फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ककि

विज्ञापन
विज्ञापन
घर में घुसकर गिरदावर को मारी 13 गोलियां, मौत
विज्ञापन

अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
जिला मुख्यालय से करीब 17 किलोमीटर दूर बावल क्षेत्र के तिहाड़ा गांव में रविवार सुबह दो बदमाशों ने घर बैठे गिरदावर पर 13 गोलियां दागकर उसकी हत्या कर दी। बदमाशों का पीछा करने की बजाय पुलिस द्वारा घटनास्थल पर ही कार्रवाई करने से नाराज ग्रामीणों ने बावल-तिहाड़ा रोड पर जाम लगा दिया। ग्रामीणों ने पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई और आरोपियों के पकड़े जाने तक पोस्टमार्टम कराने से भी इनकार कर दिया। डीएसपी जांच के लिए एसआईटी के गठन और जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने जाम खोला।
गांव तिहाड़ा निवासी सत्यवीर भिवानी में बतौर गिरदावर तैनात थे। रविवार को छुट्टी होने पर सत्यवीर घर आए थे। सुबह करीब नौ बजे वह तिहाड़ा में मेन रोड पर बने अपने घर के बाहर खाना खाने के लिए चारपाई पर बैठे थे। इसी दौरान दिल्ली नंबर की कार में सवार दो युवक उनके पास आए आए कुर्सी पर बैठ गए। सत्यवीर का बेटा पवन दोनों के लिए पानी लेने के लिए घर के अंदर चला गया। इसी दौरान दोनों युवकों ने पिस्टल निकालकर सत्यवीर पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। सत्यवीर ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। गोलियों की आवाज सुनकर पवन बाहर आया और आरोपियों की कार का बाइक से पीछा किया। कार सवार प्राणपुरा की तरफ भाग निकले। पवन ने कार का नंबर भी नोट किया, जो जांच में फर्जी निकला। पुलिस ने बताया कि सत्यवीर पर पिस्टल से 13 गोलियां दागी गई हैं। इनमें से छह गोलियां छाती पर तीन सिर पर और चार गर्दन पर लगी हैं। आधिकारिक पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही होगी। इस दौरान जाम से यातायात पूरी तरह बाधित रहा। बावल से आने-जाने वाले वाहनों के पहिये थम गए। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई। वाहनों में सवार लोग परेशान रहे। बाद में पुलिस ने झाबुआ से जाने वाले मार्ग से वाहनों को डायवर्ट किया।
विज्ञापन

--------------------
पुलिसकर्मी से नोकझोंक
बावल-तिहाडा रोड पर जाम लगाकर बैठे ग्रामीणों ने पुलिस के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली। जाम की फोटो लेने पर ग्रामीणों एवं एक पुलिस कर्मी में नोकझोंक भी हुई। बाद में अन्य ग्रामीणों की मदद से पुलिसकर्मी को वहां से दूर कर दिया गया। ग्रामीणों का आरोप था कि पुलिस घटना के थोड़ी देर बाद ही मौके पर पहुंच गई थी। यदि पुलिस कोशिश करती तो नाकेबंदी कर बदमाशों को पकड़ा जा सकता था। पुलिस घटना स्थल पर साक्ष्य जुटाने में अपना टाइम पास कर रही थी। ग्रामीणों ने पुलिस अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा यदि जिम्मेदार पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो सही नहीं होगा। बाद में डीएसपी सत्यपाल के आश्वासन के बाद ग्रामीण माने। घटना के दौरान डीएसपी बावल सत्यपाल यादव, कोसली डीएसपी अनिल कुमार, एसएचओ मॉडल टाउन, एसएचओ रामपुर, कसौला और बावल सहित पांच थानों की पुलिस मौजूद रही।
--------------
हत्यारों को पकड़ने के लिए एसआईटी का गठन किया जाएगा। उन्हें किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। दोषी मिलने पर जिम्मेदार पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। - सत्यपाल, डीएसपी बावल

हत्या के मामले में गवाह के भाई पर भी झोंका फायर
रेवाड़ी। धारूहेड़ा चुंगी निवासी विजय की गोली मारकर हत्या करने के 18 दिन बाद शनिवार देर रात बाइक सवार दो बदमाशों ने उसके बड़े भाई एवं मामले में गवाह किशन पर भी गोली चला दी। गनीमत रही कि गोली किशन के हाथ पर लगी। घायल किशन को परिजनों ने निजी अस्पताल में भर्ती कराया। वहां उसका उपचार चल रहा है।
विज्ञापन

शहर थाना प्रभारी नरेंद्र सिंह ने बताया कि घायल किशन ने पुलिस को दिए बयान में कहा है कि वह शनिवार रात करीब 10 बजे अपने घर के बाहर लगे कूलर में पानी डाल रहा था। बाइक पर आए मियां और राकेश ने उस पर गोली चला दी। गोली उसके हाथ में लगी, जिससे वह घायल हो गए। बदमाश गोली मारकर मौके से भाग गए। परिजन गोली की आवाज से सुनकर घर से बाहर निकले। उन्होंने घायल किशन को उपचार के लिए शहर के सर्कुलर रोड स्थित अस्पताल में भर्ती कराया। हमलावरों में से मियां, आलू का छोटा भाई बताया जा रहा है। वहीं दूसरा आरोपी राकेश महावीर नगर निवासी है। उल्लेखनीय है कि रामगढ़-भगवानपुर रोड पर एक खेत में दो लोगों के खून से लथपथ शव मिले थे। शुरूआती जांच में इन्हें तीन-तीन गोलियां मारकर हत्या करने का पता लगा थी। मृतकों के पास मिली बैंक की पासबुक और मोबाइल फोन से उनकी शिाख्त धारूहेड़ा चुंगी के समीप वाल्मीकि बस्ती निवासी विजय और दूसरे की मूल रूप से बिसोहा गांव और हाल में उत्तम नगर में किराए पर रह रहे पंकज के रूप में हुई थी। सिटी पुलिस ने इस मामले में हत्या के प्रयास सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। वहीं डर के साए में रह रहे परिजनों ने एक बार फिर रेवाड़ी पुलिस के सामने सुरक्षा की गुहार लगाई है। इससे पूर्व भी उन्होंने परिवार को धमकी मिलने की बात कर सुरक्षा की गुहार लगाई थी। जिसके बाद से वहां पुलिस की व्यवस्था की गई थी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें