बीपीएड कोर्स की मान्यता न मिलने पर विद्यार्थियों का वीसी कार्यालय पर प्रदर्शन
सिरसा। सीडीएलयू में वीरवार को छात्रों ने बीपीएड की मान्यता न मिलने पर वीसी कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन किया। करीब दो घंटे तक विद्यार्थी वीसी कार्यालय पर धरने पर बैठे रहे। इसके बाद वीसी विजय कायत ने फिजिकल एजुकेशन विभाग की चेयरपर्सन मोनिका वर्मा को बुलाया और उनके सामने अपना पक्ष रखा । मोनिका वर्मा ने कहा कि वे उच्च शिक्षा विभाग और शिक्षा मंत्री को पूरे मामले से अवगत करवाएंगे। इसके बाद छात्रों ने धरना समाप्त कर दिया।
जानकारी के अनुसार सीडीएलयू से बीपीएड कोर्स कर चुके छात्र गुरविंदर, गगनदीप कौर, नवीन, विकास ने दिल्ली स्कूल शिक्षा बोर्ड में फिजिकल टीचर के लिए आवेदन किया हुआ है। सभी की लिखित परीक्षा उत्तीर्ण हो गई, लेकिन जब डाक्यूमेंट वेरिफिकेशन हुई तो दिल्ली स्कूल शिक्षा बोर्ड ने जांच में पाया कि सीडीएलयू के बीपीएड कोर्स को नेशनल कौंसिल ऑफ टीचर एजुकेशन से मान्यता नहीं मिली है। छात्रों ने कुछ दिन पहले विश्वविद्यालय को इस मामले से अवगत करवाया, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो छात्रों ने इनेसो के राज्य उप प्रधान अमृत मान के नेतृत्व में साढ़े दस बजे वीसी कार्यालय के समक्ष धरना शुरू कर दिया। छात्र पहले वीसी विजय कायत से मिलें, लेकिन वीसी ने उन्हें कहा कि हम एनसीटीई को पूरे कागजात उपलब्ध करवा चुके हैं। छात्र उनके कथन से संतुष्ट नहीं हुए और बाहर कार्यालय के गेट पर धरने पर बैठ गए और करीब दो घंटे तक नारेबाजी करते रहे। इस मौके पर इनेसो राज्य उप प्रधान अमृतमान, जगसीर मान, अनिल कसवां, प्रवीण श्योकंद, चंद्रा गुज्जर, हिमांशु, सुरेश बिदला, शकुंतला, कौशल्या, रवीना, पूजा, संतोष उपस्थित थे।
12 बजे वीसी ने चेयरपर्सन के समक्ष दोबारा से छात्रों को बातचीत के लिए बुलाया
दोपहर 12 बजे इनसो नेता अमृत सिंह मान, जगसीर मान, जगदीप, गुरपिंदर, संजय बिश्नोई को वीसी ने दोबारा से बातचीत के लिए बुलाया। तब तक वीसी कार्यालय में चेयरपर्सन मोनिका वर्मा भी आ चुकी थी। वीसी ने कहा कि 2007 में जब बीपीएड कोर्स शुरू हुआ, तब भी उसे मान्यता नहीं थी। उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान मान्यता के लिए सभी नियम पूरे करके एनसीटीई के पास आवेदन किया है। खुद चेयरपर्सन मोनिका वर्मा ये कागजात एनसीटीई में जमा करवाकर आई। छात्र नेता अमृत मान ने कहा कि सभी छात्रों का भविष्य दांव पर लगा हुआ है। एमडीयू के पास भी मान्यता नहीं थी, लेकिन वहां के विश्वविद्यालय को अब मिल चुकी है तो सीडीएलयू को क्यों नहीं मिली। हम वीसी सर के पास समस्या का समाधान करवाने आए। लेकिन सर ने कहा कि मैं क्या कर सकता हूं। तब चेयरपर्सन मोनिका वर्मा ने कहा कि आप वीसी सर पर जो आरोप लगा रहे हैं वो गलत है। हमने टीम वर्क करके मान्यता के लिए आवेदन किया। हम कई बार एनसीटीई से पत्राचार कर चुके हैं, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। इसके बाद वीसी विजय कायत ने उनसे ज्ञापन लेकर उस पर हस्ताक्षर करके इसे हायर एजूकेशन और शिक्षा मंत्री के संज्ञान में लाने का आश्वासन दिया। जिस पर छात्र संतुष्ट हुए और धरना समाप्त कर दिया।
कोट्स
2007 में सीडीएलयू के यह कोर्स शुरू हुआ। लेकिन मैंने अपने पदभार संभालने के बाद बीपीएड की मान्यता के लिए नियम पूरे करवाकर आवेदन करवाया। मान्यता एनसीटीई के स्तर पर ही पेंडिंग है। इस मामले को लेकर हायर एजूकेशन विभाग को अवगत करवाया जाएगा।
प्रोफेसर विजय कायत, वीसी, सीडीएलयू।