फ्लैग : शहर को आज मिलेगा पब्लिक का चुना पहला मेयर
हेडिंग : हर आधा घंटे में मिलेगा एक पार्षद, दोपहर बाद मेयर
: सुबह आठ बजे से शुरू होगी मतगणना, 14 काउंटर पर एक साथ होगी वोटों की गिनती
: दोपहर बाद मेयर का चुनाव परिणाम आने की संभावना
: बांके बिहारी तो कोई गुरुद्वारे में जाएगा मत्था टेक कर विजयी श्री लेने मतगणना केंद्र
: भाजपा प्रत्याशी बोले-मेरे पिता व ससुर ही मेरे आदर्श, उनके आदर्शों पर चलकर कर रहा समाज सेवा
: इनेलो-बसपा प्रत्याशी बोले, जीत मिलने पर करेंगे जुलूस की तैयारी
: पहले 22 वार्डों के पार्षद होंगे निर्वाचित घोषित, सबसे आखिर में खुलेगा मेयर का पिटारा
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। शहर को पब्लिक की ओर से सीधा वोट डालकर चुना गया मेयर बुधवार को मिलेगा। इसके लिए सीआर कॉलेज में सुबह आठ बजे से मतगणना होगी, जिसके लिए प्रत्याशी एजेंट को साढ़े सात बजे बुलाया गया है। सभी 22 पार्षदों का दोपहर तक तो मेयर का शाम तक चुनाव परिणाम आने की संभावना है। विजयी श्री लेने से पहले कोई प्रत्याशी बांके बिहारी तो कोई गुरुद्वारे में मत्था टेककर मतगणना स्थल पर जाएंगे।
16 दिसंबर को निगम मेयर व 22 वार्डों के पार्षदों के चयन के लिए मतदान हुआ था। राज्य चुनाव आयोग ने 19 दिसंबर को मतगणना का दिन तय किया था। बुधवार सुबह आठ बजे मतों की गिनती शुरू हो जाएगी। सहायक चुनाव अधिकारी आरपी बैनीवाल ने बताया कि मतगणना के लिए 14 काउंटर बनाए गए हैं। हर काउंटर पर तीन कर्मचारी होंगे। साथ में प्रत्याशियों के एजेंट रहेंगे। सबसे पहले सुबह आठ बजे वार्ड नंबर एक में डाले गए मतों की गणना होगी। इस वार्ड के विजेता को घोषित करने के बाद अगले वार्ड की गिनती शुरू होगी। इस तरह 22 वार्डों की मतगणना होगी। साथ-साथ विजेता घोषित किए जाएंगे। आखिर में मेयर को वार्ड वाइज मिले मतों की एक साथ गणना होगी।
गोयल व सीताराम में मानी जा रही टक्कर, संचित बना रहे त्रिकोणीय मुकाबला
मेयर पद के लिए भाजपा के मनमोहन गोयल व हुड्डा समर्थक सीताराम सचदेवा में सीधी टक्कर मानी जा रही है। जबकि इनेलो-बसपा प्रत्याशी संचित नांदल त्रिकोणीय मुकाबला मानकर चल रहे हैं। अब बुधवार शाम तक तय हो जाएगा कि जीत का सेहरा किसके सिर बंधेगा। मेयर पद पर हार जीत का सीधा असर पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा, सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर व इनेलो जिलाध्यक्ष सतीश नांदल की सियासत पर पड़ेगा।
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बांके बिहारी तो कोई गुरुद्वारे में मत्था टेक कर जाएगा मतगणना स्थल
भाजपा प्रत्याशी मनमोहन गोयल धार्मिक प्रवृत्ति के नेता हैं। घर के अंदर ही भगवान बांके बिहारी का मंदिर बनाया हुआ है। मतगणना केंद्र पर रवाना होने से पहले गोयल परिवार व पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ भगवान बांके बिहारी की पूजा करेंगे। बिना किसी शोर शराबे के मतगणना केंद्र पर जाएंगे। गोयल ने बताया कि उनके लिए पिता स्व. सेठ किशनदास व ससुर ओमप्रकाश जिंदल आदर्श रहे। दोनों के सिद्धांतों पर चलकर आगे बढ़ा हूं। जीत-हार अपनी जगह, लेकिन समाजसेवा जारी रहेगी। अगर विजयश्री मिलती है तो उसके बाद शहर में जुलूस निकालने की व्यवस्था की जाएगी। पहले किसी को कोई ऑर्डर नहीं दिया गया है।
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बाबा मस्तनाथ का लेंगे आशीर्वाद
बसपा-इनेलो प्रत्याशी संचित नांदल का कहना है कि पिता से राजनीति का क, ख, ग सीख रहा हूं। मेयर प्रत्याशी के तौर पर पहला चुनाव लड़ा है। मतगणना केंद्र पर जाने से पहले बाबा मस्तनाथ का आशीर्वाद लेने मठ पर जाएंगे। जहां तक विजय जुलूस निकालने का सवाल है, जीत के बाद एक घंटे में तैयारियां हो जाएंगी। पार्टी कार्यकर्ताओं पर पूरा भरोसा है।
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इंसानियत सबसे बड़ा धर्म, अंडर प्रोटेस्ट जाएंगे मतगणना केंद्र पर
माकपा प्रत्याशी जगमती सांगवान का मानना है कि भगवान एक है, जो हर इंसान में बसा है। उनके लिए इंसानियत ही सबसे बड़ा धर्म है। इसी को मानते हुए अंडर प्रोटेस्ट मतगणना केंद्र पर जाएंगे। क्योंकि मेयर चुनाव में जमकर गड़बड़ी हुई है। इसके लिए चुनाव पर्यवेक्षक बिजेंद्र सिंह को आम आदमी पार्टी के साथ मिलकर लिखित शिकायत दी। पर्यवेक्षक ने माना है कि ईवीएम मशीन के प्रयोग की मतदाताओं को सही ढंग से जानकारी नहीं दी गई। इसकी रिपोर्ट राज्य चुनाव आयोग को भेजेंगे। दूसरा, बकौल सांगवान कई बूथ पर दोबारा पोलिंग के सवाल पर, पर्यवेक्षक ने उचित कार्रवाई का भरोसा दिया है।
मेयर प्रत्याशी सीताराम गुरुद्वारे में मत्था टेकेंगे
पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा समर्थित मेयर प्रत्याशी सीताराम सचदेवा घर के समीप गुरुद्वारे में मत्था टेककर मतगणना स्थल पर जाएंगे। बाबा जोधसचियान पानीपत गद्दी से जुड़े इस गुरुद्वारे को लेकर प्रत्याशी के पूरे परिवार की आस्था है। सचदेवा अपने साथ अपनी लकी पोती परी व पोते क्यांस के साथ गुरुद्वारे आशीर्वाद लेने जाएंगे। मंगलवार सुबह उठते ही मेयर प्रत्याशी ने अपने पिता राम लभाया की प्रतिमा के समक्ष नमन कर पूरा दिन सामाजिक कार्यों में बिताया। दिन में कुछ समय वह अपनी पोती परी व पोते क्यांस से मिलने घर पहुंचे। उन्होंने पत्नी कैलाश रानी, बेटे पंकज सचदेवा टिंचू, तरुण सचदेवा सैंडी के साथ बहू श्वेता, दीपा व बेटी शालू की जिम्मेदारियां तय की और आश्वस्त किया कि वह जीत का जश्न मनाने की तैयारियां करें।