सातवीं कक्षा में पढ़ने वाली 11 साल की किशोरी का अपहरण कर दुष्कर्म के दोषी गुरुग्राम के युवक हितेश को एएसजे नरेश कुमार की अदालत ने 20 साल कैद व 12 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। सजा पर बचाव पक्ष का कहना है कि मामले को लेकर हाईकोर्ट में अपील की जाएगी।
मामले के अनुसार मई 2021 में गुरुग्राम का एक युवक अपनी बहन की ससुराल आया हुआ था, जहां पड़ोस के युवक ने शिकायत दी कि उसकी 11 साल की बेटी सातवीं कक्षा में पढ़ती है। जो अचानक घर से लापता हो गई। कलानौर थाना पुलिस ने नाबालिग के अपहरण का मामला दर्ज कर जांच पड़ताल की। आरोप है कि जांच के बाद किशोरी को नजदीक एक मकान से बरामद किया गया। साथ ही पुलिस ने आरोपी हितेष को काबू कर लिया। तभी से जिला अदालत में केस की सुनवाई चल रही थी। एक दिन पहले अदालत ने आरोपी युवक को दोषी करार देते हुए आईपीसी की धारा 376एबी व 6 पॉक्सो एक्ट में 20-20 साल की कैद व 5-5 हजार रुपये जुर्माना, जबकि 366 व 365 में तीन-तीन साल की कैद व एक-एक हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना न भरने पर अतिरिक्त सजा का प्रावधान किया गया है। साथ ही सभी सजा एक साथ चलेंगी।
हाईकोर्ट में जाएंगे, फैसले से संतुष्ट नहीं
हम अदालत के फैसले का सम्मान करते हैं, लेकिन हमारे पक्ष के कई तथ्यों को अनदेखा किया गया है। मामले को लेकर हाईकोर्ट में अपील की जाएगी।
- प्रवीण फौगाट, वकील बचाव पक्ष