तीन दिन की बारिश ने तोड़ा 11 साल का रिकॉर्ड
चरखी दादरी। जिले में प्री-मानसून की लगातार तीन दिन हुई बारिश ने पिछले 11 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। इस बार जून माह के 17 दिनों में 128 एमएम बारिश हो चुकी है। जबकि इससे पहले 2008 में 246 एमएम बारिश पूरे जून माह में हुई थी। इस माह के अभी 12 दिन और शेष हैं, ऐसे में यह रिकॉर्ड इस बार टूटने के भी आसार मौसम वैैैज्ञानिक जता रहे हैं।
मौसम विभाग दिल्ली हरियाणा में मानसून की बारिश 29 जून से शुरू होने की भविष्यवाणी कर रहा है। 2016 में जिले में पूरे मानसून सीजन में कुल 576 एमएम, 2015 में 309 एमएम बारिश दर्ज की गई थी। इसी प्रकार 2014 में मानसून की कुल बारिश का आंकड़ा 207 एमएम था। मौसम विभाग इस बार मानसून सीजन में 96 प्रतिशत बारिश होने का अनुमान जता रहा है।
इस बार जून महीने में अधिकतम तापमान भी 44 डिग्री पार होने से भीषण गर्मी पड़ रही थी। जितनी भीषण गर्मी हुई अब उससे कहीं अधिक बारिश भी हुई है। बारिश का सिलसिला अभी थमने का नाम नहीं ले रहा है। काली घटाओं के साथ रुक-रुक कर बारिश हो रही है। इस बारिश को किसान व कृषि विशेषज्ञ भी उचित मान रहे हैं। जिले का रकबा एक लाख 22 हेक्टयेर क्षेत्र है। जिले में खरीफ की कपास, बाजरा, ज्वार, ग्वार, मूंग, मोठ व धन आदि प्रमुख फसलें हैं।
इस बार जून महीने में हुई बारिश से खरीफ की अगेती बिजाई का सिलसिला शुरू हो गया है। किसान व कृषि विशेषज्ञ इसे उचित समय की बारिश मानकर बिजाई में जुट गए हैं। गांव महराणा निवासी किसान शमशेर सिंह व भीम सिंह का कहना है कि इस बार जून मध्य में इतनी मात्रा में बारिश होना अपने आपमें रिकार्ड है। इन किसानों का कहना है कि क्षेत्र में मानसून की बारिश अक्सर जून अंतिम सप्ताह या जुलाई प्रथम सप्ताह में होती है लेकिन इस बार प्री-मानसून ने ही रंग दिखा दिए हैं।
पिछले 11 साल में जून माह में हुई बारिश का आंकड़ा
17 जून 2017 तक 128 एमएम
जून 2016 78 एमएम
जून 2015 48 एमएम
जून 2014 41 एमएम
जून 2013 10 एमएम
जून 2012 06 एमएम
जून 2011 08 एमएम
जून 2010 12 एमएम
जून 2009 37 एमएम
जून 2008 246 एमएम
मौसम विभाग की भविष्यवाणी थी क्षेत्र में 18-19 जून तक प्री-मानसून की बारिश हो जाएगी। लेकिन बारिश तीन चार दिन पहले ही हो गई। इस बार मानसून जहां से चला वहीं से चार-पांच दिन पहले इसकी शुरूआत हो गई थी। हवा के दबाव की वजह से मानसून प्लस व माइनस हो जाता है। मानसून का रुख अचानक बदल जाता है। यह बारिश सही समय पर हुई है। किसानों को इस समय बाजरा, ग्वार व दलहन की फसलों की बिजाई कर देनी चाहिए।
डॉ. अत्तर सिंह, वरिष्ठ वैज्ञानिक-कृषि विज्ञान केंद्र