आरटीए कार्यालय में फर्जीवाड़ा : चालान किया 83 हजार, जमा कराए आठ हजार
भिवानी। आरटीए दफ्तर में छापा मारकर सीएम फ्लाइंग टीम ने बड़ा फर्जीवाड़ा पकड़ा है। आरंभिक जांच में लगभग चार लाख रुपये की अनियमितता पकड़ी गई है। अनियमितता का आलम यह है कि चालान 83 हजार रुपये का काटा गया और जमा हुए केवल आठ हजार। 33 मीट्रिक टन ओवर लोड वजन कागजों में छेड़खानी कर तीन मीट्रिक टन कर दिया।
बुधवार दोपहर तीन सदस्यीय सीएम फ्लाइंग टीम ने सब इंस्पेक्टर राजबीर की अगुवाई में हुडा पार्क के पास स्थित आरटीए दफ्तर पहुंची। टीम के आने की भनक लगते ही दफ्तर में हड़कंप मच गया। टीम ने आरटीए कार्यालय पहुंचकर कैश और चालान बुक की तो बड़ी अनियमितता सामने आई। इस साल जनवरी और फरवरी महीने की चालान बुक पर टीम ने पूरी तरह से जांच की।
सूत्रों के अनुसार चालान बुक में काफी जगह कांट-छांट की गई है। एक चालान बुक में 83 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया लेकिन केवल आठ हजार रुपये जमा कराए गए। एक बुक में 33 मीट्रिक टन का तीन मीट्रिक टन कर दिया। 33 का 3 होते ही लगभग 60 हजार रुपये कम हो गए।
टीम इंचार्ज राजबीर सिंह ने बताया कि पांच चालान बुक में 11 चालानों की जांच की गई, जिसमें 163 मीट्रिक टन वजन में फर्क पाया गया। 83 हजार चालान के जगह आठ हजार राशि जमा कराई गई। आरंभिक जांच में चार लाख रुपये की गड़बड़ी सामने आई हैं। टीम ने कैश की जांच की तो उसमें भी बड़ा फर्क मिला। ड्राइविंग लाइसेंस, रजिस्ट्रेशन आदि की फीस के कैश 76 हजार 250 रुपये कम मिला।
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आरटीए दफ्तर के खिलाफ एफआईआर
सब इंस्पेक्टर राजबीर सिंह ने बताया कि जांच के बाद आरटीआए दफ्तर के खिलाफ धोखाधड़ी, वित्तीय अनियमितता समेत विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया है। अनियमितता के लिए कौन जिम्मेदार है, इसकी जांच होगी। उसके बाद नाम सामने आएंगे। सिविल लाइन थाना प्रभारी ने बताया कि मामला दर्ज कर छानबीन आरंभ कर दी है।
जाल में फंसेंगी छोटी के साथ बड़ी ‘मछली’
आरंभिक जांच में जिस तरीके से गड़बड़झाला सामने आया है, उससे साफ है कि इस काम में बड़े लोग भी शामिल होंगे। हालांकि, यह तो जांच पूरी होने के बाद ही साफ होगा कि नाम सामने आएंगे, लेकिन इतना तय है कि इस प्रकरण में कई अधिकारी-कर्मचारी नपेंगे।