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तीनजुर्माने के बाद भी अलर्ट नहीं सुरक्षा एजेंसी, चौथी खामी फिर पकड़ी

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तीन जुर्माने के बाद भी अलर्ट नहीं सुरक्षा एजेंसी, चौथी खामी फिर पकड़ी
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अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय में पहले हुआ गार्ड घोटाला दोबारा न हो, इसके लिए प्रशासन कोई कसर नहीं छोड़ना चाहता। इसके बावजूद निजी सुरक्षा कंपनी के अधिकारी अपना सिस्टम सही करने को तैयार नहीं हैं। कुलपति डॉ. ओपी कालरा तीन मामलों में निजी कंपनी को जुर्माना लगाने के निर्देश जारी कर चुके हैं। इसके बावजूद निजी कंपनी कोई संज्ञान नहीं ले रही है।

कुलपति डॉ. ओपी कालरा ने कर्मचारियों की सैलरी का लेट बिल देने व दो दिन गार्डों की हड़ताल को लेकर सख्त कदम उठाते हुए निजी कंपनी पर जुर्माना करने के निर्देश जारी किए थे। इसमें संस्थान की शर्त यह है कि दो तारीख को हर माह कंपनी को बिल देना होगा, ताकि समय पर वेतन जारी हो सके। लेकिन कंपनी ने बिल नौ जुलाई को दिया, इसके चलते सैलरी देरी से जारी हुई। इसके अलावा दो दिन गार्डों की हड़ताल पर भी अधिकारी ने कंपनी पर जुर्माना लगाने के निर्देश दिए थे। बैठक में निजी कंपनी की ओर से सवाल उठाया गया था कि सुरक्षा अधिकारी अपनी मनमर्जी से रोस्टर बनाते हैं, इस पर कुलपति ने संस्थान के सुरक्षा अधिकारी को ऐसा करने से मना कर दिया था और स्पष्ट कहा था कि निजी कंपनी का आदमी ही अपना रोस्टर बनाएगा। लेकिन उसे तीन शिफ्टों में ड्यूटी पर उपस्थित रहना होगा। मंगलवार को सुबह की ड्यूटी में निजी कंपनी का प्रभारी फिर जांच में अनुपस्थित मिला। सूत्रों का दावा है कि सुरक्षा अधिकारियों ने इसकी रिपोर्ट भी संबंधित अधिकारियों को भेज दी है, इसकी निजी कंपनी को आने वाले समय में चौथा जुर्माना अदा करना होगा। संस्थान और निजी सुरक्षा कंपनी के बीच चल रहे विवाद का असर यह है कि निजी कंपनी ने 12 सुरक्षा गार्डों को ड्यूटी से निकाल दिया है, जबकि हड़ताल करने वाले गार्ड ज्यों के त्यों ड्यूटी पर हैं। इसमें कुछ गार्ड वे भी हैं जो पिछले कुछ समय में संस्थान में हुए बडे़ विवादों में शामिल रहे हैं।
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क्या है पहला गार्ड घोटाला
संस्थान के अंदर पूर्व में एक निजी कंपनी ने सुरक्षा गार्डों की संख्या में हेरफेर कर लाखों रुपये का घोटाला अंजाम दिया है। इसकी जांच एसआईटी कर रही है। कंपनी कर्मचारियों की सैलरी पीजीआईएमएस से लेती थी और उनकी ड्यूटी भिवानी में लगा रखी थी। इस मामले में संस्थान के दो सुरक्षा अधिकारी निलंबित चल रहे हैं और संस्थान के अधिकारियों की मानें तो जल्द ही इसमें गाज जिम्मेदार डॉक्टरों पर भी गिरने वाली है।
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