दीपावली पर हो सकती है पानी की किल्लत
चरखी दादरी।
दीपावली पर्व पर शहर में पानी की किल्लत हो सकती है। शहर के दोनो जलघरों में चार दिन का पानी शेष बचा है। अगर नहरों में जल्दी ही पानी नहीं पहुंचा तो हालात खराब हो जाएंगे। इस समय ट्यूबवेल का पानी मिलाकर सप्लाई किया जा रहा है।
सर्दी शुरू होने से पहले ही अब शहर में पेयजल संकट गहराने लगा है। जब तक मानसून का समय रहा तब तक पानी की कमी नहीं रही। नहरों में मानसून सीजन के दौरान 73 दिनों तक पानी लगातार चला। 11 जुलाई से लगातार पानी चला इस दौरान जिले की 39 छोटी-बड़ी नहरों की टेल भी फीड हुई थी। गांवों में भी पानी का संकट नहीं रहा। अब पिछले माह 22 सितंबर को नहरी पानी बंद होने से अब पेयजल संकट भी गहरा गया है। शहर के दोनो जलघरों की पेयजल क्षमता 20 दिन की है। शहर का मेन चंपापुरी जलघर है इसमें मात्र तीन दिन का पानी शेष है। यहां चार बड़े वाटर टैंक हैं जिनमें अब पानी नहीं रहा। इस जलघर की क्षमता 2450 लाख लीटर है। इस जलघर से शहर के करीब 65 प्रतिशत एरिया में पानी की आपूर्ति की जाती है। इसी प्रकार रामनगर जलघर में पांच से छह दिन का पानी बचा है। यहां बने दो बड़े वाटर टैंक भी खाली हो गए हैं। इस जलघर की क्षमता 1250 लाख लीटर है। इस जलघर से शहर के 35 प्रतिशत एरिया में पानी की सप्लाई की जाती है। इस जलघर से कालेज रोड, गामड़ी एरिया, हीरा चौक, गौशाला रोड, महेंद्रगढ़ चुंगी एरिया, जनता कालेज ,कबाड़ी बस्ती सहित कई एरिया में पानी की सप्लाई की जाती है जबकि मेन चंपापुरी जलघर से शहर का मेन एरिया, मेन बाजार, गांधी नगर, प्रेमनगर, अनाज मंडी, दिल्ली रोड, घिकाड़ा रोड व लोहारू रोड स्थित आधा दर्जन वाडों में सप्लाई की जाती है। बस स्टैंड रोड, पुराना बस स्टैंड एरिया, रेलवे रोड, रेस्ट हाउस, एसपी,एसडीएम, डीसी आवास के अलावा पीडब्ल्यूडी, जनस्वास्थ्य विभाग कर्मचारियों व अधिकारियों की कालोनियों में भी चंपापुरी जलघर से पानी की सप्लाई की जाती है। अब स्थिति यह है कि शहर में मात्र चार दिन का पानी शेष बचा है। शहर में रोजाना 17 से 18 घंटे तक पानी की सप्लाई होती है। रात के समय बूस्टिंग स्टेशनों में पानी डाला जाता है तथा दिन के समय बूस्टिंग स्टेशनों से कालोनियों व बाजार में पानी की आपूर्ति की जाती है।
ट्यूबवेल मिक्स पानी पीने को मजबूर शहरवासी
इस समय शहर में टयूबवेल का पानी मिलाकर आपूर्ति करनी पड़ रही है। हालांकि ट्यूबवेलों का पानी लवणीय जरूर है लेकिन इसे उपचारित कर सप्लाई किया जा रहा है ताकि पानी की गुणवत्ता में कमी न होने पाए। फिल्टर मीडिया सिस्टम के जरिए इस पानी को शुद्ध व गुणवत्तापरक बनाकर सप्लाई किया जा रहा है। विभाग ने जलघरों के समीप ही करीब एक दर्जन ट्यूबवेल बोरिंग कर रखे हैं। जिनकी आपात समय में मदद ली जाती है।
दीपावली पर पानी की खपत होती है ज्यादा
दीपावली पर्व पर लोग कई दिन पहले ही अपने घरों व दुकानों की साफ-सफाई करना शुरू कर देते हैं। रंग-रोगन में भी पानी की अतिरिक्त खपत होती है। ऐसे मेें पानी का संकट गहरा जाने पर लोगों को पेयजल को लेकर सचेत होने की जरूरत है। जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को भी नहररी पानी आने का इंतजार है जबकि सिंचाई विभाग ने अभी तक नहरी पानी के लिए इंडेंट तक नहीं भेजा है।
सीएम आगमन से नहरों में पानी पहुंचने की उम्मीद
विभाग अधिकारी इस बात को लेकर आश्वस्त है कि सीएम के चरखी दादरी दौरे पर नहरों में अवश्य ही पानी पहुंचेगा। ऐसे में नहरों में पानी आने की उम्मीद जगी है लेकिन यह पानी कितने दिन के लिए आएगा यह भी निश्चित नहीं है। इस समय कम से कम 15 दिन नहरों में पानी चलेगा तब जाकर दोनो जलघरों में पर्याप्त पानी डाला जा सकता है।
==वर्सन-
शहर के दोनो जलघर खाली हो गए हैं। इस समय ट्यूबवेल का पानी मिलाकर सप्लाई करना पड़ रहा है ताकि शहर में दीपावली पर्व पानी का संकट पैदा न होने पाए।
जेई समुद्र सिंह, जनस्वास्थ्य विभाग
वर्सन-
मुख्यमंत्री का चरखी दादरी आगमन है ऐसे में नहरों में पानी पहुंचने की पूरी उम्मीद है। पानी कितने दिन के लिए आएगा यह भी निश्चित नहीं है।
हवा सिंह, कार्यकारी एसडीओ, सिंचाई विभाग