रोहतक। करौंथा आश्रम के संचालक रामपाल के खिलाफ चल रहे हत्या के मामले में गवाही के बाद नया मोड़ आ गया है। जिला अदालत में शुक्रवार को गवाही देने आए एफएसएल के तत्कालीन डायरेक्टर ने जांच का हवाला देते हुए बताया कि रामपाल की लाइसेंसी डबल बैरल डोगा गन से वह गोली नहीं चली, जो मृतक सोनू को लगी थी। वहीं आर्य समाज के वकील एसपी धनखड़ ने अदालत को बताया कि रामपाल के पूर्व वकील आरएस हुड्डा दो अदालतों में याचिका दायर करके मान चुके हैं कि अगर आश्रम की तरफ से गोली चली तो वह बचाव में चलाई गई। उस अर्जी को अदालत में सामने लाया जाए। इसके लिए धनखड़ ने याचिका दायर की। अब मामले की अगली सुनवाई 15 मार्च को होगी।
मामले के अनुसार स्वामी दयानंद द्वारा लिखित पुस्तक सत्यार्थ प्रकाश पर कथित टिप्पणी को लेकर आर्य समाज के लोगों और रामपाल समर्थकों के बीच तनाव पैदा हो गया। 2006 में भारी संख्या में भीड़ करौंथा स्थित रामपाल के सतलोक आश्रम के बाहर एकत्रित हो गई। गोली लगने से झज्जर जिले के युवक सोनू की मौत हो गई थी। तब सदर थाने में रामपाल सहित 38 लोगों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया गया था। हालांकि अब अदालत में पेश होने वाले आरोपियों की संख्या 28 रह गई है। इस केस में 2018 से गवाही की प्रक्रिया चल रही है। शुक्रवार को पीजीआई के तत्कालीन डाक्टर रोहित, एफएसएल के तत्कालीन डायरेक्टर धर्मबीर और आरोपियों से पूछताछ करने वाले कांस्टेबल रमेश की गवाही हुई। छत्तीसगढ़ से आकर डॉक्टर रोहित ने अपने बयान दर्ज करवाए।
रामपाल की वीडियो कांफ्रेंसिंग से पेशी
शुक्रवार को हिसार जेल में बंद रामपाल व अन्य आरोपियों की वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से एडीजे कोर्ट में पेशी हुई, जबकि एक आरोपी को सुनारिया जेल से पेश किया गया। जमानत पर चल रहे अन्य आरोपियों ने भी कोर्ट में पेश होकर अपनी हाजिरी लगाई।
अब डॉक्टर दीपक व जम्मू के क्लर्क की गवाही बची
अब मामले में आन रिकार्ड सूची में शामिल जम्मू के एक क्लर्क और 2006 की घटना के बाद पीजीआई में दाखिल चार घायलों की मेडिकल लीगल रिपोर्ट तैयार करने वाले डाक्टर दीपक शर्मा की गवाही होनी है। डॉ. शर्मा फिलहाल आस्ट्रेलिया में रह रहे हैं।
एफएसएल की रिपोर्ट में साबित हो चुका है कि जो गोली मृतक सोनू को लगी है, वह पुलिस के हथियारों से नहीं चली। एफएसएल के तत्कालीन डायरेक्टर ने भी रिपोर्ट के आधार पर बयान दर्ज करवाए। अब शिकायतकर्ता पक्ष के वकील ने सीआरपीसी की धारा 311 के तहत अर्जी लगाई है।
सुनील कुमार, बचाव पक्ष के वकील।