 से अधिक नर्सिंग छात्राएं डिप्लोमा न मिलने से नौकरी को तरसीं
-नर्सिंग काउंसिल जारी करेगा छात्राओं को डिप्लोमा, चंडीगढ़ मुख्यायल में हुई बैठक में लिया फैसला
-वर्ष 2013 बैच के उम्मीदवारों की मई 2018 में हुई परीक्षा, अगस्त में जारी हुआ परिणाम
-डिप्लोमा नहीं मिलने से नौकरी के लिए नहीं कर पा रहीं आवेदन
विकास सैनी
रोहतक। प्रदेश की करीब पांच हजार नर्सिंग छात्राओं का भविष्य अधर में लटक गया है। एएनएम व जीएनएम की पढ़ाई पूरी करने के बाद भी वे इससे जुड़ी हुई नौकरी के लिए आवेदन नहीं कर पा रही हैं। इसकी वजह उन्हें डिप्लोमा नहीं मिलना है। इसके लिए वे एसएफआई (स्टूडेंट फेडरेशन आफ इंडिया) के बैनर तले कई बार अधिकारियों से मुलाकात कर गुहार लगा चुकी हैं। इसके बावजूद सुनवाई नहीं हो रही है। इस संबंध में नर्सिंग काउंसिल के पदाधिकारी भी चुप हैं।
प्रदेश में नर्सिंग कोर्स को लेकर कोई व्यवस्था नहीं है। डीएमईआर व हेल्थ यूनिवर्सिटी के पल्ला झाड़ने के बाद अब हरियाणा नर्सिंग रजिस्ट्रेशन काउंसिल (एचएनआरसी) ने इनकी जिम्मेदारी संभाली है। चंडीगढ़ मुख्यालय में हुई बैठक में छात्राओं को डिप्लोमा मुहैया कराने की जिम्मेदारी काउंसिल को मिली है। काउंसिल जल्द ही इस मामले में कार्रवाई करेगी। काउंसिल के एक सदस्य ने बताया कि हेल्थ यूनिवर्सिटी की कार्रवाई पूरी होने के बाद सभी को डिप्लोमा दिया जाएगा।
पांच साल में पूरा हुआ साढ़े तीन साल का कोर्स
नर्सिंग छात्राओं ने बताया कि जीएनएम का कोर्स साढे़ तीन साल का है। यह कोर्स पांच से भी ज्यादा समय में पूरा हुआ है। वर्ष 2013 बैच की पहली परीक्षा समय पर हुई। इस परीक्षा का परिणाम अगस्त 2015 में जारी हुआ। इसके लिए भी छात्राओं को एसएफआई के साथ मिलकर प्रदर्शन करना पड़ा। यही नहीं द्वितीय वर्ष की परीक्षा अक्तूबर 2016 में हुई। इसका परिणाम नौ महीने बात जारी किया गया। तृतीय वर्ष की परीक्षा मई 2018 में हुई। इसका परिणाम अगस्त महीने में जारी हुआ। अब विद्यार्थी डिप्लोमा मिलने का इंतजार कर रहे हैं।
प्रदर्शन के बाद जारी हुआ परिणाम
एसएफआई राज्य सचिव सुमित सिंह ने बताया कि एएनएम-जीएनएम कोर्स को लेकर प्रदेश में कोई व्यवस्था नहीं है। इस कोर्स के लिए परीक्षा कौन लेगा, डिप्लोमा कौन देगा, यह तक तय नहीं है। कभी छात्राएं डीएमईआर कार्यालय जाती हैं तो कभी हेल्थ यूनिवर्सिटी। संगठन को उनके हक के लिए कई बार प्रदर्शन करने पड़े। इसके बाद परीक्षा हुई। रुका हुआ परीक्षा परिणाम जारी हुआ। अब छात्राओं को डिप्लोमा नहीं मिल रहा है। इस बारे में हेल्थ यूनिवर्सिटी प्रशासन से बात की है। यहां से संतुष्टीप्रद जवाब नहीं मिला है। जल्दी ही समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलनात्मक कदम उठाया जाएगा।
वर्जन :
नर्सिंग छात्राओं की परीक्षा करा दी गई है। परिणाम भी जारी हो गया है। डिप्लोमा देने की जिम्मेदारी हमारी नहीं है। यह काम नर्सिंग काउंसिल का है। हमारा काम परीक्षा कराना व परिणाम जारी करना था। वह समय पर हो गया है।
-डॉ. अंतरिक्षदीप, परीक्षा नियंत्रक, हेल्थ यूनिवर्सिटी