पालतू कुत्ते की शिकार बच्ची का छह घंटे तक पीजीआई में चला इलाज, 36 हजार के लगे दो इंजेक्शन
पीड़ित की मां का आरोप- कुत्ते के मालिक ने कहा- जो तुम लोगों से होता है कर लो, मैं कानून की परवाह नहीं करता
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। ओमैक्स सिटी में सोमवार शाम पालतू कुत्ते की शिकार बच्ची तारिणी का प्राइवेट अस्पताल में उपचार के बाद छह घंटे तक पीजीआई में इलाज चला। परिजनों का कहना है कि इलाज के दौरान पीजीआई के डॉक्टरों ने बाहर से 18-18 हजार के दो इंजेक्शन और दवाइयां मंगवाईं। उधर, पीड़ित की मां का आरोप है कि घटना के बाद जब शाम को कु त्ते के मालिक रविंद्र से लोगों ने इस बारे में बात की तो उसने कहा कि जो तुम लोगों से होता है कर लो, मैं कानून की परवाह नहीं करता।
घटना के बाद सहमी छह वर्ष की मासूम तारिणी ने कहा कि मुझे नहीं पता था कि पड़ोस के दोस्तों के साथ खेलते समय उसे अंकल का ही कुत्ता नोच डालेगा। कुत्ते से बचने के लिए वह पड़ोसी की कार के पीछे भी जा छिपी, लेकिन कुत्ता वहां पर भी आ पहुंचा और मुझे नोचना शुरू कर दिया। मासूम पहले मम्मी-पापा, इसके बाद अंकल-आंटी बचाओ-बचाओ चिल्लाई तो पड़ोसियों ने किसी तरह मौके पर पहुंचकर बच्ची की जान बचाई। बच्ची को नोचता देखकर पड़ोसी डॉक्टर समेत तीन लोगों ने किसी तरह कुत्ते को डंडा मारकर भगाया, जिससे उसकी जान बच सकी। कुत्ते ने बच्ची के शरीर को 60 जगह पर घाव कर दिए। बच्ची की मां का कहना है कि यदि पड़ोसी उसकी बेटी को नहंीं बचाते तो उसकी जान भी जा सकती थी। पड़ोसी के सीसीटीवी में भी मामला कैद हो गया।
पत्रकारों को देखते ही फफक-फफक कर रोने लगी तारिणी
वारदात के बाद मासूम तारिणी से बातचीत की गई। पहले तो मासूम तारिणी पत्रकारों को देखते ही फफक-फफक कर रोने लगी। बाद में मां और पिता के कहने पर उसने मामले को बयां किया। रोते हुए तारिणी ने कहा कि शाम के समय वह खाना खाने के बाद पड़ोस के ही दोस्त मोनू आदि के साथ खेलने चली गई थी। वह पड़ोसी रविंद्र अंकल के बाहर साइकिल चला रही थी। उसने साइकिल खड़ी ही की थी कि इसी बीच एक बार पहले उसको नोचने वाला रविंद्र अंकल का डॉगी यहां आ पहुंचा। डॉगी उसे काटने के लिए दौड़ा तो वह बचने के लिए कार के पीछे जा छिपी। मगर कुत्ता कार के पीछे ही पहुंच गया तथा तारिणी को जमीन पर गिराकर उसे दो मिनट तक लगातार नोचता रहा। वारदात के बाद तारिणी पूरी तरह से डरी और सहमी हुई थी।
फ रिश्ते बनकर आए पड़ोसी
तारिणी की मां शिवानी ने बताया कि मोहल्ले की स्वाति, कर्मवीर और राजकुमार धींगड़ा घटना के समय बच्ची को बचाने के लिए फरिश्ते की तरह आ गए और डंडे से कुत्ते पर वार कर उसे किसी तरह छुड़ाया, वरना उसकी जान भी जा सकती थी। जिंदगी भर भी पड़ोसियों का यह अहसान नहीं भूल सकेंगे।
सीसीटीवी में रिकॉर्ड हुई घटना
पूरा मामला पड़ोसी ऋतु के मकान के बाहर लगे सीसीटीवी में कैद हो गया। इसमें 4:45 बजे कुत्ता बच्ची को नोचना शुरू करता है, जो 4:47 बजे तक बच्ची को नोचता रहता है। हालांकि बाद में उसे पड़ोसी किसी तरह कुत्ते के चंगुल से छुड़वाते हैं। हैरानी की बात है कि केस दर्ज होने के बाद भी पुलिस ने आरोपी को पकड़ना तो दूर, पूछताछ करना तक मुनासिब नहीं समझा। शिवानी के अनुसार देर रात आरोपी अपने घर पर ही आ गया था।
24 अगस्त को भी तारिणी को नोचा था, माफी मांगने पर मामला निपटा
शिवानी ने बताया कि 24 अगस्त को भी रविंद्र के कुत्ते ने घर के बाहर ही खेलते समय तारिणी पर हमला बोल दिया था। उस समय रविंद्र ने माफी मांग ली थी। इसके कारण पुलिस से शिकायत नहीं की गई थी। रविंद्र ने कुत्ते को भी बाहर भेजने की बात कहीं थी। पड़ोसियों ने बताया कि कई बार रविंद्र का कुत्ता उनके बच्चों को भी काटने का प्रयास कर चुका था, मगर किसी तरह बच्चों ने जान बचाई थी। रविंद्र से मामले की शिकायत की गई थी। पर रविंद्र ने शिकायत पर ध्यान नहीं दिया। हर बार कुत्ते को जल्द बाहर भेजने की बात कहता रहा।
आवारा कुत्तों का भी आतंक, शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं
मोहल्ले के रहने वाले डा. करुणा, तरुणा, स्वाति आदि ने बताया कि मोहल्ले में पिछले काफी समय से कुत्तों का आतंक है। कई बार वह आवारा कुत्तों से निजात दिलाने की मांग प्रशासन से कर चुके हैं मगर उनकी सुनवाई नहीं की गई।
बेटी को सीने से लगाकर खूब रोई शिवानी
पड़ोसियों द्वारा तारिणी को बचाने के बाद उसकी मां शिवानी उसे सीने से लगाकर खूब रोई। शिवानी ने बताया कि तारिणी ही परिवार में सबकी प्यारी है। परिवार में उसके अलावा बेटी स्वर्णिका और बेटा कुंज है।
शिकारी किस्म के होते हैं बुल टेरियर
पशु चिकित्सक डॉ. सौरभ नरवाल के अनुसार बुल टेरियर शिकारी कुत्ते होते हैं। यह सफेद रंग के होते हैं तथा इनका मुंह लंबा होता है। मौका लगते ही यह शिकार बनाने से भी नहीं चूकते हैं।
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कुत्तों को पालते समय इन बातों का रखें ख्याल
- किसी भी पालतू कुत्ते को अधिक देर तक बांधकर न रखें
- कुत्ते की पिटाई न करें
- कुत्ते के घूरने पर भागे नहीं वरना वह पीछा कर नोच सकता है
- बच्चों को कुत्ते के पास जाने से रोकें
जैसा कि रोहतक के पशु चिकित्सक डॉ. सौरभ नरवाल ने बताया।
यह हो सकती है सजा
वरिष्ठ अधिवक्ता करण सिंह ने बताया कि आईपीसी की धारा 289 के तहत पशु को लापरवाही से खुला छोड़ने के बाद किसी की जान को खतरे में डालना आता है। इस धारा के तहत कुत्ते को पालने वाले मालिक को छह माह तक की सजा और पांच सौ रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। इसके अलावा आईपीसी की धारा 337 के तहत उतावलेपन और उपेक्षा पूर्वक किए गए कार्य के कारण मानव जीवन खतरा में पड़ जाना आता है। भी छह माह तक की सजा और एक हजार रुपये जुर्माना हो सकता है।