अमर उजाला ब्यूरो
झज्जर।
विकास एवं पंचायत विभाग के द्वारा निमाणा गांव में 36 योजनाओं की समीक्षा के लिए प्रदेश स्तरीय बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता कृषि मंत्री ओपी धनखड़ ने की। इस दौरान विकास एवं पंचायत विभाग के प्रधान सचिव अनुराग रस्तोगी तथा भारत सरकार में ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्रालय के संयुक्त सचिव संजीव पटजोशी व राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के निदेशक रमेश कृष्ण भी उपस्थित रहे। बैठक में प्रदेश के सभी जिलों के एडीसी, डीडीपीओ, एक्सईएन भी मौजूद रहे। लेकिन मंत्री की यह बैठक निमाणा गांव के ही लोगों को रास नहीं आई। क्योंकि मंत्री द्वारा मीटिंग के दौरान हॉल के दरवाजे बंद करवा दिए गए और अधिकारियों के अलावा किसी को भी एंट्री नहीं करने दी गई। इसके चलते ग्रामीणों में खासा रोष दिखाई दिया। ग्रामीणों ने कहा कि अगर मीटिंग बंद कमरे में ही करनी थी तो निमाणा गांव को क्यों चुना गया, ऐसी मीटिंग तो मंत्री चंडीगढ़ भी कर सकते थे। बंद कमरे में होने वाले मीटिंगों से किसी भी गांव का भला नहीं हो सकता।
इनकी डेडलाइन हुई तय
बैठक में मंत्री ने राज्य के हर गांव में ग्राम गौरव पट लगाने के लिए 30 जून, हर गांव में व्यायामशाला स्थापित करने के लिए 31 जुलाई, गांव को रेटिंग देने के लिए आरंभ की गई सेवन स्टार स्कीम के लिए 23 मार्च की डेडलाइन तय की। मंत्री ने कहा कि इनके अतिरिक्त स्वच्छता को लेकर ठोस व तरल कचरा प्रबंधन को लेकर नए स्वरूप में राज्य की करीब 1200 पंचायतों में योजना तैयार है। विभिन्न योजनाओं के प्रारंभिक चरण का जिक्र करते हुए मंत्री ने बताया कि राज्य के 1574 गांव में ग्राम गौरव पट का आगामी 23 मार्च शहीदी दिवस के अवसर पर एक साथ अनावरण किया जाएगा। जबकि जिन गांवों में व्यायामशालाएं बनकर तैयार हैं या अंतिम चरण में हैं उनका उद्घाटन 13 अप्रैल वैशाखी के दिन होगा।
स्टार रेटिंग के लिए कमेटी करेंगी क्लेम की जांच
मंत्री धनखड़ ने बताया कि स्टार रेटिंग योजना के तहत सभी ग्राम पंचायत 25 फरवरी तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगी। आवेदन के उपरांत पंचायत के दावे की समीक्षा अंतर जिला समिति करेगी। उन्होंने कहा कि एक जिले की समिति दूसरे जिले में जाकर यह काम करेगी। यह समिति 23 मार्च तक अपनी रिपोर्ट के आधार गांवों को स्टार रेटिंग प्रदान करेंगी। यह स्टार विभाग की वेबसाइट पर दर्ज ग्राम पंचायत के साथ तथा गांव के बाहर ग्राम गौरव पट पर लगाए जाएंगे। साथ ही कहा कि जिस गांव को विभिन्न श्रेणियों में सात रंग मिलेंगे उस गांव को इंद्रधनुष यानि रेनबो ग्राम का दर्जा मिलेगा।
इन योजनाओं की हुई समीक्षा
बैठक में आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण, अटल सेवा केंद्र, ग्राम सचिवालय, सामुदायिक केंद्र, थ्री पोंड सिस्टम, चौपाल, ग्रामीण विकास के लिए तरुण (गर्वित), श्यामा प्रसाद मुखर्जी रू-अर्बन मिशन आदि योजनाओं की समीक्षा की गई। गांव में बैठकर राज्य स्तर पर योजनाओं की समीक्षा करने का उद्देश्य ग्राम्य जीवन को पुन: गरिमापूर्ण बनाने का लक्ष्य है।
वर्जन
विकास एवं पंचायत विभाग ग्रामीण विकास को समर्पित है। इस बैठक के आयोजन से विभाग के अधिकारी और गांव करीब आए हैं। दोनों ने एक-दूसरे को जानने का नया अनुभव प्राप्त किया है। अधिकारियों को गांव से जोड़ने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि गांव की बात गांव में बैठकर करने से सभी अधिकारी अपने-अपने जिलों में नया अनुभव लेकर लौटेंगे। जिसका असर राज्य के सभी जिला में होने वाले विकास की तेजी में साफ दिखाई देगा।
- ओपी धनखड़, कृषि मंत्री, हरियाणा।