सरपंचों ने पंचायत कार्यालयों पर ताला जड़कर डाला डेरा, बाहर खाली बैठकर वापस लौटे अधिकारी
चरखी दादरी/बाढड़ा/बौंदकलां।
जिले के सरपंचों व ग्राम सचिवों ने मंगलवार को जिला मुख्यालय सहित बाढड़ा उपमंडल व बौंदकलां में पंचायत कार्यालयों को ताला जड़ दिया और धरने पर बैठ गए। इससे पहले सरपंचों ने कार्यालय पहुंचे अधिकारियों व कर्मचारियों को बाहर निकाल दिया। दिनभर पंचायत विभाग के अधिकारी व कर्मचारी परिसर में ही बैठकर खाली लौट गए। सरपंचों से मिलनेे प्रशासन की ओर से कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। सरपंचों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जाती उनका धरना जारी रहेगा।
ई-पंचायत प्रणाली के विरोध में सरपंचों में पिछले काफी दिनों से रोष है। सरपंचों का मानना है कि ई-पंचायत प्रणाली लागू करने से विकास कार्यों में काफी कठिनाई आएगी। उन्होंने कहा कि गांवों में न तो इंटरनेट सेवा उपलब्ध है और न ही जिले की पंचायतें हाईटेक हैं। इसके अलावा जिले की ज्यादातर पंचायतें भी इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी से जूझ रही हैं। ऐसे में ई-पंचायत प्रणाली से विकास कार्यों को पूरा करने में कठिनाई आएगी। मंगलवार को सरपंच एसोसिएशन प्रधान राजकरण के नेतृत्व में दादरी ब्लॉक से तकरीबन सभी 46 गांवों के सरपंच नगर के पंचायत कार्यालय में एकत्र हुए। सरपंचों ने पंचायत कार्यालय में मौजूद पंचायत कार्यालय के कर्मचारियों को कार्यालय से बाहर खदेड़ दिया और कार्यालय को ताला जड़ दिया। ताला जड़ने के बाद सभी सरपंच धरने पर बैठ गए। इस दौरान उन्होंने नारेबाजी कर सरकार के खिलाफ रोष जताया। सरपंच एसोसिएशन के प्रधान राजकरण ने बताया कि जब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाता तब सरपंचों का धरना जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि इस समय जिले में बीडीपीओ के पद लंबे समय से खाली पड़े हैं जिससे गांवों में विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। आए दिन सरपंचों को अपने कामकाज निपटाने के लिए अधिकारियों के बिना परेशान होना पड़ रहा है। पूर्व मंत्री सतपाल सांगवान भी सरपंचों के धरने पर पहुंचे तथा सरपंचों की मांगों का समर्थन किया।
बौंदकलां में 11 सरपंचों ने की तालाबंदी
ई-पंचायत प्रणाली के विरोध में ब्लॉक के 11 सरपंचों ने मंगलवार को खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी कार्यालय बौन्दकलां के अंदर धरना देकर ताला लगा दिया। इसके बाद सरपंच चरखी दादरी चल रहे धरने के लिए रवाना हो गए। मंगलवार सुबह 10 बजे गांव बौन्दकलां, रणकोली, ऊण, मालकोष, सांवड़, बास, भागेश्वरी, कमोद, अचीना, झींझर के सरपंचों व ग्राम सचिवों ने धरना शुरू कर दिया। तालाबंदी में सरपंच प्रतिनिधि गोबिंद सिंह, सरपंच सांवड़ मदन सिंह परमार, सरपंच प्रतिनिधि उदयपाल सुन्नी, सरपंच विनोद, सरपंच हुकमचंद्र समेत व ग्राम सचिव शामिल थे।
बाढड़ा ब्लॉक में भी सरपंचों ने की तालाबंदी
वहीं जिले के बाढड़ा ब्लॉक में भी सरपंचों ने पंचायत कार्यालय पर ताला जड़ दिया। सरपंचों ने पंचायत कार्यालय के ताला लगाकर धरने पर बैठ गए तथा सरकार के प्रति रोष प्रकट किया। सरपंचों ने कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जाती उनका धरना जारी रहेगा। इससे पहले सोमवार को सरपंचों ने कार्यालय के मुख्य गेट पर भी ताला जड़ा था। मंगलवार को कार्यालय के एंट्री गेट पर ताला जड़कर किसी अधिकारी व कर्मचारी को अंदर नहीं जाने दिया।
ये हैं प्रमुख मांगें
1 मुख्यमंत्री आवास पर सरपंचों को बुलाकर उनका अपमान करने पर मुख्यमंत्री को माफी मांगनी चाहिए
2 सस्पेंड किए गए ग्राम सचिवों को तत्काल प्रभाव से बहाल किया जाए
3 ई-पंचायत प्रणाली लागू करने से पहले पूरा इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध करवाया जाए
4 हरियाणा पंचायती राज अधिनियम 1994 को पूर्णतया लागू किया जाए
5 बीपीएल सर्वे व राशन बनवाने का कार्य जल्द शुरू हो
6 ग्राम सचिव पद की शैक्षिक योग्यता बीए हो तथा मासिक भता पांच हजार रूपये मासिक मिले
7 सरपंचों के मानदेय में बढ़ोतरी की जाए तथा गांवों के विकास के लिए पर्याप्त मात्रा में बजट राशि उपलब्ध करवाई जाए ताकि गांवों का विकास हो सके।
8 जीपीडीपी स्कीम को बंद किया जाए तथा गांवों में ग्राम सचिवालयों का निर्माण हो।