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जमीनें बिकवाकर वसूली करता था डेरा
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अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी।
जेल में बंद बलात्कारी बाबा गुरमीत राम रहीम के सिरसा डेरे में अनुयायियों से जबरन ‘परमार्थ’ कराया जाता था। डेरे के गुंडों के डर से अनुयायी अपनी संपत्ति डेरे को दान देकर कंगाल हो जाते थे। इसके बाद उन्हें डेरे की गुंडों की फौज में शामिल कर हथियार पकड़ा दिया जाता था। मना करने पर जान से हाथ धोने का भय बना रहता था। दो दिन से लापता रहने के बाद कुएं में मृत मिले डेरा प्रेमी सोमबीर के परिजनों ने गुरमीत राम रहीम के डेरे पर इसी तरह का आरोप लगाया है।
चरखी दादरी के गांव बलकरा निवासी सोमबीर का शव शुक्रवार को गांव के एक कुएं में लटका मिला था। परिजनों का आरोप है कि डेरे को 12 एकड़ जमीन ‘परमार्थ’ में देने के अलावा 26 एकड़ जमीन ‘नकद परमार्थ’ में देने के लिए बेचनी पड़ी। अब पुश्तैनी जमीन में से केवल नौ एकड़ जमीन बची है। इस प्रकार करीब 38 एकड़ जमीन डेरे की भेंट चढ़ गई। परिजनों का कहना है कि सोमबीर ने जमीन और ‘परमार्थ’ के बदले डेरे से रुपयों की मांग की थी। लेकिन उसे धमका दिया गया। मजबूर होकर सोमबीर ने जीवन लीला समाप्त कर ली। चंपापुरी निवासी सोमवीर के साले हंसराज बूरा ने डेरा कमेटी पर आत्महत्या के लिए मजबूर करने की शिकायत दी है। मामले में एसपी सुनील दलाल का कहना है कि सोमबीर के लापता होने का केस दर्ज है। हंसराज की शिकायत की जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, शनिवार को सोमबीर के शव का रोहतक में डॉक्टरों के बोर्ड ने पोस्टमार्टम किया है।
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सोमबीर ने बेटे को एक साल तक घर नहीं आने दिया
डेरे के दबाव में जमीन बेचने के लिए राजी नहीं होने पर सोमबीर ने अपने बड़े बेटे प्रदीप को घर से निकाल दिया था। एक साल बाद बेटे ने जब अपनी जमीन बेचकर पैसा दिया तो उसे घर आने दिया। सोमबीर की पत्नी, बहन और साले ने डेरा प्रमुख पर जालसाजी से जमीन बिकवाने का आरोप लगाकर करीब छह करोड़ रुपये की वसूली कराने की गुहार सरकार से लगाई है।
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डेरा ले जाने के लिए घर आ धमकते थे डेरे के गुंडे
सोमबीर के गांव के अन्य डेरा अनुयायियों का कहना है कि डेरे में उनसे जबरन दान करवाया जाता था। अगर कोई अनुयायी डेरा से मुक्त होना चाहता तो राम रहीम के खासमखास माने जाने वाले कुछ अनुयायी उसके घर आ धमकते थे। यह लोग तब तक घर से नहीं जाते थे जब तक की अनुयायी डेरा चलने के लिए तैयार न हो जाए। बलकरा निवासी सोमबीर ने भी डेरा की प्रताड़ना से तंग आकर जाना बंद कर दिया था। इसके बाद सच्चा सौदा डेरा का उस पर दबाव और बढ़ गया। हार कर उसे डेरे की बात माननी पड़ी और अंत में मौत को गले लगाना पड़ना।
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परमार्थ करने के लिए डेरे के लोग घर आकर धमकाते थे
सोमबीर की पत्नी चित्रा देवी ने डेरा प्रमुख पर लगाए संगीन आरोप
कहा, जान का खतरा होने की वजह से पुलिस में नहीं दी शिकायत
डेरे ने सोमबीर की बहन से भी जबरन 5 लाख का कराया परमार्थ
अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी।
सोमबीर की पत्नी चित्रा देवी ने बताया कि साल 2015 में एक साल तक सोमबीर डेरा नहीं गया तो गुरमीत ने अपने अनुयायियों को उनके घर भेज दिया। एक साल तक हर माह आठ से दस लोग उनके घर आ धमकते थे और सोमबीर के आर्थिक सहायता देने की हामी न भरने तक जबरन घर में रुकते थे।
चित्रा देवी ने बताया कि सोमबीर की जान को खतरा होने के भय से उन्होंने पुलिस को इस संबंध में शिकायत नहीं दी। रोेते हुए चित्रा देवी ने बताया कि राम रहीम ने पहले तो उनकी दौलत लूट ली, अब उसके पति की जान ले ली। चित्रा देवी ने आरोप लगाया कि सोमबीर की मौत का जिम्मदार डेरा है। सोमबीर की बहन सुमित्रा देवी और पत्नी चित्रा देवी ने बताया कि डेरा प्रमुख के पास गुंडों की फौज है। उन्होंने कहा कि अनुयायी को कंगाल बनाने के बाद उन्हें हथियार थमाकर डेरे की फौज में शामिल होने के लिए मजबूर किया जाता था। सोमबीर के साथ भी ऐसा करने का प्रयास किया गया, लेकिन उसने डेरा प्रमुख का हथियार लेने से इनकार कर दिया। सोमबीर के साथ-साथ उसकी बहन सुमित्रा से भी डेरा प्रमुख ने जबरन करीब साढ़े पांच लाख रुपये का ‘परमार्थ’ करवाया है।
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फिल्म बनाने के लिए अनुयायियों से जबरन ली आर्थिक मदद
सोमबीर की पत्नी चित्रात्रा देवी ने बताया कि गुरमीत ने एमएसजी फिल्म बनाने के लिए डेरा अनुयायियों को आर्थिक मदद देने के लिए बाध्य किया। राम रहीम ने सोमबीर से भी इस फिल्म के लिए करीब सवा पांच लाख रुपये जबरन लिए। उन्होंने आरोप लगाया कि फिल्म पर खर्च हुई राशि अनुयायियों पर दबाव बनाकर जबरन वसूली गई थी।
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हिस्सेदारी की बचत राशि भी जबरन करवाई जाती थी दान
सोमबीर की पत्नी चित्रा देवी ने बताया कि राम रहीम ने उन्हें 26 एकड़ जमीन बेचने के लिए बाध्य कर दिया। उन्होंने करीब 3.10 करोड़ रुपये जमीन बेचकर राम रहीम को दिए थे। इनमें से 2.80 करोड़ की हिस्सेदारी एक रिजॉर्ट में करवाई गई, जबकि एमएसजी में हिस्सेदार के लिए 30 लाख रुपये लिए थे। चित्रा देवी ने बताया कि रिजॉर्ट की बचत से उनके हिस्से दो लाख आए थे, लेकिन यह राशि देने के बाद डेरा प्रमुख ने सोमबीर से पांच लाख रुपये का ‘परमार्थ’ करवा लिया।
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हिस्सेदारी के रुपये मांगने पर देता था जूते और कड़े
सोमबीर के घर में ‘परमार्थ’ के बाद डेरा प्रमुख की ओर से दी गई कुछ वस्तुएं अब भी रखी हैं। परिजनों ने कुछ सामान उठाकर बाहर फेंक दिया है। चित्रा देवी ने बताया कि 12 एकड़ जमीन ‘परमार्थ’ में देने के बाद डेरा प्रमुख ने उन्हें एक सिंहासन और एक जोड़ी कड़े दिए। उन्होंने बताया कि इस 12 एकड़ जमीन के बदले उन्हें इन दो चीजों के अलावा एक जोड़ी जूता और राम रहीम की दो फोटो दी गई। जब परिजनों ने डेरा प्रमुख के पास जाकर जमीन वापस देने की मांग की तो उन्होंने ऐसा करने से इनकार कर दिया।
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सोने की चेन बेचकर किया ‘परमार्थ’
सोमबीर की बहन और गुरमीत राम रहीम की ठगी की शिकार सुमित्रा देवी ने बताया कि सिरसा डेरे में जबरन अनुयायियों से आभूषण दान करवाए जाते थे। जब वह डेरे में गईं तो उन पर भी सोने की चेन दान करने का दबाव बनाया गया। सुमित्रा ने बताया कि उसने करीब 55 हजार 777 रुपये में चेन बेचकर यह राशि डेरा को दान दे दी। सुमित्रा ने बताया कि इसके अलावा भी उससे पांच लाख रुपये जबरन दान करवाए गए।
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परिवार से मिलने के नाम पर लिए सवा तीन लाख
चित्रा देवी ने बताया कि करीब डेढ़ माह पहले सोमबीर ने सपरिवार राम रहीम से मिलने की इच्छा डेरा जाकर जाहिर की थी। इसके बाद राम रहीम की दासियों ने परिवार को एक साथ मिलाने के लिए सवा तीन लाख रुपये ‘परमार्थ’ करने का तर्क दिया। चित्रा देवी ने बताया कि उसके पति ने सवा तीन लाख रुपये दे दिए, लेकिन राम रहीम ने मुलाकात नहीं की।
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सवा लाख की दो पुरानी ईंटें तो एक लाख में बेची कुर्सी
डेरा में भक्तिभावना की आड़ में अनुयायियों की जेब पर डाका मारा जाता था। इसका खुलासा अनुयायी सोमबीर की पत्नी चित्रा देवी ने किया। चित्रा देवी ने बताया कि एक साधारण स्टील का कड़ा उन्हें 2.77 लाख और राम रहीम के जाम पीने वाले सात गिलास करीब सवा तीन लाख रुपये का परमार्थ करने के नाम पर दिए गए थे। एक कुर्सी एक लाख रुपये में और दो पुरानी ईंटें सवा लाख रुपये में डेरे की तरफ से दी गई थीं।
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सोमबीर के साले के बयान पर पुलिस ने शुरू की जांच
दादरी सदर थाना पुलिस को दिए बयान में सोमबीर के साले चंपापुरी निवासी हंसराज बूरा ने बताया सिरसा डेरा कमेटी की ओर से धोखाधड़ी से सोमबीर की कुछ जमीन नाम करवाई गई तो कुछ दबाव बनाकर बिकवा दी। सोमबीर को पांच करोड़ से अधिक की संपत्ति डेरे के दबाव में बेचनी पड़ी। राम रहीम की पोल खुलने के बाद से सोमबीर परेशान था और मजबूरन उसने यह कदम उठाया।
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पुलिस का वर्जन---
सोमबीर के साले के बयान पर पुलिस ने दर्ज कर लिए हैं। इस संबंध में गुमशुदगी का मामला दर्ज किया गया था। अब परिजनों ने जो बयान दिए हैं उन तथ्यों की जांच शुरू कर दी है। जांच के दौरान जो भी बात सामने आएगी उसी आधार पर अगली कार्रवाई करेंगे।
- सुनील दलाल, एसपी
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