अमर उजाला ब्यूरो
झज्जर।
सुनारियां जेल प्रशासन की ओर से संत गोपालदास को रखने से मना करने के बाद शनिवार को उन्हें झज्जर की दुलीना जेल में शिफ्ट कर दिया गया। दुलीना जेल में उन्हें करीब साढ़े 3 बजे लाया गया। इसके बाद से जेल प्रशासन की टेंशन बढ़ी हुई है।?क्योंकि संत गोपालदास ने अन्न व जल का त्याग किया हुआ है। जिसके चलते पिछली बार गिरफ्तारी के दौरान सुनारियां जेल प्रशासन को उन्हें काफी बार पीजीआई में भर्ती करवाना पड़ा था। यही वजह रही कि इस बार जेल प्रशासन ने उन्हें रखने से मना कर दिया। वहीं संत के साथ ही उनके एक समर्थक कृष्ण को भी झज्जर जेल में शिफ्ट किया गया है। कृष्ण ने भी झज्जर जेल में पहुंचते ही अन्न त्यागने की घोषणा कर दी है। सूत्रों की मानें तो कृष्ण ने जेल में दिए जाने वाला रात का खाना भी नहीं खाया। जिसके चलते दुलीना जेल प्रशासन इस समय पूरी टेंशन में है।
गाय और गीता केवल भाजपा का पेटेंट
स्वदेशी गोशाला गोयला कला के संचालक देवसिंह ने कहा कि गीता और गाय केवल भाजपा के पेटेंट हैं। अगर गोपालदास जैसे संत गोवंश के बेहतरी के लिए लड़ाई लड़ते हैं तो उसे पशु क्त्रस्ूरता मान लिया जाता है। देवसिंह को भी संत गोपालदास के साथ मानसरोवर पार्क के पास से गिरफ्तार किया गया थाए जिन्हें शनिवार को 3 अन्य लोगों के साथ कोर्ट से जमानत मिल गई है।
वर्जन
गोपालदास को झज्जर जेल में शिफ्ट किया गया है। यहां पहुंचने से पहले ही उन्होंने जल त्याग दिया थाए उनके स्वास्थ्य पर नजर रखी जा रही है।
दयानंद, जेल सुपरिटेंडेंट, दुलीना।