तृतीय एग्री लीडरशिप समिट-2018
कृषि मंत्री ने मेला ग्राउंड का किया निरीक्षण, उद्घाटन के 24 घंटे पहले तक भी तैयारी पूरी नहीं पाकर हुए नाराज
- जिले के सभी विभागों के अधिकारियों के साथ मीटिंग में गिनाई कमियां, सुबह नौ बजे पहले तैयारी पूरी कर लेने के निर्देश
- मेला ग्राउंड पर डेकोरेशन से नाखुश दिखे, बोले कि सजावट से नहीं लगता कि मेहमानों के स्वागत में बिछाए हैं पलक-पांवड़े
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
तृतीय एग्री लीडरशिप समिट-2018 का शुभारंभ होने के 24 घंटे पहले तक भी मेला की तैयारियां बाकी होने पर कृषि मंत्री ओपी धनखड़ ने अधिकारियों से नाराजगी जताई। शुक्रवार को उन्होंने अधिकारियों के साथ गोहाना रोड स्थित मेला ग्राउंड का निरीक्षण किया और कमियां गिनाई। उन्होंने कहा कि मेला ग्राउंड के डेकोरेशन पर नाखुशी जताई और कहा कि सुंदरीकरण देखकर ऐसा लगता ही नहीं कि मेहमानों के स्वागत में पलक-पांवड़े बिछाए गए हैं। निरीक्षण के बाद मैना टूरिस्ट कांप्लेक्स में दोपहर दो बजे सभी विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक में उन्होंने निर्देश दिया कि सुबह नौ बजे से पहले कमियों को दूर करने के साथ ही सारी तैयारी पूरी कर ली जाएं।
कृषि मंत्री ओपी धनखड़ ने अधिकारियों से कहा कि शनिवार को मेला शुरू होने वाला है और एक दिन पहले तक भी वहां पर्याप्त काम बाकी है। मेला परिसर और पंडालों का डेकोरेशन आकर्षक नहीं है। एग्जीबिशन हॉल के पंडालों की सजावट में उनकी थीम नजर नहीं आती है। उन्होंने कहा कि अगर पंडाल में बागवानी की प्रदर्शनी है तो उसे बाहर से देखते ही पता चल जाना चाहिए, इसी तरह किसान कल्याण का पंडाल तो उसकी भी थीम बाहर से नजर आनी चाहिए। हर पंडाल अपने आप में एक कथा कहता दिखना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिस अधिकारी को जो जिम्मेदारी दी गई, उसे पूरी तरह से निभाएं। किसी भी तैयारी में फाइनल टच नहीं है। इस मौके पर कृषि विभाग के प्रधान सचिव डॉ. अभिलक्ष लिखी, मार्केटिंग बोर्ड के मुख्य प्रशासक मनदीप बराड़, कृषि विभाग के निदेशक डीके बेहरा, उपायुक्त डॉ. यश गर्ग, अतिरिक्त उपायुक्त अजय कुमार, पुलिस अधीक्षक पंकज नैन, हरियाणा वेयर हाउस कारपोरेशन के एमडी आरसी बिधान, नगर निगम के आयुक्त प्रदीप कुमार, नगराधीश महेंद्रपाल, एसडीएम रोहतक अरविन्द मल्हाण, एसडीएम महम दलबीर फौगाट, एसडीएम सांपला तरूण पावरिया, नगर निगम के संयुक्त आयुक्त रविंद्र कुमार, हरियाणा किसान आयोग के चेयरमैन डॉ. रमेश यादव, नगर निगम के डीटीपी केेके वार्ष्णेय सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद थे।
इंसेट: निरीक्षण में मिलीं इन खामियों को शनिवार को मेला शुरू होने से पहले करना है दूर
पार्किंग : स्थल की सफाई करानी है। वाहनों को खड़ा करने की जगह, एंट्री-एग्जिट की जगह, आने-जाने की जगह स्पष्ट तौर पर बताने के लिए सफेद लाइनिंग की जाए।
भोजनालय : जगह पर्याप्त नहीं है, इसे बढ़ाया जाए। जगह को बढ़ाने के लिए अलग से लगे तंबू और टिन को हटाकर भोजनालय स्थल को भी बढ़ाया जाए।
रजिस्ट्रेशन डेस्क : मेला परिसर में प्रवेश करते ही किसानों के लिए रजिस्ट्रेशन डेस्क नहीं है, इसकी जगह बदलकर गेट के पास की जाए।
रसोई : पर्याप्त संख्या में रसोई नहीं मिलीं, रसोई की संख्या को बढ़ाया, फिलहाल 15 रसोई बनाई गई थीं।
पंडाल : हर पंडाल को उसकी थीम के हिसाब से सजाया जाए, संबंधित विभाग पंडाल में थीम को लागू कराए।
उद्घाटन पंडाल : यह पंडाल सबसे बड़ा है, इस पूरे पंडाल में कुर्सी लगाने से मना किया गया, कुछ स्थान पर कुर्सी लगेंगे और कुछ स्थान लोगों के खड़े रहने के लिए होगा।
ग्राउंड : मेला ग्राउंड कई जगह से उबड़-खाबड़ है, उसे समतल नहीं किया गया। जमीन को समतल कर छिड़काव किया जाए।
सजावट : मेला ग्राउंड में कई जगह टिन दिख रही है, इसे सजावट के जरिए ढकने के लिए कहा गया।
बाहरी सजावट : मेला ग्राउंड को बाहर से आकर्षक बनाने का जाने का निर्देश
इंसेट: इन व्यवस्थाओं के लिए भी दिए गए निर्देश
1. भोजनालय में डिस्पोजल बर्तनों का इस्तेमाल होगा, स्वच्छ भारत मिशन को देखते हुए यहां 50 डस्टबिन लगा गए हैं। इसके साथ ही 25 कर्मचारी हाउस कीपिंग का काम करेंगे।
2. मेला ग्राउंड पर लोगों की संख्या बढ़ने पर एक घंटे के समय में 15 से 20 हजार लोगों का अतिरिक्त भोजन बनाने की व्यवस्था।
3. रोज 45 हजार किसानों का रजिस्ट्रेशन होगा, इन्हें इनामी कूपन दिए जाएंगे। रजिस्ट्रेशन कराने के बार मेला परिसर से बाहर जाने पर दोबारा प्रवेश करने पर कूपन नहीं मिलेगा।
4. मुख्य पंडाल के साथ ही प्रत्येक एग्जीबिशन हॉल, भोजनालय, कैटल एरिया, पार्किंग सभी में उद्घोषणा के लिए अलग-अलग सिस्टम होगा।
5. किसानों को मेला ग्राउंड पर लाने वाली बसों को शाम चार बजे के पहले वापस नहीं जाने दिया जाएगा। बसें किसानों को लेकर जाएंगी। किसान रुकना चाहें तो चार बजे के बाद भी रुक सकते हैं।
6. मुख्य पंडाल में हर कुर्सी के साथ पानी की बोतल होगी।
7. मेला ग्राउंड पर पीने के पानी की पर्याप्त व्यवस्था होगी। इसके साथ ही मेला ग्राउंड परिसर के अंदर ही सभी को पेयजल मुहैया कराया जाएगा।
8. अग्निशमन के लिए लिहाज से हर वक्त चार फायर बिग्रेड गाड़ियां मौजूद होंगी। इसके साथ ही हर पंडाल में फायर इटिंग्वीशर के चेकिंग की जिम्मेदारी फायर विभाग को दी गई। रात में देंगे सर्टिफिकेट।
9. मेडिकल यूनिट और एंबुलेंस तैनाती के निर्देश
10. मेला परिसर में 200 टायलेट की व्यवस्था की गई
इंसेट: कृषि मंत्री के निर्देश के बाद शाम पांच और रात नौ बजे ही तैयारियों की हुई समीक्षा
कृषि मंत्री के निर्देश के बाद अधिकारियों ने शाम पांच बजे और फिर रात नौ बजे तैयारियों की समीक्षा की। इस दौरान सुनिश्चित किया गया कि निर्देशानुसार सभी कर्मियों को दूर किया जाए और रात भी लगकर सभी मेला ग्राउंड पर सभी तैयारियों को पूरा कर लिया जाए।
इंसेट: सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम, रूट रहेगा डायवर्ट
पुलिस ने आयोजन स्थल से लेकर उसके आसपास के इलाके में भी रूट डायवर्ट किया है। साथ ही सुरक्षा व्यवस्था के लिए 200 जवानों की भी ड्यूटी लगाई गई है। सुरक्षा व्यवस्था के लिए डीएसपी ट्रैफिक डॉ. रविंद्र के नेतृत्व में होगी। सम्मेलन में प्रदेश भर के किसान भाग लेंगे। ऐसे में किसानों की भीड़ को देखते हुए पुलिस ने रूट डायवर्ट किया। जींद चौक से आयोजन स्थल तक कोई भी बाहरी वाहन नहीं जाएगा। केवल उन्हीं वाहनों को जाने दिया जाएगा जो सम्मेलन में भाग लेने आए हैं। जींद चौक से आने वाले वाहनों को सुखपुरा चौक की तरफ डायवर्ट किया जाएगा। इसके अलावा पानीपत की तरफ से जो वाहन आएंगे उन्हें लाढ़ौत रोड की तरफ जाने की बजाय सीधी शहर में एंट्री दी जाएगी। लाढ़ौत से गोहाना स्टैंड तक यह रोड बंद रहेगा। आयोजन स्थल के आसपास भी नाके बनाए गए हैं।
इंसेट: सीएम करेंगे मेले का शुभारंभ
दोपहर 12 बजे सीएम मनोहर लाल खट्टर एग्री लीडरशिप समिट-2018 का शुभारंभ करेंगे। मुख्यमंत्री शनिवार की सुबह 9 बजे हिसार रोड पर एलपीएस फैक्ट्री के सामने दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना के तहत बनाएं गए प्रशिक्षण केंद्र का उद्घाटन करेंगे।