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केबिनेट ने लगाई मोहर, पावर हाउस में मिलेंगी दुकान, पीजीआई परिसर में मकान

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फ्लैग : एलीवेटेड ट्रैक के विस्थापित लोगों के पुनर्वास का मामला, सूत्रों के अनुसार कैबिनेट में हो चुकी है चर्चा
हेडिंग : पावर हाउस में दुकान और पीजीआई परिसर में मिल सकते हैं मकान
: पीजीआईएमएस व बिजली निगम देगा नगर निगम को इसके लिए जमीन
: गांधी कैंप से बजरंग भवन तक नगर निगम बनाएगा करीब 15 फुट चौड़ा रास्ता
: सरकार के फैसले के विरोध में बिजली कर्मी कल देंगे धरना
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। शहर के बहुचर्चित एलीवेटेड ट्रैक से विस्थापित लोगों के पुनर्वास के लिए सरकार तैयारी में है। सूत्रों के अनुसार कैबिनेट में भी इसको लेकर चर्चा हो चुकी है। यहां प्रस्ताव पास होने के बाद मुख्यालय स्तर पर पीजीआईएमएस व बिजली निगम से जमीन हस्तांतरण की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी। प्रस्ताव के तहत प्रभावित लोगों को राजीव गांधी पावर हाउस में 37 दुकानें और पीजीआईएमएस परिसर में 16 मकानों के लिए जमीन मिल सकती है।
प्रदेश सरकार की मदद से रेलवे प्रशासन गोहाना रेल ट्रैक पर 4.8 किलोमीटर लंबा एलीवेटेड रेल ट्रैक बनवा रहा है। इसकी जद में गांधी कैंप की करीब 37 दुकानें और करीब 16 मकान आ रहे रहे हैं। दुकानों की स्थिति यह है कि कोई पांच फुट तो कोई नौ फुट तक टूट रही है। इसको लेकर गांधी कैंप के दुकानदारों ने विरोध किया तो प्रदेश के सहकारिता मंत्री ने जल्द से जल्द दूसरे स्थान पर बसाने का आश्वासन दिया। गांधी कैंप के दुकानदारों ने बजरंग भवन के नजदीक, पावर हाउस के पास जमीन देने की मांग की। इस दौरान प्रदेश सरकार ने एलीवेटेड रेल ट्रैक की चपेट में आने से बची दुकान की जमीन को सड़क में मिलाकर करीब 15 फुट चौड़ा रास्ता बनाने का फैसला लिया। रास्ते का मामला आया तो जिसकी चपेट में करीब 16 मकान आ रहे थे। इसकी जानकारी पर मकान स्वामियों ने विरोध शुरू कर दिया। इस पर सहकारिता मंत्री ने गांधी कैंप में जाकर आश्वासन दिया कि दुकानदारों को दुकान और मकान स्वामियों को जमीन देने के बाद ही तोड़फोड़ की जाएगी। पूरा मामला कैबिनेट में पहुंचा दिया गया है, जिस पर विचार भी होने की चर्चा है।
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सूत्रों के अनुसार बैठक में इस पर चर्चा हुई कि गांधी कैंप के दुकानदारों को राजीव गांधी विद्युत सदन परिसर स्थित भूमि पर दुकान बनवाने के लिए जगह आवंटित की जाएगी। यही नहीं, मकान स्वामियों को पीजीआई परिसर में मकान बनाने के लिए जमीन दी जाएगी। इसकी प्रक्रिया पूरी होने के बाद दुकानदारों और मकान स्वामियों को जमीन दे दी जाएगी।
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बिजली निगम की ज्वाइंट कमेटी कल करेगी धरना-प्रदर्शन
एएचपीसी वर्कर्स यूनियन, एचपीसी एम्पलाइज यूनियन और एचएसईबी वर्कर यूनियन की संयुक्त ज्वाइंट एक्शन कमेटी सोमवार को विद्युत सदन की जमीन दुकानदारों को दिए जाने के विरोध में धरना-प्रदर्शन करेगी। इसके बाद उच्चाधिकारियों के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा। कमेटी का कहना है कि विद्युत सदन की जमीन जनसेवा के लिए विभाग को दान में मिली है। इस वजह से यह जमीन व्यापारिक इस्तेमाल के लिए हस्तांतरित करना पूरी तरह से नियम विरुद्ध है। यहां मुख्य अभियंता, अधीक्षक अभियंता, कार्यकारी अभियंता सब अर्बन दो, कार्यकारी अभियंता सिटी, सब डिवीजन नंबर एक, सब डिवीजन कंस्ट्रक्शन तथा कार्यकारी अभियंता सिविल कंस्ट्रक्शन समेत सात कार्यालय तथा 33केवी पावर हाउस है। इसमें चल रहे कार्यालय व कर्मचारियों की संख्या के हिसाब से जितनी जगह है, उतनी आवश्यक है। ऐलान किया यदि इन जमीनों को हस्तांतरित करने का प्रयास किया तो सभी संगठन विरोध प्रदर्शन व काम का बहिष्कार करने को मजबूर होंगे।
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