मांगों को लेकर नॉर्दर्न रेलवे मेंस यूनियन के सदस्यों ने शाखा सचिव सुरेंद्र सैनी के नेतृत्व में बुधवार को डीआरएम डिंपी गर्ग को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने रेलवे कर्मचारियों की मांगों का समाधान करने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगों का समाधान नहीं किया गया तो रेलवे कर्मचारी आंदोलन करने पर विवश होेंगे। इसकी जिम्मेदारी स्वयं रेलवे विभाग के अधिकारियों की होगी।
एनआरएमयू के शाखा सचिव सुरेंद्र सैनी ने बताया कि वाणिज्य निरीक्षक शकूरबस्ती व रोहतक के अधीनस्थ स्टेशन सुपरिंटेंडेंट को 6-8 महीने का सफाई इंप्रेस्ट का भुगतान नहीं किया जा रहा, जिससे स्टेशन सुपरिंटेंडेंट्स को परेशानी हो रही है। इस बारे में प्रत्येक स्टेशन पर एटीएम कार्ड जारी कर स्टेशन मास्टरों के कार्यालय में दिए जाएं, ताकि स्टेशनों पर सफाई व्यवस्था ठीक करवाई जा सके। रोहतक हेल्थ यूनिट के तहत आने वाले रेल कर्मचारियों की सुविधा बढ़ाने के लिए ऑरेंज लैब को पैथोलॉजी इंवेस्टिगेशन के लिए रेलवे पैनल पर करवाया जाए। इसकी कोटेशन अस्पताल से लेकर मंडल कार्यालय भेजी जा चुकी है। साथ ही कर्मचारियों के लिए पोजिट्रॉन अस्पताल को पैनल पर लाया जाए। रेवाड़ी अस्थल बोहर सेक्शन में कार्यरत रेल कर्मचारियों की आपातकालीन चिकित्सा सुविधा के लिए झज्जर में कोई भी अस्पताल रेलवे पैनल पर नहीं है। आशा किरण अस्पताल झज्जर की विशिष्टताओं को देखते हुए आशा किरण अस्पताल को रेलवे पैनल पर करवाया जाए। स्टेशन पर परिवार सहित कर्मचारियों की संख्या लगभग 2000 के आसपास है। इसके लिए रोहतक स्टेशन पर बरात घर के निर्माण करवाने की आवश्यकता है। स्टेशन पर लगभग दो वर्ष पहले 22 रेलवे आवास करोड़ों रुपये खर्च कर बनवाए गए थे, लेकिन किसी भी कर्मचारी को आवंटित नहीं किए गए। ऐसे में वह भवन कंडम होते जा रहे हैं। उन्होंने मांग की कि रेलवे के आवास आवंटित किए जाएं। डीआरएम ने उनकी समस्याओं को सुना और आश्वासन दिया कि उनकी समस्या का जल्द समाधान करवाया जाएगा।