रोहतक। पीजीआई के एनेस्थीसिया विभाग ने रविवार को सुश्रुत सभागार में ''रूट्स एंड विंग्स यादों से फिर मुलाकात'' मिलन समारोह आयोजित किया। इसमें 1963 से अब तक के करीब 200 पूर्व व वर्तमान डॉक्टर एक मंच पर जुटे। कुलपति डॉ. एचके अग्रवाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
उन्होंने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। डॉ. अग्रवाल ने एनेस्थीसिया विभाग को पीजीआई की जान बताया। उन्होंने कहा कि यहां से निकले डॉक्टर आज पूरी दुनिया में संस्थान का नाम रोशन कर रहे हैं।
पूर्व सांसद डॉ. सुशील कुमार इंदौरा, कुलसचिव डॉ. रूप सिंह और निदेशक डॉ. एसके सिंघल विशेष अतिथि थे। निदेशक डॉ. सिंघल ने विभाग का इतिहास साझा किया। उन्होंने बताया कि 1963 में डॉ. जीएल कामरा ने मात्र पांच संकाय के साथ यह सफर शुरू किया था। आज विभाग में 54 संकाय और अत्याधुनिक संसाधन हैं।
डॉ. बलबीर, डॉ. सविता और डॉ. सीवी सिंह को बेस्ट टीचर सम्मनि मिला
डॉ. प्रशांत कुमार के संयोजन में ‘यादों का सफर’ कार्यक्रम हुआ। इसमें डॉक्टरों के लिए फोटो पहचानो, प्रश्नोत्तरी और संकाय सदस्यों के लिए रैंपवॉक आयोजित की गई। डॉ. बलबीर छाबड़ा, डॉ. सविता सैनी और डॉ. सीवी सिंह को बेस्ट टीचर के रूप में सम्मानित किया गया। डॉ. किरणप्रीत, डॉ. सुशीला तक्षक और डॉ. कामना कक्कड़ सहित कई वरिष्ठ डॉक्टरों ने अपने पुराने संस्मरण साझा किए। अंत में सभी डॉक्टरों ने ''यारों की यारी'' गाना गाकर पुरानी यादें ताजा कीं।