नगर निगम के 870 कर्मी हड़ताल पर, कार्यालय सूना, लगे गंदगी के ढेर
- तीन दिवसीय हड़ताल शुरू, प्रदेश सरकार पर आंदोलित कर्मियों ने लगाया वादा खिलाफी का आरोप
- 500 ठेका कर्मियों के साथ हड़ताल में शामिल हुए 300 पक्के और 70 कार्यालय के स्थायी कर्मचारी
- एजेंसी के 150 कर्मचारी नहीं हुए हड़ताल में शामिल, लेकिन उन्हें नहीं करने दिया गया काम
- नगर निगम के सभी कार्यालयों में जाकर की गई नारेबाजी, आंबेडकर चौक पर कूड़ा डालकर जताया कड़ा विरोध
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के बैनर तले बुधवार से नगर निगम कर्मी तीन दिवसीय हड़ताल पर चले गए। आंदोलित कर्मियों ने निगम परिसर में नारेबाजी करके स्थायी कर्मियों को भी हड़ताल में शामिल कर लिया। इसके बाद हुई सभा में कर्मचारियों ने प्रदेश सरकार पर वादा खिलाफी के आरोप लगाए। वहीं, आंदोलित कर्मियों ने आंबेडकर चौक पर कूड़ा डालकर प्रदर्शन किया। सफाई कार्य नहीं होने से डंपिंग साइट्स (डलाबघरों) पर कूड़े का अंबार लग गया।
संघ ने प्रदेश सरकार पर चुनाव से पहले किए वादों को पूरा नहीं करने का आरोप लगाते हुए तीन दिवसीय काम बंद हड़ताल का एलान किया। जिसके चलते सुबह आठ बजे निगम में तैनात ठेका कर्मचारी सुबह आठ बजे कार्यालय पहुंचे और प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। उन्होंने ऐलान करते हुए कहा कि अभी तो सिर्फ तीन दिन की हड़ताल की गई है। यदि उनकी मांगों को जल्द नहीं माना गया तो और बड़ा आंदोलन किया जाएगा। इसके बाद आंदोलित कर्मियों ने निगम के प्रत्येक कार्यालय में पहुंचकर नारेबाजी की जिसके चलते स्थायी कर्मचारी भी उनके साथ हो गए। इसके बाद निगम परिसर में कर्मचारियों ने सभा की। जिसमें संघ के पदाधिकारियों ने प्रदेश सरकार पर वादा खिलाफ का आरोप लगाया।
उनका कहना था कि चुनाव से पहले प्रदेश सरकार ने कर्मचारियों की समस्याओं के निदान का भरोसा दिया था। यह भी प्रलोभन दिया था कि ठेका कर्मियों को स्थायी किया जाएगा। प्रत्येक निगम कर्मी को रहने के लिए जमीन मुहैया कराई जाएगी। मगर अभी तक प्रदेश सरकार अपने किए गये वादों को भूल गई है। प्रदेश सरकार को किए गये वादों की याद दिलाने के लिए तीन दिवसीय हड़ताल की गई है। यदि जल्द ही कोई फैसला नहीं लिया गया तो कड़ा कदम उठाने के कर्मचारी मजबूर होंगे। इस दौरान प्रमुख रूप से संजय बिडलान, राजेंद्र चटौला, अशोक तेहरिया, श्रवण, विक्की बिड़लान, अंकित, जतिन आदि शामिल रहे।
सभा के बाद निगम के कुछ कर्मियों ने आंबेडकर चौक पहुंचकर तीन ट्रैक्टर कूड़ा पलट दिया, जिससे उठने वाली दुर्गंध की वजह से वहां से गुजरने वाले लोगों को उबकाई आने लगी। इसके साथ ही राहगीर व वाहन चालक इधर-उधर से निकलने को मजबूर हुए। शहर की डंपिंग साइट्स से कूड़ा नहीं उठने से कूड़ा का अंबार लग गया।
कच्चे दमकलकर्मी हड़ताल पर, पक्कों ने संभाली कमान
नगर निगम के दमकल विभाग के कच्चे कर्मचारी हड़ताल पर रहे। सुबह से ही समस्त कच्चे कर्मी निगम पहुंच गए। उन्होंने भी प्रदेश सरकार पर वादा खिलाफी का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की। वहीं दूसरी ओर पक्के कर्मचारियों ने कमान संभाल ली। अधिकारियों के मुताबिक उन्होंने पक्के कर्मचारियों की 12-12 घंटे की ड्यूटी लगाई है।
इन स्थानों पर फैलती रही दुर्गंध
निगम कर्मियों की हड़ताल की वजह से शहर में कूड़ा नहीं उठने से सड़क किनारे गंदगी पड़ी दिखी। वहीं, डलाबघरों में कूड़े का अंबार लग गया। कूड़े के ढेरों लगने से सबसे बुरा हाल गुहाना अड्डा, विकास भवन के पास, बजरंग भवन व पुलिस लाइन के पास रहा।
निराश होकर लौटे लोग
नगर निगम के हाउस टैक्स, जन्म-मृत्यु पंजीकरण विभाग पूरी तरह से सूने पड़े रहे। इसकी वजह से काम के लिए आने वाले लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
ये हैं प्रमुख मांगें
- कच्चे निगम कर्मियों को स्थायी किया जाए।
- स्थायी नहीं किया जा सकेगा तो समान काम समान वेतन अधिकार का पालन किया जाए।
- निगम के कर्मचारियों को पंजाब कर्मियों के अनुसार ही वेतन का भुगतान कराया जाए।
- निगम के कर्मचारी की मृत्यु होने के बाद आश्रितों को पेंशन का भुगतान कराया जाए।
- निगम कर्मियों को आवास के लिए 100-100 वर्ग फुट जमीन दिलाई जाए।
वर्जन
अपनी मांगों को लेकर ठेका कर्मचारी तीन दिन की हड़ताल पर गए हैं, जो पूरे प्रदेश में हो रही है। शहर की साफ-सफाई सुचारू करने की व्यवस्था की गई है ताकि लोगों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। दमकल विभाग के स्थायी कर्मियों की ड्यूटी 12-12 घंटे की शिफ्ट में लगाई गई है। कंट्रोल रूम सुचारू रूप से काम कर रहा है।
- प्रदीप डागर, नगर निगम कमिश्नर
कर्मचारियों को धारा 144 का हवाला देकर उठाया
अमर उजाला ब्यूरो
कलानौर।
मांगों लेकर सर्व कर्मचारी संघ के आह्वान पर बुधवार को कलानौर नगर पालिका के अधीन कार्य करने वाले सफाई कर्मचारियों ने हड़ताल की। सफाई कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर तीन दिन के लिए हड़ताल पर बैठ गए।
कर्मचारी यूनियन के ब्लॉक प्रधान राजेश ने कहा कि प्रदेश सरकार उनके साथ धोखा कर रही है। नगर पालिका कार्यालय के गेट के सामने बैठे सफाई कर्मचारियों को नगर पालिका सचिव अरुण नांदल ने 13 तारीख को होने वाले चुनाव के मद्देनजर लगाई धारा 144 का हवाला देते हुए नगर पालिका कार्यालय के सामने से उठाया। उसके बाद सभी कर्मचारी इंदिरा पार्क के गेट के सामने धरने पर बैठ गए।
फोटो-न.1-पालिका सामनें धरने पर बैठे सफाईकर्मी
फोटो 2- कस्बे में लगे गंदगी के ढेर