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शहर में किस जाति व गोत्र का दबदबा, निगम लगाएगा पता

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शहर में किस जाति व गोत्र का दबदबा, निगम लगाएगा पता
- तीन दिन 400 युवा करेंगे सर्वे, 250 पोस्ट ग्रेजुएट युवाओं को दी ट्रेनिंग, रोजगार कार्यालय से मंगवाई गई थी सूची

: 20 मार्च तक राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग को उपलब्ध कराना है सरकार को जातिगत आंकड़ा
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
शहर के अंदर किस जाति और उसके गोत्र के लोगों की संख्या ज्यादा है, इसका नगर निगम तीन दिन में पता लगाएगा। इसके लिए 400 सक्षम युवाओं की टीमें वार्ड वाइज जातिगत डाटा तैयार करेंगी। सोमवार को निगम के प्रांगण में अधिकारियों ने सर्वे की ट्रेनिंग व आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

जाट आरक्षण को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में केस चल रहा है, जहां प्रदेश सरकार द्वारा गठित राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग को अपनी रिपोर्ट देनी है। आयोग ने प्रदेश सरकार ने जातिगत ब्योरा मांगा था। सरकार सरकारी कर्मचारियों व अधिकारियों का ब्योरा तो जमा करवा चुकी है, लेकिन अब आयोग ने पूरे प्रदेश का जातिगत ब्योरा मांगा है। इसके चलते चंडीगढ़ से 20 मार्च तक सर्वे कर डाटा मांगा गया है। शहर के अंदर निगम प्रशासन जातिगत सर्वे करवाएगा। इसके लिए निगम ने रोजगार कार्यालय से 400 सक्षम युवाओं की सूची मांगी थी। उनमें से 250 पोस्ट ग्रेजवेट बेरोजगार निगम कार्यालय पहुंचे, जिसमें 90 प्रतिशत लड़कियां शामिल हैं। निगम की तरफ से पहले युवाओं की पंजीकरण की जांच की गई। इसके बाद डीएमआईसी इंद्रजीत कुलाड़िया व सीपीओ जगदीश चंद्र ने सर्वे के बारे में विस्तार से समझाया।
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हर मुखिया की जाति व गोत्र कालम में भरें
निगम की तरफ से प्रत्येक युवा को एक फार्म दिया गया है। फार्म के अंदर मात्र दो कालम हैं। जाति और जाति का प्रकार अर्थात गोत्र क्या है। सर्वे के दौरान प्रत्येक घर में जाकर केवल मुखिया की जाति व गोत्र लिखा जाएगा। इसमें पूरे परिवार के सदस्यों का अलग-अलग ब्योरा भरने की जरूरत नहीं है। सर्वे में परिवार को इकाई माना गया है। इस सर्वे फार्म को निगम कार्यालय में जमा कराया जाएगा। निगम प्रशासन उसे ऑन लाइन भरकर चंडीगढ़ भेजेगा।

5 रुपये प्रति एंट्री मिलेगा युवाओं को
ट्रेनिंग के दौरान युवाओं को बताया गया कि उन्हें प्रत्येक इंट्री के 5 रुपये मिलेंगे। एक युवा को 2 हजार तक परिवारों का जातिगत डाटा एकत्रित करने का लक्ष्य दिया जाएगा। डाटा ऑन लाइन होने पर ही निगम राशि का भुगतान करेगा।

वर्जन
निगम ने रोजगार कार्यालय 400 सक्षम युवक व युवतियों की सूची मांगी थी। पहले चरण में 250 बेरोजगार पहुंचे हैं, जिनमें 90 प्रतिशत लड़कियां हैं। तीन दिन में जातिगत ब्यौरा एकत्रित करने का टारगेट दिया गया है। जरूरत पड़ी तो अन्य सक्षम युवाओं को भी सर्वे में लगाया जाएगा, क्योंकि 20 मार्च से पहले चंडीगढ़ रिपोर्ट भेजा अनिवार्य है।
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- जगदीश चंद्र, सीपीओ नगर निगम

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चुनाव के चलते नेताओं के लिए सर्वे बेहद अहम
नेताओं के लिए चुनाव में यह जातिगत आंकड़ा बेहद अहम होता है। पहले नेता और उनके समर्थक अंदाजा लगाते थे कि किस जाति की वोट किसी गली या मोहल्ले में ज्यादा हैं, लेकिन अब सर्वे का डाटा आने से पक्के आंकड़े जा आएंगे। निगम, लोकसभा व विधानसभा चुनाव में यह आंकड़ा बेहद अहम रहेगा।
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