अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
अठगामा प्रधान के चुनाव को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। पंचायत में हंगामा कर बलराज नांदल को प्रधान घोषित करने के बाद सात गांवों के लोगों ने आठ अक्तूबर को पंचायत बुलायी है। इस पंचायत में सभी से विचार-विमर्श कर ठोस निर्णय लिया जाएगा। वहीं प्रधानी का दावा करने वाले बलराज नांदल का कहना है कि किसी के बीच कोई मनमुटाव नहीं हैं। सभी गांवों का भाईचारा पहले की तरह ही कायम रहेगा।
दरअसल, रविवार को अठगामा प्रधान के चुनाव के लिए बोहर स्थित अठगामा भवन में पंचायत बुलायी गई। इसमें बोहर, भालौठ, बलियाणा, पाकस्मा, नौनंद, कसरेंटी, खेड़ी साध और पहरावर गांव के लोग शामिल हुए थे। आरोप है कि पंचायत में तत्कालीन प्रधान बलराज नांदल के समर्थकों ने हंगामा कर उन्हें फिर से प्रधान घोषित कर दिया, जबकि पंचायत में बैठे दूसरे लोगों से विचार-विमर्श तक नहीं किया गया। बताया जाता है कि इस हंगामे के बाद सात गांवों के लोगों ने पंचायत से निकलकर पहरावर गांव में बैठक की। उसमें निर्णय लिया कि यह पूरा घटनाक्रम निंदनीय है और आठ अक्तूबर को पाकस्मा में पंचायत बुलायी गई है। माना जा रहा है कि पूरे प्रकरण को लेकर इस पंचायत में ठोस निर्णय लिया जा सकता है। सूत्रों की मानें तो सात गांवों के लोग बोहर से अलग भी हो सकते हैं। अठगामा प्रधान के चुनाव को लेकर हुई पंचायत में हंगामा के बाद सभी में रोष है।
अठगामा में भाईचारा कायम रहेगा : बलराज नांदल
अठगामा के प्रधान की दावेदारी करने वाले बलराज नांदल की तरफ से सोमवार को प्रेस नोट जारी किया गया है। उसमें उन्होंने नांदल भवन में बैठक का हवाला देते हुए कहा कि अठगामा के सभी गांवों में भाईचारा कायम रहेगा। जिन लोगों में थोड़ा बहुत मनमुटाव है उसे भी दूर कर लिया जाएगा। उन्होंने पहले भी मेहनत और कर्तव्यनिष्ठा से कार्य किया है। उनके कार्यों को देखते हुए ही समाज ने उन्हें दोबारा से जिम्मेदारी दी है। वह इस जिम्मेदारी का अच्छे तरीके से निर्वहन करेंगे।
खाप प्रधान बोले, नहीं हुई नांदल भवन में बैठक
नांदल खाप प्रधान ओमप्रकाश नांदल का कहना है कि पंचायत में हुआ घटनाक्रम निंदनीय था। पंचायत में हंगामा होने के बाद दूसरे गांवों से आए लोगों ने पहरावर में बैठक की थी। उसमें आठ अक्तूबर को पंचायत बुलाने का निर्णय लिया गया है। बलराज नांदल को केवल उनके समर्थकों ने प्रधान चुना है। आठ गांवों के लोगों ने नहीं सुनी और बलराज नांदल सोमवार को नांदल भवन में जिस बैठक का हवाला दे रहे हैं, ऐसी कोई बैठक नहीं हुई है।